AAP का नंबर-1 बनने का मिशन, 56 हजार बूथों पर 2500 पदाधिकारियों की तैनाती

गुजरात में आम आदमी पार्टी ने संगठन को मजबूत करने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है... पार्टी की रणनीति के तहत 56 हजार बूथों पर...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात की राजनीति में आम आदमी पार्टी ने अपने संगठन को मजबूत करने के लिए एक बड़े अभियान का ऐलान किया है.. AAP गुजरात के राज्य प्रभारी गोपाल राय ने घोषणा की है कि पार्टी 10 सितंबर से 10 अक्टूबर तक पूरे एक महीने के लिए ‘बूथ संगठन निर्माण अभियान’ चलाएगी.. इस अभियान के जरिए पार्टी का लक्ष्य गुजरात के 56 हजार बूथों तक अपने संगठन को मजबूत तरीके से पहुंचाना है.. AAP का कहना है कि केवल चुनाव के समय सक्रिय रहने के बजाय संगठन को लगातार जनता के बीच मौजूद रखने की दिशा में यह एक बड़ा कदम होगा.. पार्टी इस अभियान के माध्यम से जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका देने की तैयारी में है..

इस अभियान के तहत आम आदमी पार्टी गुजरात के करीब 56 हजार बूथों पर संगठन खड़ा करने की योजना बना रही है.. पार्टी का मानना है कि किसी भी राजनीतिक संगठन की असली ताकत उसके जमीनी ढांचे.. और बूथ स्तर पर मौजूद कार्यकर्ताओं से तय होती है.. इसी सोच के साथ AAP ने बूथ स्तर पर अपने संगठन को मजबूत करने का लक्ष्य रखा है.. पार्टी की कोशिश होगी कि गुजरात के हर बूथ तक संगठन की पहुंच बने.. और वहां स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार कार्यकर्ताओं की टीम तैयार हो.. इसके जरिए पार्टी जनता की समस्याओं, स्थानीय मुद्दों.. और क्षेत्रीय जरूरतों को सीधे संगठन तक पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत करना चाहती है.. यानी अभियान का फोकस केवल चुनावी तैयारी नहीं, बल्कि लगातार जनसंपर्क पर भी रहेगा..

गोपाल राय के मुताबिक, इस अभियान के दौरान संगठन को मजबूत करने के लिए करीब 2,500 पदाधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी.. इन पदाधिकारियों की जिम्मेदारी संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने.. और स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करने की होगी.. पार्टी की योजना है कि जिम्मेदार पदाधिकारियों के माध्यम से संगठन की गतिविधियों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जाए.. इन नियुक्तियों के जरिए AAP यह सुनिश्चित करना चाहती है कि प्रदेश स्तर पर लिए गए फैसलों.. और रणनीतियों का असर सीधे बूथ स्तर तक दिखाई दे.. साथ ही स्थानीय कार्यकर्ताओं को भी स्पष्ट जिम्मेदारी देने की कोशिश की जाएगी.. ताकि संगठन के भीतर जवाबदेही और सक्रियता दोनों को बढ़ाया जा सके..

AAP का यह अभियान केवल पदाधिकारियों की नियुक्ति तक सीमित नहीं रहने वाला है.. पार्टी की योजना लोगों के अधिकारों और जन-आंदोलनों से जुड़े मुद्दों को भी संगठन की रणनीति का हिस्सा बनाने की है.. इसके तहत स्थानीय जनता से जुड़े सवालों को पहचानने.. उन्हें संगठन के स्तर पर उठाने और जरूरत पड़ने पर जनआंदोलन खड़ा करने की रणनीति तैयार की जाएगी.. पार्टी का मानना है कि जनता से जुड़े मुद्दों पर लगातार सक्रिय रहकर ही जमीनी स्तर पर राजनीतिक विश्वास बनाया जा सकता है.. इसलिए बूथ संगठन को केवल चुनावी मशीनरी के रूप में नहीं, बल्कि स्थानीय समस्याओं.. और जनता की आवाज को सामने लाने वाले माध्यम के तौर पर विकसित करने की कोशिश की जा रही है..

गुजरात में AAP की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा स्थानीय स्तर पर जनता के साथ सीधा संपर्क बढ़ाना भी है.. पार्टी चाहती है कि उसके कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों के बीच लगातार मौजूद रहें.. और उनकी समस्याओं को समझें.. इसके लिए बूथ स्तर पर बैठकों, जनसंपर्क और स्थानीय मुद्दों पर संवाद को बढ़ावा दिया जा सकता है.. पार्टी की कोशिश होगी कि आम लोगों की समस्याएं केवल चुनावी घोषणापत्र तक सीमित न रहें.. बल्कि संगठन के रोजमर्रा के काम का हिस्सा बनें.. AAP का मानना है कि अगर बूथ स्तर का संगठन मजबूत होगा.. तो जनता से मिलने वाली प्रतिक्रिया को भी तेजी से पार्टी की रणनीति में शामिल किया जा सकेगा.. और संगठन अधिक प्रभावी तरीके से काम कर पाएगा..

इस अभियान के जरिए आम आदमी पार्टी गुजरात में अपने कार्यकर्ताओं को भी नई जिम्मेदारियां देने की तैयारी कर रही है.. संगठन के विस्तार के साथ पार्टी का उद्देश्य स्थानीय कार्यकर्ताओं को नेतृत्व की भूमिका में आगे लाना है.. बूथ स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को अपने क्षेत्र की राजनीतिक.. और सामाजिक परिस्थितियों की बेहतर समझ होती है.. ऐसे में पार्टी इन्हीं कार्यकर्ताओं के जरिए स्थानीय स्तर पर अपनी गतिविधियों को मजबूत करना चाहती है.. 2,500 पदाधिकारियों की नियुक्ति को इसी व्यापक संगठनात्मक योजना का हिस्सा माना जा रहा है.. इसके माध्यम से पार्टी प्रदेश और जिला स्तर के नेतृत्व के साथ बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश करेगी.. ताकि संगठन का ढांचा अधिक प्रभावी और सक्रिय हो सके..

AAP के इस अभियान के पीछे एक स्पष्ट राजनीतिक लक्ष्य भी दिखाई देता है.. पार्टी ने घोषणा की है कि वह एक महीने के भीतर संगठनात्मक स्तर पर गुजरात की नंबर वन पार्टी बनने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है.. हालांकि यह लक्ष्य कितना सफल होता है.. यह आने वाले समय में संगठन के विस्तार.. और जमीनी सक्रियता से तय होगा.. लेकिन पार्टी की ओर से यह घोषणा बताती है कि गुजरात में AAP अपने संगठन को लेकर गंभीर.. और आक्रामक रणनीति अपनाने की तैयारी में है.. 56 हजार बूथों तक संगठन पहुंचाने और हजारों पदाधिकारियों को जिम्मेदारी देने की योजना के जरिए पार्टी राज्य की राजनीति में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करना चाहती है..

 

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