जाति जनगणना को लेकर कांग्रेस का बड़ा अभियान, 22 अगस्त से गांव-गांव पहुंचेगी पार्टी
यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने ओबीसी वर्ग को साधने की तैयारी शुरू कर दी है. पार्टी जाति जनगणना के फॉर्म में ओबीसी कॉलम जोड़ने की मांग पर उत्तर प्रदेश के गांव-गांव पहुंचेगी.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने ओबीसी वर्ग को साधने की तैयारी शुरू कर दी है. पार्टी जाति जनगणना के फॉर्म में ओबीसी कॉलम जोड़ने की मांग पर उत्तर प्रदेश के गांव-गांव पहुंचेगी.
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने जाति जनगणना के मुद्दे को एक बार फिर सियासी धार देने की तैयारी शुरू कर दी है. पार्टी का पिछड़ा वर्ग विभाग 22 अगस्त से प्रदेशभर में अभियान चलाएगा.
कांग्रेस की मुख्य मांग जाति जनगणना के फॉर्म में ओबीसी के लिए अलग कॉलम जोड़ने और केंद्र व राज्य की ओबीसी सूची में शामिल जातियों के आधार पर गणना कराने की है. अभियान की रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में बैठक होगी.
बैठक में जिला और शहर अध्यक्षों से फीडबैक लिया जाएगा. बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहेंगे. इसके बाद 22 अगस्त को कानपुर और 23 अगस्त को जालौन में जातिगत जनगणना और भागीदारी न्याय सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे.
गांव-गांव पहुंचेगा कांग्रेस का अभियान
कांग्रेस इस मुद्दे को केवल सम्मेलनों तक सीमित रखने के बजाय इसे जमीनी आंदोलन का रूप देने की तैयारी में है. पार्टी के मुताबिक प्रदेश के गांवों तक अभियान पहुंचाया जाएगा. जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन दिए जाएंगे, जबकि विभिन्न जिलों में पदयात्राएं भी निकाली जाएंगी.
इसके अलावा ब्लॉक स्तर पर गोष्ठी और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. अभियान के अगले चरण में जिला मुख्यालयों पर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जाएगा. कांग्रेस का कहना है कि ओबीसी का अलग कॉलम जोड़ने की मांग पूरी होने तक उसका आंदोलन जारी रहेगा.
आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी का मुद्दा
कांग्रेस जाति जनगणना को सामाजिक न्याय और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जोड़कर देख रही है. पार्टी का तर्क है कि पिछड़े वर्गों को उनकी आबादी के अनुपात में आरक्षण, संसाधनों और सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए जातियों की वास्तविक संख्या का आंकड़ा जरूरी है.
यह मुद्दा कांग्रेस के राष्ट्रीय स्तर के एजेंडे में भी लगातार बना हुआ है. हाल ही में पार्टी ने केंद्र सरकार के जनगणना फॉर्म में ओबीसी के लिए अलग कॉलम नहीं होने पर सवाल उठाया है और विस्तृत जातिगत आंकड़े जुटाने की मांग की है.
2027 से पहले सियासी जमीन मजबूत करने की कोशिश
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ जाति जनगणना का मुद्दा एक बार फिर सियासी बहस के केंद्र में आता दिख रहा है. कांग्रेस इसे पिछड़े वर्गों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरने के लिए इस्तेमाल करने की तैयारी में है.
ऐसे में 22 अगस्त से शुरू होने वाला कांग्रेस का अभियान महज संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि 2027 के चुनावी समीकरणों को साधने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है.



