6 महीने की उम्र में खोया पैर, फिर भी नहीं छोड़ी पढ़ाई; 7 साल की रागिनी के लिए आया मदद का हाथ

बलिया की 7 साल की रागिनी एक पैर के सहारे 400 मीटर दूर स्कूल जाती थी। अब उसे व्हीलचेयर, बैसाखी और 25 हजार रुपये की मदद मिली है। जल्द कृत्रिम पैर के लिए कानपुर ले जाया जाएगा।

4पीएम न्यूज नेटवर्क:  बलिया की सात साल की रागिनी की कहानी जितनी दर्दनाक है, उससे कहीं ज्यादा उसके हौसले की कहानी प्रेरित करती है। महज छह महीने की उम्र में एक हादसे में अपना पैर गंवाने के बावजूद रागिनी करीब 400 मीटर दूर स्कूल जाने के लिए एक पैर के सहारे कूदते हुए पहुंचती थी। अब उसकी पढ़ाई और रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाने के लिए मदद का हाथ बढ़ाया गया है।

व्हीलचेयर, बैसाखी और 25 हजार रुपये की मदद

आम आदमी पार्टी की ओर से बुधवार को रागिनी के परिवार से मुलाकात की गई। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सर्वेश मिश्रा, बलिया जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव और महासचिव अंजनी तिवारी ने रागिनी को व्हीलचेयर, बैसाखी, कॉपी-किताब और कलम के साथ 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी।

पार्टी के मुताबिक, राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने फोन और वीडियो कॉल के जरिए रागिनी व उसके परिवार से बात कर उसका हाल जाना और आगे भी हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

जल्द कानपुर ले जाया जाएगा, लगेगा कृत्रिम पैर

संजय सिंह ने कहा कि रागिनी की शारीरिक परेशानी उसकी पढ़ाई के रास्ते में बाधा नहीं बननी चाहिए। उनके मुताबिक, पार्टी के कार्यकर्ता रागिनी को कृत्रिम पैर लगवाने के लिए कानपुर स्थित एलिम्को (भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम) लेकर जाएंगे।

पार्टी का कहना है कि कृत्रिम पैर मिलने के बाद रागिनी के लिए स्कूल आना-जाना और दैनिक गतिविधियां पहले की तुलना में आसान हो सकती हैं।

रागिनी के हौसले को बताया मिसाल

सर्वेश मिश्रा ने कहा कि रागिनी की मदद के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं में सेवा भावना को और मजबूती मिली है। वहीं संजय सिंह ने रागिनी के संघर्ष को उसकी बहादुरी की मिसाल बताते हुए कहा कि संसाधनों की कमी से जूझ रहे बच्चों की मदद करना जरूरी है। परिजनों ने इस पहल के लिए संजय सिंह और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं का आभार जताया।

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