ट्विशा केस में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई, निचली अदालत की कार्यवाही पर लगी रोक
ट्विशा शर्मा के पिता की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), गिरबाला सिंह और समर्थ सिंह को नोटिस जारी किया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम कदम उठाया है।
ट्विशा शर्मा के पिता की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), गिरबाला सिंह और समर्थ सिंह को नोटिस जारी किया है।
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल की ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया है। याचिका में मामले की सुनवाई भोपाल से दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग की गई है।
याचिका में क्या कहा गया है?
याचिकाकर्ता नवनिधि शर्मा ने आशंका जताई है कि इस मामले में सबूतों को आरोपी ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह द्वारा प्रभावित किया जा सकता है. यह चिंता मुख्य रूप से इस बात से पैदा होती है कि गिरिबाला उसी भोपाल सेशंस डिवीजन से ‘प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज’ के पद से रिटायर हुई हैं, जहां अब उनके खिलाफ मुकदमा चलना है.
ट्विशा की मौत के समय, गिरिबाला भोपाल जिला उपभोक्ता आयोग (डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर कमीशन) की अध्यक्ष थीं. 25 जुलाई को उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज करते हुए, भोपाल के एक सेशंस जज ने टिप्पणी की थी कि सबूतों को प्रभावित किए जाने का डर “बेबुनियाद नहीं माना जा सकता”.
5 अदालतों से गुजरी गिरिबाला की जमानत अर्जी
कुछ महीने पहले, भोपाल में गिरिबला की जमानत अर्जी 5 अदालतों से गुजरी, जहां तीन जजों ने या तो फाइल वापस कर दी या खुद को मामले से अलग कर लिया.
एक जज ने निजी कारणों से उनकी अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई करने से मना कर दिया था. एक अन्य जज ने बताया कि समर्थ सिंह उनके अपने वकील थे, जबकि तीसरे जज ने कहा कि गिरिबला सिंह ने उन्हें प्रोबेशनर के तौर पर प्रशिक्षित किया था.



