WhatsApp की 270 पन्नों की चैट में छिपा बड़ा राज, 91 सवालों ने बढ़ाया सस्पेंस
MPSC ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा पेपर लीक केस में क्राइम ब्रांच को 270 पन्नों की WhatsApp चैट हाथ लगी है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: MPSC ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा पेपर लीक केस में क्राइम ब्रांच को 270 पन्नों की WhatsApp चैट हाथ लगी है. आरोपी ऋतुजा पाटिल और गौरव पाटिल के बीच हुई चैट में प्रश्नपत्र लेनदेन, 5 लाख की मांग का जिक्र है.
MPSC ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा पेपर लीक मामले में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच तेजी से जांच आगे बढ़ा रही है. परीक्षा में 7वीं रैंक हासिल करने वाली आरोपी ऋतुजा पाटील, उसके पिता अमृत पाटील और अन्य सह-आरोपियों से पूछताछ की जा रही है.
इस दौरान कई अहम खुलासे हो रहे हैं. इस बीच क्राइम ब्रांच को अहम डिजिटल सबूत हाथ लगने का दावा किया गया है. आरोपी ऋतुजा पाटील का मोबाइल फोन उल्हास नदी में फेंके जाने की बात सामने आई है.
270 पन्नों की WhatsApp चैट से जांच को नई दिशा मिली है. मामले में सह-आरोपी लोकेश उर्फ गौरव पाटील के मोबाइल से ऋतुजा और गौरव के बीच हुई करीब 270 पन्नों की WhatsApp चैट क्राइम ब्रांच ने हासिल की है. जांच एजेंसी के मुताबिक, इन चैट्स के जरिए 22 मार्च 2026 को हुई MPSC परीक्षा से पहले कथित तौर पर प्रश्न पत्र या प्रश्नसंच (Question Bank) की लेनदेन के पूरे क्रम की जांच की जा रही है.
चैट में परीक्षा में आने वाले सवालों का जिक्र
जांच के अनुसार, 20 मार्च की चैट में ऋतुजा ने एक प्रश्नसंच (Question Bank) के कुछ सवालों के परीक्षा में आने की संभावना का उल्लेख किया था. इसके साथ ही, अन्य 10 सवालों को जानबूझकर गलत हल करने की बात कही गई थी, ताकि किसी को कोई संदेह न हो.
वहीं, 22 मार्च की चैट में ऋतुजा ने कथित तौर पर दावा किया कि दिए गए प्रश्नों में से 78 सवाल परीक्षा में आए थे. जांच एजेंसी का दावा है कि चैट में 13 अन्य सवाल हल करने का भी उल्लेख है, जिससे कुल 91 सवाल हल किए जाने की बात सामने आती है.
वांटेड आरोपी मयूर ठाकरे की भी बात
इन WhatsApp चैट्स में मामले के वांटेड आरोपी मयूर ठाकरे का भी जिक्र किया गया है. क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक मामले में मयूर ठाकरे की वास्तविक भूमिका क्या थी और उसका अन्य आरोपियों से किस तरह संपर्क था.
चैट में कथित तौर पर ऋतुजा के पिता द्वारा मयूर ठाकरे को मामले की जानकारी किसी को भी, यहां तक कि परिवार के सदस्यों को भी नहीं बताने के लिए कहा गया था.
पेपर के लिए 5 लाख रुपये की मांग
जांच में सामने आई चैट्स में पेपर के लिए 5 लाख रुपये की मांग किए जाने का भी उल्लेख है. चैट में अगले दिन तक रकम जुटाने को लेकर बातचीत होने का दावा किया गया है. ऋतुजा का मोबाइल फोन अभी तक बरामद नहीं हुआ है. ऐसे में गौरव पाटील के मोबाइल से मिली 270 पन्नों की WhatsApp चैट जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत मानी जा रही है..
क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर लीक में और कौन-कौन लोग शामिल थे, प्रश्न पत्र या प्रश्नसंच किस-किस के जरिए आगे पहुंचा और मयूर ठाकरे की इसमें क्या भूमिका थी. मामले की आगे की जांच जारी है.



