बारिश में डूबा बरेली, मेयर उमेश गौतम के स्मार्ट सिटी के दावों की खुली पोल. स्मार्ट सिटी मे भ्रष्टाचार लगा आरोप
बरेली में तेज बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित हुआ। घरों और दुकानों में पानी घुसा। स्मार्ट सिटी और नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था पर लोगों ने सवाल उठाए।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: तेज बारिश ने बरेली की जल निकासी व्यवस्था की हकीकत सामने ला दी। शहर के कई प्रमुख इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं और घरों-दुकानों तक बारिश का पानी पहुंच गया। रामपुर गार्डन, सिविल लाइन, सुभाषनगर, मॉडल टाउन, बमनपुरी, स्टेडियम रोड, दरगाह आला हजरत मोड़, मलूकपुर बजरिया, सौदागरान और हरु नगला समेत कई इलाकों में एक से डेढ़ फीट तक पानी भरने की सूचना है।
कई इलाकों मे घर मे बरसात का पानी घुस गया . शहर मे जल भराव स्मार्ट सिटी के भ्रष्टाचार का जीता जागता प्रमाण है. लोग सोशल मीडिया पर नगर निगम और मेयर उमेश गौतम को जमकर कोस रहे है.
पॉश इलाकों से बाजार तक पानी ही पानी
जलभराव का असर सिर्फ निचले इलाकों तक सीमित नहीं रहा। पॉश कॉलोनियों में भी लोग घुटनों तक पानी से गुजरने को मजबूर हुए। कई वाहन पानी में बंद हो गए। दुकानों में पानी पहुंचने से व्यापारियों को सामान खराब होने का डर सताने लगा। सरकारी परिसरों से पानी निकालने के लिए दो से तीन पंप लगाने पड़े।
पहली तेज बारिश में सामने आई व्यवस्था की चुनौती
बमनपुरी, मॉडल टाउन, स्टेडियम रोड, डीजीपुरम, डेलीपार चौराहा और विकास भवन रोड पर भी जलभराव रहा। सीएम ग्रिड योजना के तहत निर्माणाधीन सड़कें भी पानी में डूबी नजर आईं। पानी में गड्ढे दिखाई नहीं देने से दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बढ़ गया। दरगाह आला हजरत मोड़ के पास एक महिला के गिरने पर दुकानदार ने उसे बाहर निकाला।
सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा, स्थायी समाधान की मांग
जलभराव के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद नगर निगम और मेयर उमेश गौतम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए। लोगों ने नालों की सफाई और जल निकासी की तैयारियों के दावों पर सवाल खड़े किए। वहीं पुराने शहर के कांकरटोला में बारिश के दौरान कब्रिस्तान की दीवार गिर गई, हालांकि कोई इसकी चपेट में नहीं आया।
शहरवासियों का कहना है कि उन्हें हर साल दावों के बजाय जलभराव का स्थायी समाधान चाहिए। स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और करोड़ों रुपये के विकास कार्यों के बीच यह सवाल अब और गंभीर हो गया है कि तेज बारिश के दौरान शहर को जलमग्न होने से कब राहत मिलेगी।
रिपोर्ट: सुनील सक्सेना, बरेली
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