MPSC पेपर लीक पर CJP की चेतावनी, 24 सितंबर तक कार्रवाई नहीं हुई तो होगा आंदोलन
अभिजीत दिपके ने अपने वीडियो संदेश में कहा, "CJP और मैं इस लड़ाई में MPSC के अभ्यर्थियों के साथ हैं. हम (MPSC के बड़े अधिकारियों के) इस्तीफे तक अभ्यर्थियों के साथ खड़े रहेंगे."

4पीएम न्यूज नेटवर्क: अभिजीत दिपके ने अपने वीडियो संदेश में कहा, “CJP और मैं इस लड़ाई में MPSC के अभ्यर्थियों के साथ हैं. हम (MPSC के बड़े अधिकारियों के) इस्तीफे तक अभ्यर्थियों के साथ खड़े रहेंगे.”
महाराष्ट्र में MPSC पेपर लीक का मामला गहराता जा रहा है. एक ओर विपक्षी दल जहां राज्य सरकार पर पेपर लीक के लिए निशाने साधे हुए हैं और अधिकारियों के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं तो वहीं अब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने भी ऐलान किया कि वह प्रदर्शन में शामिल होगी. CJP के सदस्य और पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके, महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की ओर से आयोजित अलग-अलग ऑनलाइन परीक्षाओं में कथित पेपर लीक को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे.
CJP ने यह ऐलान तब किया जब MPSC की परीक्षा देने वाले छात्रों के एक समूह ने छत्रपति संभाजीनगर के वालुज इलाके में अभिजीत दिपके से उनके घर पर मुलाकात की. CJP की ओर से जारी बयान में कहा गया कि MPSC के चेयरमैन और सेक्रेटरी के इस्तीफे की मांग वाला आंदोलन आगे बढ़ाया जाएगा और अगर 24 सितंबर तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो MPSC के उम्मीदवारों से बातचीत करने के लिए राज्य भर का दौरा किया जाएगा.
‘इस संघर्ष में MPSC के छात्रों के साथ CJP’
बयान में आगे कहा गया है कि दिपके और बड़ी संख्या में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के सदस्य प्रदर्शनकारियों के साथ प्रदर्शन में शामिल होंगे.MPSC के कई अभ्यर्थियों के साथ बैठक के बाद, दिपके ने अपना एक वीडियो संदेश जारी किया. इस संदेश में उन्होंने कहा, “CJP और मैं इस लड़ाई में MPSC के अभ्यर्थियों के साथ हैं. हम (MPSC के बड़े अधिकारियों के) इस्तीफे तक अभ्यर्थियों के साथ खड़े रहेंगे.” MPSC के उम्मीदवारों ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और अलग-अलग परीक्षाओं में कथित पेपर लीक तथा गड़बड़ियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए राज्य के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किया है.
लातूर में विरोध प्रदर्शन में उतरे हजारों छात्र
इससे पहले पिछले हफ्ते शनिवार को लातूर में परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया. इस प्रदर्शन में हजारों उम्मीदवारों के साथ-साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP) के विधायक रोहित पवार भी शामिल हुए.
‘मोर्चा’ के बाद जिला परिषद में छात्रों की सभा को संबोधित करते हुए, रोहित पवार ने आयोग चेयरमैन के इस्तीफे की मांग की. धाराशिव जिले के परांडा के एक उम्मीदवार प्रथमेश देशमुख की खुदकुशी का जिक्र करते हुए, पवार ने कहा कि पेपर लीक होने से हुए मानसिक सदमे ने युवाओं को यह चरम कदम उठाने पर मजबूर कर दिया.
उन्होंने कहा कि देशमुख की असमय मौत के लिए सिस्टम को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए. वह बहुत ही होनहार छात्र था, जिसने स्कूल में टॉप रैंक हासिल की थी और जिन्हें स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर कई बार राष्ट्रीय ध्वज फहराने का मौका मिला था. एनसीपी नेता ने कहा, “उनके पिता का निधन चार साल पहले हो गया था. पिता का सपना था कि वह एक अधिकारी बनें. वह पढ़ाई के लिए पुणे भी गया, और उनकी बड़ी बहन उनके खर्चों के लिए हर महीने 10 हजार रुपये भी भेजती थीं.”
युवाओं की खुदकुशी के लिए कौन जिम्मेदारः रोहित पवार
खुदकुशी पर नाराजगी जताते हुए पवार ने जोर देकर कहा, “इसके लिए कौन जिम्मेदार है? सिस्टम जिम्मेदार है. MPSC चेयरमैन और भ्रष्टाचार में शामिल लोग जिम्मेदार हैं.” कोल्हापुर के एक अन्य उम्मीदवार सुशांत बल्लाल की मौत का जिक्र करते हुए रोहित पवार ने छात्रों से खुदकुशी जैसे कदम नहीं उठाने की अपील भी की. उन्होंने कहा, “कृपया आप लोग खुदकुशी न करें. यह लड़ाई हमारी है. हम यह लड़ाई जीतेंगे और पारदर्शी MPSC परीक्षाओं के लिए लड़ते रहेंगे.”
रोहित पवार ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस सरकार MPSC मुद्दे पर तब जागी जब 7 सितंबर को पुणे में एक बड़े विरोध प्रदर्शन में 30 हजार से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए, जबकि विरोध प्रदर्शन जुलाई से ही हो रहे थे. उन्होंने 23 अक्टूबर को होने वाली ग्रुप C परीक्षा को टालने पर भी सवाल उठाए. उनका आरोप है कि इस फैसले को त्योहारों और राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र जैसे कारणों का हवाला देकर सही ठहराया जा रहा है.



