बुढ़ाना में भाजपा के प्रति फूटा किसानों का गुस्सा

सरकार विज्ञापन में, किसान बर्बादी में, 4 किसानों ने एक सुर में कहा बीजेपी नहीं तो वोट नहीं,027 में जवाब देंगे

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
बुढ़ाना / मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना विधानसभा में किसानों का गुस्सा अब सडक़ों पर आ गया है। चार अलग-अलग किसानों, अनुज बालियान, विकास त्यागी, सुधीर और एक अन्य किसान ने भाजपा सरकार पर एक साथ हमला बोला। सबका एक ही नारा – चीनी महंगी, गन्ना सस्ता नहीं चलेगा, MSP दो या कुर्सी छोड़ो।
बुढ़ाना में एक ही गूंज -एमएसपी गारंटी कानून लाओ, नहीं तो जाओ। चारों किसानों की बातों से साफ है – बुढ़ाना का किसान अब विज्ञापन नहीं, दाम चाहता है। ट्रेड डील, आवारा पशु, नकली खाद, भ्रष्टाचार और बीजेपी को लेकर गांव-गांव में आक्रोश है।

सम्मान निधि दान में दे देंगे, एमएसपी दे दो, नहीं तो यह आखिरी चुनाव होगा : अनुज बालियान

अनुज बालियान ने सबसे तीखा हमला किया। बोले, सरकार ने अखबारों में बड़े-बड़े विज्ञापन छपवा दिए, जमीन पर किसान को कुछ नहीं मिला। भाजपा का सारा मामला फर्जी है, श्वङ्करू से जीतते हैं। चीनी महंगी हो गई, गन्ना वहीं का वहीं। घर में चाय बनाकर पीते थे, वो भी छिन गई। इथेनॉल में हमारा गन्ना खपा दिया, मुनाफा कंपनी को। किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, आय दोगुनी – तीनों जुमला हैं। हमें भीख नहीं चाहिए। हम सम्मान निधि दान में दे देंगे, अपनी जेब से भी दान दे देंगे, बस रूस्क्क दे दो। पेस्टिसाइड पहले नाममात्र लगता था, अब बिना जहर फसल नहीं होती, वो भी नकली, कोई जांच नहीं। त्रस्ञ्ज से छोटा व्यापारी भी तबाह। ट्रेड डील तो किसानों को फांसी देने का ऑर्डर है, चैनलों से गायब करा दिया लेकिन गांव में हाहाकार है। एमएसपी गारंटी नहीं तो एक भी किसान वोट नहीं देगा। भाजपा फिर आई तो यह आखिरी चुनाव होगा।

यूरिया लेने जाओ तो लाठी भुगतान मांगो तो तारीख 2०27 में हिसाब होगा : सुधीर

सुधीर जी बोले, किसान को भुगतान नहीं मिल रहा, धरना करो तो सुनवाई नहीं। यूरिया लेने जाओ तो ल_ बजाते हैं। इस सरकार ने किसान को हर जगह लाइन में खड़ा कर दिया है। चीनी महंगी, एथेनॉल में गन्ना, पर किसान को लाभ जीरो। किसान इस सरकार के साथ नहीं है। समय रहते काम नहीं किया तो 2027 विधानसभा में हम सब मिलकर जवाब देंगे।

‘आधार-पैन मांगकर डरा रही सरकार, चीनी तीन गुना कर दो पर गन्नेे का दाम दो’

तीसरे किसान ने कहा, सरकार दबाव बनाने के लिए किसान संगठनों से आय का ब्यौरा, आधार, पैन, रिश्तेदारों तक की डिटेल मांग रही है, यह शोषण है। भ्रष्टाचारी अपनी तनख्वाह बढ़ा लेते हैं, किसान की आय कोई नहीं देखता। हमें जो मिला संघर्ष से मिला। पहले पेस्टिसाइड अच्छा आता था, अब घटिया और महंगा, शिकायत पर जांच नहीं।चीनी महंगी है तो तीन गुना कर दो, पर गन्ने का दाम तो बढ़ा दो। चीनी के दाम बढ़े, सोने के दाम बढ़े, बाबू की तनख्वाह बढ़ी, तो किसान का अनाज क्यों सस्ता? हम भी इंसान हैं, अन्नदाता हैं। सही रेट दे दो, बात खत्म।

