छह-सात महीने में हुआ प्रसव, महिला ने एक साथ चार बच्चों को दिया जन्म; अस्पताल में खुशी
सीतापुर के रेउसा सीएचसी में महिला ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया। तीन बेटे और एक बेटी हैं। छह-सात महीने में हुए प्रसव के बाद नवजातों को NBSU में निगरानी में रखा गया।

सीतापुर के रेउसा में एक प्रसव ने अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों को भी उत्साहित कर दिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक महिला ने एक साथ चार नवजातों को जन्म दिया। इनमें तीन पुत्र और एक पुत्री हैं। खास बात यह है कि सीएचसी रेउसा में एक साथ चार बच्चों के जन्म का यह पहला मामला बताया जा रहा है।
सात माह के गर्भ में कराया गया प्रसव
बिसवां तहसील क्षेत्र के राजपुर केवटाना गांव निवासी कमली पत्नी रंजीत को प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी रेउसा लाया गया था। चिकित्सकों के अनुसार महिला का प्रसव निर्धारित समय से पहले, करीब छह से सात महीने के गर्भकाल में हुआ।
स्टाफ नर्स सीमा के नेतृत्व में चिकित्सकीय टीम ने प्रसव कराया। एक साथ चार बच्चों के जन्म के बाद अस्पताल में खुशी का माहौल बन गया। जन्म के तुरंत बाद चारों नवजातों की स्वास्थ्य जांच की गई।
तीन बेटे और एक बेटी, एनबीएसयू में निगरानी
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक चारों नवजात फिलहाल स्वस्थ हैं। हालांकि समय से पहले जन्म होने के कारण उनकी विशेष निगरानी जरूरी है। बेहतर देखभाल के लिए चारों बच्चों को न्यूबॉर्न स्टेबिलाइजेशन यूनिट (NBSU) में भर्ती कराया गया है।
वहीं प्रसूता की स्थिति को देखते हुए उसे आगे के उपचार और निगरानी के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। चिकित्सकीय टीम मां और बच्चों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
रेउसा सीएचसी में पहली बार चार बच्चों का जन्म
चिकित्सकों के अनुसार एक साथ चार शिशुओं का जन्म दुर्लभ परिस्थितियों में होता है। ऐसे मामलों में समय से पहले प्रसव होने पर नवजातों को विशेष निगरानी और देखभाल की आवश्यकता पड़ सकती है।
सीएचसी रेउसा प्रशासन ने बताया कि संस्थान में एक साथ चार बच्चों के जन्म का यह पहला मामला है। फिलहाल अस्पताल की टीम चारों नवजातों और उनकी मां के स्वास्थ्य पर नजर रख रही है।
रिपोर्ट – वली चौधरी, सीतापुर
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