GIS सर्वे के बाद गृहकर 50 गुना बढ़ाने का आरोप, गोरखपुर के व्यापारियों ने CM से मांगी जांच

गोरखपुर में GIS सर्वे के बाद गृहकर बढ़ाने का व्यापारियों ने आरोप लगाया है। व्यापार मंडल ने न्यायिक जांच, बढ़े गृहकर की वसूली रोकने और शहर की समस्याओं के समाधान की मांग की।

गोरखपुर में नगर निगम के GIS सर्वे के बाद गृहकर को लेकर व्यापारियों और नगर निगम के बीच विवाद सामने आया है। गोरखपुर उद्योग व्यापार मंडल ने व्यापार बंधु की बैठक में आरोप लगाया कि सर्वे के आधार पर कई भवनों का गृहकर कई गुना बढ़ा दिया गया। व्यापारियों ने मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने और बढ़े गृहकर की वसूली रोकने की मांग को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।

2 से 50 गुना गृहकर बढ़ाने का आरोप

जिलाध्यक्ष नितिन कुमार जायसवाल के नेतृत्व में व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बिना स्थलीय भौतिक सत्यापन के ड्रोन और एरियल सर्वे के आधार पर बड़ी संख्या में भवनों का गृहकर बढ़ाया गया। व्यापार मंडल का दावा है कि एक लाख से अधिक नागरिकों और व्यापारियों पर 2 से 50 गुना तक गृहकर लगाया गया है। उन्होंने न्यायिक जांच और वसूली पर रोक की मांग की। टैक्स सुधार के नाम पर कार्यालयों के चक्कर लगाने और कथित अवैध वसूली की शिकायत भी उठाई गई।

ऊंचे स्लैब से दुकानों और पार्किंग पर असर

व्यापारियों ने विरासत गलियारा और मेडिकल रोड पर नालियों व केबल डक्ट के स्लैब सड़क से 8 इंच से डेढ़ फीट तक ऊंचे होने का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि इससे दुकानें सड़क के स्तर से नीचे हो गई हैं और पार्किंग की जगह घटने से जाम की समस्या बढ़ रही है। व्यापार मंडल ने स्लैब को सड़क के बराबर या अधिकतम चार इंच ऊंचा रखने की मांग की।

चटोरी गली, बिजली बॉक्स और जलभराव पर भी चर्चा

बैठक में चटोरी गली का रास्ता खोलने, खुले LT फीडर बॉक्स को सुरक्षित करने और रुस्तमपुर में सार्वजनिक शौचालय जैसे मुद्दे भी उठे। तरंग ओवरब्रिज की मरम्मत की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाया गया। लालडिग्गी में बारिश के दौरान जलभराव और संपवेल के ऑटो स्टार्ट-स्टॉप सिस्टम का मुद्दा सामने आया। प्रशासन की ओर से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए।

रिपोर्ट – अमरेंद्र पांडेय, गोरखपुर

यह भी पढ़ें: अनजान लिंक पर क्लिक किया तो पड़ सकता है भारी! गोरखपुर में छात्राओं को साइबर ठगी से बचने के टिप्स

Related Articles

Back to top button