आय दोगुनी नहीं, आधी हो गई गांव में 3० आवारा पशु, नौजवानों की जान गई : विकास त्यागी

विकास त्यागी बोले, किसान बर्बादी की कगार पर है। आय दोगुनी का वादा था, आधी हो गई। खाद नहीं, यूरिया नहीं, एमएसपी नहीं। स्वामीनाथन रिपोर्ट ठंडे बस्ते में। यह सरकार किसान के हक में है ही नहीं।मेरे गांव में 25-30 आवारा पशु घूमते हैं, फसल तबाह, सडक़ पर एक्सीडेंट, मेरे क्षेत्र के कई नौजवानों की जान चली गई। अधिकारी बेलगाम, भ्रष्टाचार चरम पर। बिना रिश्वत फाइल नहीं हिलती। हम सरकार के साथ हैं, अगर स्वामीनाथन लागू करे, रूस्क्क दे, भ्रष्टाचार खत्म करे, रोजगार दे, गन्ने का दाम दे। जो किसान के हक में रहेगा, हम उसी की सरकार बनाएंगे।

बुढ़ाना विधानसभा एक नजर

बुधाना विधानसभा क्षेत्र भारत के उत्तर प्रदेश विधानसभा के 4०3 निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है । यह मुजफ्फरनगर जिले का हिस्सा है और मुजफ्फरनगर लोकसभा क्षेत्र के छह विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। इस विधानसभा क्षेत्र में पहला चुनाव 1957 में अंतिम आदेश डीसी (1953-1955) पारित होने के बाद हुआ था। 1967 में परिसीमन आदेश (1967 पारित होने के बाद यह निर्वाचन क्षेत्र अस्तित्व में नहीं रहा। 2००8 में, संसदीय और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन आदेश, 2००8 के दौरान इस विधानसभा क्षेत्र का पुन: सृजन किया गया। बुढ़ाना विधानसभा क्षेत्र का विस्तार बुढ़ाना तहसील (बुढ़ाना केसी के पीसी नाला, ताहरपुर भबीसा, कनियान, सल्फा और सुन्ना को छोडक़र) है। इस निर्वाचन क्षेत्र में पहला चुनाव 1957 में हुआ था।

राजनीतिक इतिहास

परिसीमन के बाद इस सीट पर अलग-अलग दलों के विधायक चुने जाते रहे हैं। 22 विधानसभा चुनाव: राष्ट्रीय लोक दल (रालेद) के राजपाल सिंह बलियान ने जीत दर्ज की। उन्होंने भाजपा के उमेश मलिक को हराया था। 17 विधानसभा चुनाव- भारतीय जनता पार्टी के उमेश मलिक विधायक बने। 12 विधानसभा चुनाव- समाजवादी पार्टी के नवाजिश आलम खान ने यह सीट जीती थी। प्रसिद्ध किसान नेता चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत का गांव सिसौली भी 11 के परिसीमन के बाद इसी बुढ़ाना विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा बना।

नवीन गौड़ की संपत्ति की जांच की मांग

सीएम को 27 बिंदुओं का शिकायत पत्र

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नगर निगम लखनऊ की म्युनिसिपल को-ऑपरेटिव सोसायटी के सचिव नवीन गौड़ के खिलाफ कर्मचारियों के साथ कथित धोखाधड़ी, ऋण वितरण में अनियमितता और आय से अधिक संपत्ति अर्जित किए जाने के आरोपों को लेकर शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता राहुल कुमार वाल्मीकि ने मुख्यमंत्री को 27 बिंदुओं का मांग पत्र भेजकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि समिति में कार्यरत कर्मचारियों के नाम पर कथित रूप से बिना उनकी जानकारी के ऋण स्वीकृत किए गए तथा ऋण की रकम को अन्य खातों में स्थानांतरित किया गया। शिकायत में कर्मचारियों की शेयर मनी और ऋण संबंधी रिकॉर्ड में भी अनियमितताओं की जांच की मांग की गई है। हालांकि, इन संपत्तियों के स्वामित्व, उनकी वास्तविक कीमत और उनके स्रोत से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप तथ्यात्मक रूप से सही हैं या नहीं। शिकायतकर्ता राहुल कुमार वाल्मीकि ने मुख्यमंत्री को भेजे गए 27 बिंदुओं के मांग पत्र में मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायत में नवीन गौड़ की नियुक्ति की योग्यता से लेकर समिति में उनके कार्यकाल के दौरान हुए कथित ऋण घोटाले, कर्मचारियों के खातों में लेनदेन और संपत्तियों की जांच तक कई बिंदु उठाए गए हैं।
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि समिति के रिकॉर्ड का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए और वर्ष 2018 से अब तक के ऋण प्रकरणों की जांच की जाए। प्रत्येक ऋण आवेदन में कर्मचारी के हस्ताक्षर, सहमति, बैंक खाते में रकम पहुंचने और उसके बाद रकम के स्थानांतरण की जांच किए जाने की मांग की गई है।

