दिल्ली में सियासी भूचाल! केजरीवाल हिरासत में, AAP ने मोदी सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

दिल्ली में वोट चोरी के मुद्दे पर AAP का प्रदर्शन, अरविंद केजरीवाल को हिरासत में लिए जाने का दावा। पार्टी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: वोट चोरी के मुद्दे पर दिल्ली में सियासी टकराव तेज हो गया है। जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने हिरासत में लिए जाने की बात कहते हुए देशभर के लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की। वहीं, AAP नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का आरोप लगाया।

केजरीवाल की अपील- जहां रोके, वहीं धरने पर बैठ जाएं

AAP के मुताबिक, जंतर-मंतर पर वोट चोरी के विरोध में आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे केजरीवाल समेत पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि केजरीवाल के आवास और राष्ट्रीय कार्यालय के बाहर पुलिस तैनात कर आवाजाही रोकी गई।

केजरीवाल ने देशवासियों से दिल्ली पहुंचने की अपील करते हुए कहा कि यदि पुलिस रास्ते में रोके तो लोग उसी जगह शांतिपूर्ण धरने पर बैठ जाएं। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जांच और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई।

संजय सिंह, आतिशी और सौरभ भारद्वाज ने भी उठाए सवाल

AAP सांसद संजय सिंह ने पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने दावा किया कि बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए तथा लोगों को हिरासत में लिया गया। सौरभ भारद्वाज ने भी प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने देने की मांग की।

पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विरोध की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, वोट चोरी और पुलिस कार्रवाई को लेकर लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।

दिल्ली में बढ़ा राजनीतिक तनाव, AAP ने आंदोलन जारी रखने की बात कही

AAP नेता गोपाल राय और विधायक संजीव झा ने भी प्रदर्शन के समर्थन में बयान दिए। पार्टी ने कहा कि वह चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेगी। नेताओं ने शांतिपूर्ण विरोध को संवैधानिक अधिकार बताया।

फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस का विस्तृत पक्ष और हिरासत में लिए गए सभी लोगों की आधिकारिक जानकारी सामने आना जरूरी है। प्रदर्शन और उससे जुड़ी कार्रवाई को लेकर दिल्ली में राजनीतिक टकराव बढ़ गया है।

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