जयपुर के गांव में CJP कार्यकर्ताओं का विरोध, ग्रामीणों ने स्कूल से बाहर निकाला
CJP के कार्यकर्ता जब जयपुर के बगरू क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में निरीक्षण करने पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनका विरोध किया. फिर दोनों के बीच धक्का-मुक्की भी हो गई और उनकी गाड़ियों को निशाना भी बनाया.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: CJP के कार्यकर्ता जब जयपुर के बगरू क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में निरीक्षण करने पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनका विरोध किया. फिर दोनों के बीच धक्का-मुक्की भी हो गई और उनकी गाड़ियों को निशाना भी बनाया.
राजस्थान की राजधानी जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं पर आज शुक्रवार को हमला कर दिया गया और उन्हें गांव से बाहर निकाल दिया गया. जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र स्थित सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंची CJP की टीम का ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया. स्थानीय लोगों ने दूर तक उनका पीछा किया और उनकी कई गाड़ियों में तोड़फोड़ भी की.
बगरू के रामपुरा कंवरपुरा के राजकीय प्राथमिक स्कूल में निरीक्षण करने पहुंचे CJP कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की भी हो गई. इसके बाद ग्रामीणों ने CJP कार्यकर्ताओं को गांव से बाहर निकाल दिया और खुद स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए.
गाड़ियों के शीशे और फोन तोड़े गएः रांका
CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने कहा, “हम रामपुर-कंवरपुरा गांव के स्कूल का निरीक्षण करने गए थे. पिछले कई सालों से यह स्कूल भैंसों के बाड़े में चल रहा है. हम पिछले साल भी निरीक्षण के लिए गए थे, और तब भी स्कूल भैंसों के बाड़े में ही चल रहा था. निरीक्षण के लिए हम वहां पहुंचते, उससे पहले ही उनके लोग, बीजेपी के गुंडे वहां पहुंच चुके थे.”
उन्होंने आगे कहा, “सबसे पहले हमारे स्वयंसेवकों पर हमला किया गया. वहां सभी मीडियाकर्मी मौजूद थे. पुलिस को सूचना दी गई थी, लेकिन हमारे मौके पर पहुंचने के बाद भी वे नहीं रुके.
गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए, फोन तोड़ दिए गए, एक महिला के साथ मारपीट की गई, मेरी शर्ट फाड़ दी गई और हमारी टीम के एक सदस्य का हाथ टूट गया. उन्होंने हम पर पत्थरों से भी हमला किया.”
क्या हम दूसरे देश से आए लोग हैंः शिवांगी
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर निशाना साधते हुए रांका ने कहा, “मैं मदन दिलावर से बस एक बात कहना चाहता हूं. आपके पास 48 घंटे हैं. इन गुंडों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए.
आपको यह आदेश वापस लेना होगा, वरना हम पूरे राजस्थान में राज्य-व्यापी आंदोलन शुरू करेंगे. इस बार, मामला सिर्फ़ स्कूलों तक सीमित नहीं रहेगा। इस बार हम मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग करेंगे. आज राजस्थान के लोकतांत्रिक इतिहास में एक काला दिन है.”
स्थानीय लोगों की ओर से गांव से बाहर खदेड़े जाने की कोशिश के दौरान CJP की कार्यकर्ता शिवांगी शर्मा ने कहा, “उन्होंने हमारे कार्यकर्ताओं पर हमला किया और हमें आतंकवादी और नक्सली तक कहा. यह बाहरी-भीतरी का क्या मतलब है. यह एक ही देश है. हम किसी दूसरी पार्टी या दूसरे देश से नहीं आए हैं. हम तो अपने ही देश के बच्चों की बात कर रहे हैं.”
गांव के मुख्य रास्ते पर घेराबंदी
दरअसल, CJP की टीम शुक्रवार सुबह बगरू विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा कंवरपुरा स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची थी. टीम के पहुंचने से पहले ही बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने गांव के मुख्य रास्ते पर घेराबंदी कर दी थी.
ग्रामीण आने-जाने वाली गाड़ियों की जांच करते नजर आए. इस बीच जैसे ही CJP कार्यकर्ता स्कूल पहुंचे, ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया और देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की होने लग गई.
स्कूल की जर्जर हालत, टीनशेड के नीचे पढ़ाई
ग्रामीणों और बीजेपी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्कूल की हालत सुधारने के लिए सरकार ने करीब 12 लाख 50 हजार रुपये स्वीकृत किए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि वे अपने स्तर पर स्कूल की व्यवस्था सुधार लेंगे और किसी बाहरी संगठन को स्कूल में आकर निरीक्षण करने की अनुमति नहीं देंगे.
हालांकि स्कूल की जर्जर हालत भी सामने आई है. भवन की पट्टियां टूटने के बाद बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल को बंद कर दिया गया है. करीब 50 मीटर दूर एक बाड़े में वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, जहां बच्चे टीनशेड के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं. आसपास पशुओं के लिए चारा रखा हुआ है और जर्जर दीवारों से ईंटें भी गिर चुकी हैं.
सरकारी स्कूलों की सही स्थिति सामने लाएंगेः रांका
हमले के बाद CJP की ओर से आरोप लगाया गया है कि शिक्षा व्यवस्था की बदहाली को सामने आने से रोकने के लिए सरकार ने स्कूलों में आम जनता और मीडिया के प्रवेश पर पाबंदी लगा रखी है. CJP के को-कन्वीनर आशुतोष रांका ने कहा कि संगठन सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने लाने का अभियान जारी रखेगा और किसी भी आदेश से डरने वाला नहीं है.
CJP टीम के मुताबिक, अभियान के तहत शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे वाटिका रोड स्थित भट्टा वाला राजकीय सरकारी स्कूल का भी निरीक्षण किया जाना है.
टीम यहां शैक्षणिक व्यवस्था, विद्यार्थियों को मिल रही सुविधाओं, स्कूल भवन और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेगी. साथ ही शिक्षकों और विद्यार्थियों से बातचीत कर जमीनी हकीकत जानने का प्रयास किया जाएगा.
फिलहाल रामपुरा कंवरपुरा में CJP के विरोध में ग्रामीणों का धरना जारी है. स्कूल निरीक्षण को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब सरकार की शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों में बाहरी लोगों की एंट्री के मुद्दे पर राजनीतिक बहस का रूप लेता नजर आ रहा है.