करोड़ों की संपत्ति अर्जित करने का आरोप

राहुल कुमार वाल्मीकि की शिकायत में नवीन गौड़ पर कथित रूप से कर्मचारियों के साथ धोखाधड़ी कर करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक नवीन गौड़ ने बंगला, फार्म हाउस और लग्जरी गाडिय़ां खरीदी हैं। शिकायतकर्ता ने इन संपत्तियों की खरीद के स्रोत, आय के ज्ञात साधनों और संपत्ति अर्जित करने के समय का मिलान कराए जाने की मांग की है। साथ ही बैंक खातों, संपत्ति खरीद के दस्तावेज, वाहन खरीद, समिति के वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य संबंधित लेनदेन की जांच कराने की मांग की गई है।

चीन से लद्दाख और गलवान की जमीन वापस लें मोदी : राउत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि वे चीन के नेताओं पर दबाव डालें कि वे लद्दाख और गलवान के उन इलाकों से पीछे हटें जहां भारत ने घुसपैठ का आरोप लगाया है, और भारत की ज़मीन वापस करें। राउत ने कहा कि पिछले दो सालों में भारत और चीन के बीच बातचीत के 25 दौर हो चुके हैं, लेकिन उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों में हुई प्रगति पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को भारत आ रहे चीन के राष्ट्रपति से साफ़ तौर पर कहना चाहिए कि वे सबसे पहले लद्दाख और गलवान के उन इलाकों से पीछे हटें जहां उन्होंने घुसपैठ की है, और हमारी ज़मीन हमें वापस करें। उन्होंने आगे कहा कि पिछले दो सालों में चीन के साथ बातचीत के 25 दौर हो चुके हैं – फिर भी रिश्तों में क्या सुधार हुआ है? दूसरी ओर, ईरान के राष्ट्रपति का दौरा बहुत अहम है। मैंने देखा कि ईरान के राष्ट्रपति शेर की तरह दिल्ली पहुंचे… ईरान ने इजऱाइल और अमेरिका के सामने अपनी ताकत, जज़्बे और आत्म-सम्मान का प्रदर्शन किया है… बाकी सब तो बस व्यापारी हैं – चीन एक व्यापारी है, और अमेरिका भी एक व्यापारी है।

