पिता ने बेटे की आखिरी निशानी भी कर दी दान, अर्पित की आंखों से अब दिखेगी दुनिया

किसी ने अपना इकलौता बेटा खोया, तो किसी की आस मलबे में दफन हो गई… दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए हादसे की कहानी यही है, जिसने हर आंख में पानी ला दिया.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: सत्य निकेतन पीजी हादसे में जान गंवाने वाले दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र अर्पित जाज के पिता ने बेटे की दोनों कॉर्निया दान कर मानवता की मिसाल पेश की.

इससे दो दृष्टिबाधित लोगों को नई रोशनी मिलेगी.किसी ने अपना इकलौता बेटा खोया, तो किसी की आस मलबे में दफन हो गई… दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए हादसे की कहानी यही है, जिसने हर आंख में पानी ला दिया.

मध्य प्रदेश के देवास का रहने वाला 19 साल का अर्पित जाज भी इस हादसे में काल के गाल में समा गया, लेकिन दुख की इस घड़ी में भी अर्पित के पिता भूपेंद्र जाज ने मानवता की ऐसी मिशाल पेश की है, जिसकी चर्चा हर ओर हो रही है.

अर्पित के पिता ने मंगलवार को एम्स ट्रॉमा सेंटर में पोस्टमार्टम के दौरान अपने बेटे की दोनों कॉर्निया दान कर दी. अर्पित के अलावा इस हादसे में जान गंवाने वाले एक अन्य छात्र का भी परिजनों ने नेत्रदान कराया.

जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के सोनभद्र के रहने वाले अभिषेक कुमार की भी कॉर्निया उसके परिजनों ने दान की है. अब इन दोनों के कॉर्निया दान होने से दृष्टिबाधित लोगों को रौशनी मिल सकेगी.

रक्षाबंधन मनाकर घर लौटा था अर्पित

अर्पित रविवार रक्षाबंधन मनाकर घर लौटा था. उसने अपने मां-बाप को अपने अच्छे से दिल्ली पहुंच जाने की सूचना भी दी थी. जब हादसे की सूचना परिवारवालों को मिली तो वो बदहवास हो गए और आनन-फानन में दिल्ली पहुंचे.

अर्पित के पिता ने मंगलवार को एम्स ट्रॉमा सेंटर में पोस्टमार्टम के दौरान अपने बेटे की दोनों कॉर्निया दान कर दी. इस नेत्रदान से कम से कम दो दृष्टिबाधित लोग दुनिया देख सकेंगे.

बेटे का कॉर्निया दान करने का फैसला था मुश्किल

अभी नेत्रदान पखवाड़ा भी चल रहा है. अपने इकलौते बेटे को खोने के दर्द में माता-पिता एम्स के ट्रॉमा सेंटर में दिखे. दोनों का रो-रोकर बुरा हाल था. दोनों के लिए बेटे का कॉर्निया दान करने का फैसला बहुत मुश्किल था.

फिर भी उन्होंने ये कठिन फैसला किया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अर्पित के पिता ने कहा कि रक्षाबंधन मनाकर उनका बेटा दिल्ली आया था. सभी कह रहे हैं कि पीजी का भवन जर्जर था. उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी.

बीकॉम सेकेंड इयर का छात्र था अर्पित

अर्पित दिल्ली यूनिवर्सिटी के आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज में बीकॉम सेकेंड ईयर का छात्र था. अर्पित अपने मां-बाप का इकलौता बेटा था. उसकी एक बड़ी बहन है.

रक्षाबंधन में वो राखी बंधवाने घर गया था. शनिवार रात को दिल्ली वापस आने के लिए ट्रेन में बैठा था. रविवार सुबह दिल्ली पहुंचने की जानकारी घर पर दी. इसके बाद लगभग 12 बजे अर्पित ने मां से बात की थी. दोपहर 2 बजे मांं ने वीडियो कॉल किया तो उठा नहीं.

रात भरव बेटे की तलाश में भकटते रहे थे मां-बाप

इसके बाद शाम को अर्पित के दोस्तों ने बताया कि पीजी की इमारत गिर गई है, जिसमें अर्पित दब गया है. फिर परिजन करीब 10 बजे फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे. उसके माता-पिता एयरपोर्ट से सीधा एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, लेकिन अर्पित का वहां उनको कुछ पता नहीं चला. फिर वो घटनास्थल पर गए. वहां भी अर्पित का कुछ पता नहीं चला. रात भर वो भकटते रहे.

इसके बाद एम्स ट्रॉमा सेंटर उनको डेड बॉडी होने की सूचना मिली. मंगलवार को सुबह लगभग 6.30 बजे वो फिर से एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचे. इसके बाद अर्पित के माता-पिता ने उसकी पहचान की.

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