रोडवेज में ‘वसूली’ का खेल? आरएम ने कसा शिकंजा, टीएस-टीआई जांच के घेरे में

यूपी रोडवेज की बसों में लगेज चेकिंग के नाम पर कंडक्टरों से कथित वसूली की शिकायतों को लेकर गोरखपुर रीजन के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) लव कुमार ने सख्त रुख अपनाया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: यूपी रोडवेज की बसों में लगेज चेकिंग के नाम पर कंडक्टरों से कथित वसूली की शिकायतों को लेकर गोरखपुर रीजन के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) लव कुमार ने सख्त रुख अपनाया है।

उन्होंने चेकिंग के दौरान मनमानी और राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर नाराजगी जताते हुए टीएस और टीआई को फील्ड में जाकर जांच करने के निर्देश दिए हैं। अब चेकिंग व्यवस्था पर निगरानी के लिए आरएम खुद भी बसों की जांच करेंगे।

गोरखपुर से लखनऊ, महाराजगंज, कुशीनगर और देवरिया रूट पर बसों में रखे लगेज की जांच के नाम पर कंडक्टरों से धनउगाही किए जाने की शिकायतें सामने आई थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आरएम ने पिछले कई महीनों से बसों की चेकिंग व्यवस्था पर खुद नजर रखने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि चेकिंग का उद्देश्य रोडवेज के राजस्व की सुरक्षा और बस संचालन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है, न कि कर्मचारियों से अवैध वसूली।

आरएम लव कुमार ने बताया कि गोरखपुर क्षेत्रीय कार्यालय में तैनात करीब पांच क्लर्कों के खिलाफ कंडक्टरों से धनउगाही की शिकायतें मिली हैं। इन शिकायतों की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

चेकिंग टीम की भी होगी निगरानी

आरएम ने स्पष्ट किया कि बसों की चेकिंग करने वाले टीएस और टीआई की भूमिका पर भी निगरानी रखी जाएगी। उन्हें सिर्फ चेकिंग तक सीमित रहने के बजाय स्वयं फील्ड में जाकर बसों की स्थिति और संचालन व्यवस्था देखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आरएम भी समय-समय पर अचानक बसों की जांच करेंगे।

जाम से निपटने को कम होंगी अनुबंधित बसें

गोरखपुर डिपो और राप्तीनगर डिपो के आसपास लगातार लगने वाले जाम को देखते हुए अनुबंधित बसों के संचालन में भी बदलाव की तैयारी है। आरएम ने बताया कि दोनों डिपो पर दबाव कम करने के लिए कुछ बसों की संख्या घटाई जाएगी। कुछ बसों का संचालन नंदानगर और नौसढ़ बस स्टेशन से कराने की योजना है। आरएम ने बताया कि गोरखपुर डिपो के स्टेशन सुपरिटेंडेंट मनोज मणि को निर्देश दिया गया है गोरखपुर डिपो परिसर में ही बसों को खड़ा करवाएं।

इससे डिपो परिसर और आसपास के मार्गों पर बसों का दबाव कम करने के साथ यातायात व्यवस्था को भी बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा।
रिपोर्ट- अमरेंद्र पांडेय, गोरखपुर

Related Articles

Back to top button