5 रुपये से 500 तक की राखियां, बरेली बाजार में दिख रहा रक्षाबंधन का जबरदस्त उत्साह
बारिश थमते ही बरेली के बाजारों में रक्षाबंधन की खरीदारी ने रफ्तार पकड़ ली। रंग-बिरंगी राखियों, मिठाई और उपहारों की दुकानों पर भीड़ बढ़ी, राखियां 5 से 500 रुपये तक बिक रही हैं।

बारिश के कारण पिछले दिनों बाजारों में सुस्ती छाई थी, लेकिन मौसम साफ होते ही रक्षाबंधन की तैयारियों ने बरेली के बाजारों की तस्वीर बदल दी। त्योहार से ठीक पहले दुकानों पर रंग-बिरंगी राखियां सजी हैं और खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ बढ़ने लगी है। राखी, मिठाई, कपड़े और उपहारों की दुकानों पर चहल-पहल ने कारोबारियों के चेहरे पर भी मुस्कान लौटा दी है।
रंग-बिरंगी राखियों से सजे बाजार
रक्षाबंधन को लेकर बाजारों में बच्चों से लेकर युवाओं तक की पसंद का ध्यान रखते हुए राखियों की कई वैरायटी उपलब्ध हैं। बच्चों के लिए स्पाइडरमैन और छोटा भीम जैसे कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां आकर्षण का केंद्र बनी हैं। वहीं लाइट-वॉच डिजाइन वाली राखियां भी बच्चों को पसंद आ रही हैं।
युवाओं के लिए ब्रेसलेट राखी, जुड़वा राखी, कुंदन राखी, एडी राखी और फैमिली पैकेज जैसे विकल्प दुकानों पर मौजूद हैं। राखियों की कीमत करीब 5 रुपये से शुरू होकर डिजाइन के हिसाब से 400-500 रुपये तक पहुंच रही है।
बारिश के बाद बढ़ी खरीदारी, ऑनलाइन बाजार की चुनौती
दुकानदारों के मुताबिक बारिश के कारण बीते दिनों बिक्री प्रभावित हुई थी। मौसम साफ होते ही ग्राहक बाजार का रुख करने लगे हैं और राखियों के साथ मिठाई, कपड़े तथा उपहारों की खरीदारी भी बढ़ रही है।
हालांकि, कारोबारियों का कहना है कि ऑनलाइन शॉपिंग का असर पारंपरिक बाजार की बिक्री पर पड़ा है। इसके बावजूद त्योहार के नजदीक आने के साथ स्थानीय दुकानों पर ग्राहकों की संख्या बढ़ने से व्यापारियों को अच्छी बिक्री की उम्मीद है।
बहनों में उत्साह, बाजार में सुरक्षा की तैयारी
बाजार में खरीदारी करने पहुंची बहनें रक्षाबंधन को लेकर उत्साहित नजर आईं। उनका कहना है कि यह भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व है, इसलिए वे भाइयों के लिए पसंदीदा राखी और उपहार चुन रही हैं।
बाजारों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय व्यापारियों की ओर से व्यवस्था बनाए रखने की तैयारियां की जा रही हैं। मौसम खुलने के बाद बाजारों में लौटी रौनक से त्योहार का उत्साह भी साफ दिखाई दे रहा है।
रिपोर्ट – सुनील सक्सेना, बरेली
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