घबराया हुआ है चुनाव आयोग: जयराम

  • बोले- फार्म 6 के ऑनलाइन संस्करण में भी गड़बड़ी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि युवा और पहली बार वोट देने वालों के लिए फॉर्म 6 में ऐसी जानकारी मांगी गई, जिससे उनके लिए मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया मुश्किल हो सकती है। जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दावा किया कि चुनाव आयोग ने एक तरफ युवा वोटरों के लिए खास एनरोलमेंट कैंप लगाने और सोशल मीडिया पर प्रचार करने का निर्देश दिया, जबकि दूसरी तरफ फार्म 6 के ऑनलाइन संस्करण में एसआईआर जुड़ी अतिरिक्त घोषणा जोड़ दी गई।
फॉर्म 6 का इस्तेमाल पहली बार मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए किया जाता है। जुलाई 2026 में इसके ऑनलाइन संस्करण में एक नई घोषणा दिखाई देने लगी। इसमें आवेदक से पूछा गया कि उसका नाम पिछली एसअसईआर की मतदाता सूची में था या उसके माता-पिता या दादा-दादी का नाम उस सूची में था. कई राज्यों में पिछली एसआईआर 000 के शुरुआती वर्षों में हुई थी। ऐसे में आज 18 साल के हो रहे युवाओं का अपना नाम उस पुरानी सूची में होना संभव नहीं है, क्योंकि उस समय उनका जन्म भी नहीं हुआ था। इसलिए नई घोषणा में माता-पिता या दादा-दादी की जानकारी का विकल्प महत्वपूर्ण हो गया। रिपोर्टों के मुताबिक, ऑनलाइन फॉर्म में इस घोषणा को गैर-जरूरी बताया गया था, लेकिन इसका जवाब दिए बिना आवेदक फॉर्म आगे जमा नहीं कर पा रहे थे। इसी बात को लेकर चुनाव आयोग के दो सदस्यों ने आपत्ति जताई थी।

इंडिया गठबंधन की 30 को दिल्ली में महाबैठक, आयोग पर चर्चा

इंडिया गठबंधन की 30 सितंबर को नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में एक महत्वपूर्ण बैठक होने की संभावना है। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन एसआईआर प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नए कदम उठाने जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर यह बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी के शामिल होने की पूरी उम्मीद है।

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