कुचकापुर में ग्रामोद्योग योजनाओं का प्रचार, ग्रामीणों को स्वरोजगार के लिए किया गया प्रेरित

अधिकारियों ने ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार शुरू करने के लिए प्रेरित किया और योजनाओं का लाभ उठाकर आर्थिक रूप से मजबूत बनने की अपील की।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जिला ग्रामोद्योग कार्यालय की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

सेवा संकल्प अभियान के तहत शुक्रवार को ऐलिया विकासखंड के कुचकापुर गांव में आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों को खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार शुरू करने के लिए प्रेरित किया और योजनाओं का लाभ उठाकर आर्थिक रूप से मजबूत बनने की अपील की।

कार्यक्रम में नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर गुरु मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि मनोज राठौर ने विशिष्ट अतिथि के रूप में सहभागिता की। इस दौरान ग्राम प्रधान और जिला ग्रामोद्योग कार्यालय के कर्मचारियों ने भी ग्रामीणों को संबोधित करते हुए स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को रोजगार के वैकल्पिक अवसरों से परिचित कराना और उन्हें सरकारी सहायता के माध्यम से अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।

ग्रामीणों को बताई गईं स्वरोजगार से जुड़ी योजनाएं

जिला ग्रामोद्योग अधिकारी जगदीश ने बताया कि विपणन विकास सहायता कार्यक्रम (एससीएसपी) के तहत आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम में ग्रामीणों को खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि सरकार की इन योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना और मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के बारे में विस्तार से बताया गया। ग्रामीणों को समझाया गया कि इन योजनाओं के माध्यम से वे अपनी रुचि, कौशल और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार रोजगार या छोटे उद्योग की शुरुआत करने के अवसर तलाश सकते हैं।

अधिकारियों ने ग्रामीणों को योजनाओं की उपयोगिता से अवगत कराते हुए बताया कि स्वरोजगार अपनाने से व्यक्ति अपनी आजीविका के लिए नए अवसर विकसित कर सकता है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाएं बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी मदद मिल सकती है।

प्रशिक्षण और टूल-किट वितरण की योजनाओं पर भी दी जानकारी

जागरूकता कार्यक्रम में ग्रामीणों को रोजगारपरक प्रशिक्षण तथा निःशुल्क टूल-किट वितरण से संबंधित योजनाओं के बारे में भी बताया गया। अधिकारियों ने इन योजनाओं की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को कौशल विकास और उपलब्ध सरकारी सहायता का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में बताया गया कि प्रशिक्षण के माध्यम से लोग अपने कार्य से संबंधित आवश्यक कौशल विकसित कर सकते हैं। वहीं, पात्र लाभार्थियों के लिए संचालित टूल-किट वितरण जैसी योजनाएं पारंपरिक कार्यों और छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ाने में सहायक हो सकती हैं। इससे ग्रामीणों को अपनी आजीविका के साधन विकसित करने के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है।

खादी एवं ग्रामोद्योग से संबंधित योजनाओं की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने ग्रामीणों को योजनाओं की पात्रता, उपलब्ध सहायता और आवेदन प्रक्रिया के संबंध में संबंधित कार्यालय से जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया, ताकि जरूरतमंद और इच्छुक लोग सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की दिशा में आगे बढ़ सकें।

स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बनने की अपील

कार्यक्रम में अधिकारियों और उपस्थित अतिथियों ने ग्रामीणों से सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक रहने और पात्रता के अनुसार उनका लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी होने से ग्रामीण अपने कौशल और स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सकते हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे उद्योगों, पारंपरिक व्यवसायों और ग्रामोद्योग से जुड़ी गतिविधियों को प्रोत्साहित करना रोजगार के नए अवसर विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जा सकती है और उन्हें अपना रोजगार शुरू करने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।

सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों को खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड की योजनाओं से परिचित कराने के साथ ही स्वरोजगार के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि योजनाओं की जानकारी मिलने से इच्छुक ग्रामीण अपने रोजगार संबंधी प्रयासों को आगे बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में पहल करेंगे। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान, जिला ग्रामोद्योग कार्यालय के कर्मचारी और ग्रामीण उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button