इंस्टाग्राम पर मेरी पोस्ट्स को लगातार ब्लॉक कर रही सरकार : गौरव दास

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि मेटा इंस्टाग्राम पर मेरी पोस्ट्स को लगातार ब्लॉक कर रहा है। इसे लेकर उन्होंने मोदी सरकार पर निशाना साधा है. सौरव दास ने शनिवार (12 सितंबर) को एक्स पर पोस्ट कर कहा कि मेरे सोशल मीडिया अकाउंटस को लगातार टारगेट किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि किसी नय्यर गितेश ने अक्षत त्रिपाठी के साथ मेरे वीडियो की रिपोर्ट की।
उन्होंने बताया कि अक्षत 2० साल का स्टूडेंट है, जिसके लिए ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने 5 लाख रुपये का बेल बॉन्ड जारी किया था। इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया कंपनी मेटा पर कई सवाल उठाए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंटस, अकाउंटस की रीच और ब्लॉक करने को लेकर सोशल मीडिया कंपनियों को भी घेरा है. उन्होंने एक्स पर किए पोस्ट में कहा कि क्या मेटा में कोई जांच-पड़ताल नहीं होती? इसकी वजह से मेरे अकाउंट की रीच कम हो रही है। मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए सौरव दास ने कहा कि मैं सोशल मीडिया कंपनियों से फिर अपील करता हूं कि वे सरकार के दबाव में न आएं. सौरव दास ने अपनी पोस्ट के साथ ही अकाउंट का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है, जो कि कॉपीराइट वायलेशन को लेकर है।
इसमें लिखा है कि योर कंटेंट इज ब्लॉकड. उनके 10 सितंबर को इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए कंटेंट को ब्लॉक किया गया र्ह। सीजेपी नेता और प्रवक्ता सौरव दास के लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक वो दिल्ली के ही निवासी हैं. सौरव खोजी पत्रकार भी हैं. सौरव ने जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन किया है. साल 2017 में 18 साल की उम्र में सौरव ने सूचना का अधिकार कानून का इस्तेमाल करना शुरू किया और कई बड़े खुलासे किए थे। सौरव ने साल 2०2० में एक पेशेवर पत्रकार के रूप में लिखना शुरू किया था. इस दौरान कानून, शासन, न्यायपालिका, अपराध और संस्थागत पारदर्शिता पर कई आर्टिकल लिखे. बता दें कि सीजेपी नेता सौरव दास के आर्टिकल द कारवां, अल जजीरा, द वायर और द हिंदू जैसे कई बड़े संस्थानों में भी प्रकाशित हुए हैं।

भारत में ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर गरमाई सियासत

कांग्रेस बोली ब्रिक्स के जरिए भारत का ऐतिहासिक कूटनीतिक दर्जा बहाल करे मोदी सरकार

भाजपा केपलटवार के बाद कांग्रेस ने लेटर जारी कर किया समर्थन
कांग्रेस में कई नेताओं में मदभेद, चिदंबरम व थरू र की अलग-अलग राय

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन हो रहा है। उस पर सियासत भी तेज हो गई है। विपक्ष ने भाजपा सरकार को घेरते हुए पूछा है कि इससे क्या लाभ होगा। इस पर भाजपा ने भी पलटवार किया है।
हालांकि कांग्रेस केकु छ लोग जहां सवाल उठा रहे हंै वही कुछ समर्थन कभी कर रहे है। उधर इसको लेकर कांग्रेस ने सफाई भी दी है। इसबीच रू स, ईरान व चीन के राष्ट्रपति भारत पहुंच चुके हैं। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए आर्थिक नीतियों में तालमेल बिठाने और वैश्विक शासन पर एक साझा रुख रखने का मंच है। यह विकास, वित्त, तकनीक, व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर ध्यान केंद्रित करते हुए, बहुपक्षीय संस्थाओं में ग्लोबल साउथ के हितों को आगे बढ़ाने का काम करता है। वहीं कांग्रेस ने ब्रिक्स को ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने और वैश्विक स्थिति को आकार देने वाला महत्वपूर्ण मंच बताते हुए शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा उनकी सरकार को भारत का ऐतिहासिक कूटनीतिक दर्जा बहाल करने का प्रयास करना चाहिए। ‘ग्लोबल साउथ’ से तात्पर्य उन देशों से है जिन्हें अक्सर विकासशील, कम विकसित अथवा अविकसित के रूप में जाना जाता है और ये मुख्य रूप से अफ्रीका, एशिया और लातिन अमेरिका में स्थित हैं।

अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दे सरकार : खुर्शीद

पार्टी के विदेश विभाग के प्रमुख सलमान खुर्शीद ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर एक बयान में कहा कि भू-राजनीतिक टकराव, आर्थिक दबाव, आपूर्ति श्रृंखला की कमजोरियों, संघर्ष और जलवायु संकट के दौर में भारत को ब्रिक्स साझेदारों के साथ मिलकर एक न्यायसंगत और संतुलित विश्व व्यवस्था के निर्माण के लिए काम करना चाहिए, जो सभी लोगों के लिए सुरक्षा, समृद्धि और गरिमा सुनिश्चित कर सके। पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद ने कहा कि भारत को ब्रिक्स में नैतिक नेतृत्व और रणनीतिक स्पष्टता प्रदान करनी चाहिए तथा साथ ही अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

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