‘पहले शिकायत की, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई’… युवक की मौत के बाद पुलिस के खिलाफ फूटा गुस्सा

कानपुर देहात में युवक की संदिग्ध मौत के बाद परिजनों ने शव सड़क पर रखकर 15 घंटे से जाम लगाया है। पुलिस पर मारपीट की शिकायत में समझौता कराने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की गई है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कानपुर देहात में युवक की संदिग्ध मौत के बाद मामला सड़कों पर पहुंच गया है। परिजनों और सैकड़ों ग्रामीणों ने मूसानगर-रायपुर मुख्य मार्ग पर शव रखकर टेंट लगा दिया और करीब 15 घंटे से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि युवक के साथ मौत से तीन दिन पहले मारपीट हुई थी और शिकायत के बावजूद पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बजाय दबाव बनाकर समझौता करा दिया।

15 घंटे से सड़क पर शव, ग्रामीणों में आक्रोश

मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। तनाव को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल और फायर विभाग की गाड़ियां तैनात की गई हैं। परिजन एसपी, सीओ, एसओ और चौकी प्रभारी के निलंबन के साथ उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़े हैं।

परिजनों का कहना है कि करीब 15 घंटे बाद एएसपी मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने परिवार की पूरी बात सुनी। वहीं, डीएम और एसपी के मौके पर नहीं पहुंचने को लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी है।

मारपीट के तीन दिन बाद हुई युवक की मौत

परिजनों के मुताबिक 4 तारीख को दबंगों ने युवक के साथ मारपीट की थी। युवक ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। आरोप है कि मुकदमा दर्ज करने के बजाय पुलिस ने दबाव बनाकर समझौता करा दिया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि एससी-एसटी एक्ट में कार्रवाई की धमकी देकर समझौता कराया गया।

परिवार का दावा है कि पहले भी उनके एक बेटे की हत्या हो चुकी है और उस मामले का एक मुख्य आरोपी अभी फरार है। फरार आरोपी से खतरे को लेकर परिवार ने कई बार सुरक्षा की मांग की थी।

पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग

परिजनों का आरोप है कि उन्होंने सुरक्षा के लिए सात बार एसपी कार्यालय जाकर गुहार लगाई थी। प्रदर्शनकारियों ने सीओ संजय सिंह के खिलाफ भी नारेबाजी की और पुलिस की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की।

परिवार ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर और कार्रवाई की मांग करते हुए मुख्यमंत्री के आने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी है। अब प्रशासन के सामने जाम खुलवाने के साथ तनावपूर्ण स्थिति को संभालने की चुनौती है। युवक की मौत की वास्तविक वजह और पुलिस पर लगाए गए आरोप जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।

रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा, कानपुर

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