फर्जी ITC मामले में ED का शिकंजा, गाजियाबाद समेत 3 शहरों में छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 10 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) घोटाले पर बड़ी कार्रवाई की है. PMLA के तहत मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और फरीदाबाद में 9 ठिकानों पर छापेमारी की गई.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 10 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) घोटाले पर बड़ी कार्रवाई की है. PMLA के तहत मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और फरीदाबाद में 9 ठिकानों पर छापेमारी की गई.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के लखनऊ जोनल कार्यालय ने 24 अगस्त 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और फरीदाबाद में 9 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया.
ये कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत फर्जी तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हासिल करने और उसे दूसरी कंपनियों को पास करने के मामले में की गई.
जांच का संबंध M/s Jambudwip Exports & Imports Ltd. से है. आरोप है कि कंपनी ने बिना वास्तविक रूप से माल की आवाजाही के फर्जी बिल और ई-वे बिल तैयार कर फर्जी ITC का इस्तेमाल और ट्रांसफर किया.
रकम को कई अकाउंट्स में भेजकर की गई उसकी लेयरिंग
जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क में कई फर्जी और अस्तित्वहीन कंपनियों के जरिए सर्कुलर ट्रांजैक्शन किए गए. रकम को तेजी से अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर उसकी लेयरिंग की गई और इसके बाद कई जगहों से नकद निकासी भी की गई.
GST अधिकारियों की जांच में 9.63 करोड़ रुपये के फर्जी ITC का लाभ उठाने और 10.28 करोड़ रुपये के ITC को दूसरी इकाइयों तक पहुंचाने की बात सामने आई है. इससे सरकारी राजस्व को गलत तरीके से नुकसान पहुंचा, जिसे PMLA के तहत अपराध से अर्जित आय यानी Proceeds of Crime माना गया है.
ED की तलाशी का मकसद अपराध से अर्जित रकम का पता लगाना, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लाभार्थियों की पहचान करना और फर्जी ITC नेटवर्क से संबंधित दस्तावेजी एवं डिजिटल सबूत जुटाना था. इस मामले में ED की आगे की जांच कर रही है.
ईडी ने कैसे की ये कार्रवाई?
अधिकारियों ने बताया कि इन तलाशी अभियानों का मकसद और लाभार्थियों की पहचान करना है. जांच से यह भी पता चलने की उम्मीद है कि फंड को अलग-अलग संस्थाओं के जरिए कैसे घुमाया गया और बाद में कैसे निकाला या ट्रांसफर किया गया.
ED की ये कार्रवाई GST अधिकारियों द्वारा कथित धोखाधड़ी वाले ITC ट्रांजैक्शन के बारे में मिली जानकारी के आधार पर की गई है. ये इस मामले में मनी-लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की एजेंसी की जांच का हिस्सा है.



