आरटीई के बच्चों का नाम कटवाने का दबाव, ज्ञानाया स्कूल के बाहर अभिभावकों का हंगामा
स्कूल के बाहर जुटे अभिभावकों का आरोप है कि आरटीई के तहत प्रवेश पाने वाले बच्चों के साथ लगातार दुर्व्यवहार किया जा रहा है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: शिक्षा को हर बच्चे का मौलिक अधिकार माना जाता है और स्कूलों से उम्मीद की जाती है कि वे बच्चों को बिना किसी भेदभाव के बेहतर शिक्षा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराएं।
लेकिन जब किसी स्कूल पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को पढ़ाई से वंचित करने का दबाव बनाने और उनके अभिभावकों को कथित रूप से प्रताड़ित करने जैसे गंभीर आरोप लगते हैं, तो यह मामला केवल एक स्कूल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि शिक्षा व्यवस्था और बच्चों के अधिकारों पर भी सवाल खड़े करता है।
ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित द ज्ञानाया स्कूल से सामने आया है। स्कूल के बाहर उस समय हंगामे जैसी स्थिति बन गई, जब बड़ी संख्या में अभिभावक एकत्र हो गए।
अभिभावकों में स्कूल प्रबंधन के प्रति नाराजगी देखने को मिली। उनका आरोप है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत प्रवेश पाने वाले बच्चों को कथित तौर पर परेशान किया जा रहा है और उनके परिवारों पर बच्चों का नाम स्कूल से कटवाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
अभिभावकों ने स्कूल के मालिक आदित्य अग्रवाल और प्रबंधन पर आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत पढ़ रहे बच्चों को कथित रूप से परेशान करने, स्कूल से नाम कटवाने का दबाव बनाने और विरोध करने पर मारपीट करने जैसे गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, इन आरोपों पर स्कूल प्रबंधन का पक्ष सामने आना बाकी है।
‘बच्चों का नाम कटवा लो, वरना परेशान करेंगे’
स्कूल के बाहर जुटे अभिभावकों का आरोप है कि आरटीई के तहत प्रवेश पाने वाले बच्चों के साथ लगातार दुर्व्यवहार किया जा रहा है। एक महिला अभिभावक वीडियो में रोते हुए अपना दर्द बयां करती नजर आई। महिला के मुताबिक, स्कूल के अंदर उन्हें बंद कर दिया गया था।
उसने आरोप लगाया कि स्कूल मालिक आदित्य अग्रवाल उनसे अपने बच्चे का नाम कटवाकर ले जाने के लिए कह रहे थे और ऐसा नहीं करने पर परेशान करने की बात कही गई। महिला का दावा है कि उनके बच्चे रोजाना स्कूल से रोते हुए घर लौटते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर उनके पति के साथ मारपीट की गई और वह किसी तरह दूसरे दरवाजे से बाहर निकलीं। महिला के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अभिभावकों का दावा, फोन रिकॉर्डिंग में दर्ज है बातचीत
एक अन्य अभिभावक ने भी स्कूल प्रबंधन पर आरटीई के तहत पढ़ रहे बच्चों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि बड़ी मुश्किल से वे स्कूल से बाहर निकल पाए। अभिभावकों ने दावा किया कि उनके पास फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी मौजूद है, जिसमें कथित तौर पर बच्चों का नाम कटवाने का दबाव बनाया जा रहा है। इस रिकॉर्डिंग की सत्यता और उसमें दर्ज बातचीत की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
स्कूल के बाहर भीड़, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
घटना की जानकारी फैलते ही स्कूल के बाहर सैकड़ों अभिभावकों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। हंगामे के चलते मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अभिभावकों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, स्कूल की मान्यता एवं आरटीई के तहत प्रवेश पाने वाले बच्चों के साथ किए जा रहे कथित व्यवहार की पड़ताल करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जांच के घेरे में आरटीई के बच्चों के अधिकार
मामले ने आरटीई के तहत पढ़ने वाले बच्चों के अधिकारों और स्कूलों की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग अभिभावकों के आरोपों और कथित फोन रिकॉर्डिंग की जांच कर क्या कदम उठाता है। फिलहाल, आरोपों की निष्पक्ष जांच और स्कूल प्रबंधन का पक्ष सामने आना जरूरी है, ताकि सच्चाई स्पष्ट हो सके और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
रिपोर्ट –सुनील सक्सेना,बरेली



