दुकानदारों के मुनाफे पर पड़ेगा असर? MDR को लेकर उन्नाव के व्यापारियों ने उठाई आवाज
उन्नाव में व्यापारियों ने MDR व्यवस्था को लेकर वित्त मंत्री को ज्ञापन भेजा है। व्यापारियों ने ₹2 हजार की सीमा ₹10 हजार और मासिक छूट ₹1 लाख से ₹5 लाख करने की मांग की।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उन्नाव में UPI भुगतान को लेकर व्यापारियों की चिंता अब ज्ञापन तक पहुंच गई है। व्यापार मंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ज्ञापन भेजकर MDR व्यवस्था में बदलाव की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि बड़े मूल्य के डिजिटल भुगतान पर MDR लागू होने से उनके मुनाफे पर असर पड़ सकता है और लागत बढ़ने का असर बाजार पर भी दिखाई दे सकता है।
व्यापारियों ने ₹2 हजार से ₹10 हजार तक सीमा बढ़ाने की मांग
व्यापारियों ने MDR की सीमा ₹2,000 से बढ़ाकर ₹10,000 करने की मांग की है। उनका कहना है कि ₹10 हजार से अधिक की बिक्री करने वाले छोटे और मध्यम दुकानदारों के लिए अतिरिक्त भुगतान लागत मुनाफे को प्रभावित कर सकती है। व्यापारियों ने यह भी आशंका जताई कि लागत बढ़ने पर बाजार में कैश लेन-देन का चलन दोबारा बढ़ सकता है।
केंद्र सरकार के 15 सितंबर के स्पष्टीकरण के अनुसार, ₹2,000 से अधिक के निर्धारित P2M लेन-देन पर 0.4% MDR लागू है। वहीं ₹1 लाख प्रति माह तक UPI प्राप्त करने वाले छोटे व्यापारियों के लिए शून्य MDR का प्रावधान है।
₹5 लाख मासिक छूट और 0.4% अतिरिक्त राहत की मांग
व्यापार मंडल ने मासिक छूट की सीमा ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख करने की मांग की है। साथ ही UPI डिजिटल ट्रांजेक्शन पर GST और इनकम टैक्स फाइलिंग में 0.4 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट देने की मांग रखी गई है।
व्यापारियों ने बैंकों से भी मांग की है कि 0.4 प्रतिशत के अलावा किसी अन्य छिपे शुल्क की कटौती चालू खातों से न की जाए। अब इन मांगों पर वित्त मंत्रालय के स्तर पर क्या निर्णय होता है, इस पर व्यापारियों की नजर रहेगी।
रिपोर्ट – रंजन बाजपाई, उन्नाव
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