बांदा में हजारों लोगों का शक्ति प्रदर्शन, यूजीसी और आरक्षण को लेकर उठी बड़ी मांग
बांदा में सवर्ण समाज ने यूजीसी, एससी-एसटी एक्ट और आरक्षण व्यवस्था के मुद्दे पर बड़ा प्रदर्शन किया। महाराणा प्रताप चौक से कलेक्ट्रेट तक मार्च के बाद राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बांदा में रविवार को सवर्ण समाज ने अपनी मांगों को लेकर बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। जिले के अलग-अलग इलाकों से पहुंचे लोगों ने महाराणा प्रताप चौक से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान यूजीसी रोल बैक, एससी-एसटी एक्ट और आरक्षण व्यवस्था को लेकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
महाराणा प्रताप चौक से कलेक्ट्रेट तक मार्च
सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग महाराणा प्रताप चौक पर जुटने लगे। हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट की ओर पैदल मार्च किया। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि आंदोलन में करीब 5 हजार से अधिक लोग शामिल हुए।
कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद परिसर में भीड़ जुट गई। प्रदर्शनकारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की और समान कानून तथा समान व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में सवर्ण समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सिटी मजिस्ट्रेट को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में यूजीसी से जुड़े मुद्दों, एससी-एसटी एक्ट और आरक्षण व्यवस्था को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए बदलाव की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने सभी नागरिकों के लिए समान कानून और समान व्यवस्था लागू करने की मांग भी उठाई।
मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को आगे और व्यापक किया जाएगा। हालांकि, इन मांगों और उनके प्रभाव को लेकर अंतिम निर्णय सरकार एवं संबंधित संस्थाओं की नीतियों और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होगा।
बांदा में हुए इस प्रदर्शन ने यूजीसी, आरक्षण और एससी-एसटी एक्ट को लेकर चल रही सार्वजनिक बहस को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
रिपोर्ट – इक़बाल खान, बांदा
यह भी पढ़ें: सत्य निकेतन हादसे में MCD का एक्शन, डिप्टी कमिश्नर और 5 इंजीनियर सस्पेंड



