‘ज्ञानेश कुमार को अब कोई नहीं बचा सकता’, जयराम रमेश का तीखा हमला

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर तीखा बयान दिया है... उनके बयान ने राजनीतिक हलकों... 

4पीएम न्यूज नेटवर्कः कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर भारत निर्वाचन आयोग.. और विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है.. बता दें कि कांग्रेस पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि.. पिछले आठ वर्षों से राजनीतिक दलों को खोजने योग्य डिजिटल मतदाता सूची उपलब्ध न कराकर आयोग ने वोट चोरी में अप्रत्यक्ष रूप से मदद की है.. और उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तुरंत इस्तीफे की मांग की है.. और विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को तुरंत रोकने की भी अपील की है.. जयराम रमेश का यह बयान सोशल मीडिया पर जारी एक विस्तृत पोस्ट के माध्यम से आया है.. जिसमें उन्होंने विपक्ष की लंबे समय से चली आ रही मांगों का विस्तार से उल्लेख किया है..

आपको बता दें कि जयराम रमेश ने अपने पोस्ट में स्पष्ट रूप से लिखा कि पिछले दो वर्षों से लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी.. और कांग्रेस पार्टी लगातार, मजबूती से तथा पुरजोर तरीके से यह मांग करती आ रही है कि.. भारत निर्वाचन आयोग सभी राजनीतिक दलों को मतदाता सूची ऐसे डिजिटल फॉर्मेट में उपलब्ध कराए जिसमें मतदाताओं के नाम.. और अन्य संबंधित जानकारी आसानी से खोजी जा सके.. लेकिन चुनाव आयोग ने बार-बार इस जायज मांग को ठुकरा दिया.. और उन्होंने याद दिलाया कि असल में वर्ष दो हजार अठारह में जब कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में लाखों फर्जी मतदाताओं का पर्दाफाश किया था.. तभी से आयोग ने इस तरह के खोजने योग्य डिजिटल फॉर्मेट में मतदाता सूची उपलब्ध कराना बंद कर दिया था.. वोट चोरी को अंजाम देने के लिए इस मांग को पूरे आठ साल तक जानबूझकर अनसुना किया गया..

वहीं पंद्रह अक्टूबर दो हजार छब्बीस को चुनाव आयोग ने एक आदेश जारी किया.. जिसमें कहा गया कि विशेष सारांश पुनरीक्षण के लिए राजनीतिक दलों को मतदाता सूची ऐसे डिजिटल फॉर्मेट में उपलब्ध कराई जाएगी.. जिसमें मतदाताओं की जानकारी आसानी से सर्च की जा सके.. दो साल के लंबे अंतराल के बाद सत्रह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष सारांश पुनरीक्षण की प्रक्रिया फिर से शुरू की गई है.. जयराम रमेश का आरोप है कि ऐसा इसलिए हुआ है.. क्योंकि आज पूरा देश वोट चोरों के खिलाफ सड़कों पर उतर आया है.. और जन दबाव इतना बढ़ गया है कि आयोग को अपनी पुरानी नीति बदलनी पड़ी.. और उन्होंने कहा कि जब भी वोट चोरी का पर्दाफाश होता है.. तो मोदी सरकार नए-नए हथकंडे अपना लेती है..

जयराम रमेश ने आगे आरोप लगाया कि हर बार जब वोट चोरी पकड़ी जाती है.. तो सत्ता पक्ष कोई न कोई नया तरीका निकाल लेता है.. कभी मशीन से पढ़ी जा सकने वाली मतदाता सूची देना बंद कर दिया जाता है.. कभी फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़ दिए जाते हैं.. तो कभी विशेष गहन पुनरीक्षण जैसी नई प्रक्रियाओं को लागू कर दिया जाता है.. लेकिन इस बार स्थिति अलग है क्योंकि जनता अब जागरूक हो चुकी है.. और इस तरह के हथकंडे अब काम नहीं आने वाले.. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधा आरोप लगाया कि वे प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के निर्देशों पर काम कर रहे हैं.. उनके नेतृत्व में चुनाव आयोग ने जनता के भरोसे और विश्वास को पूरी तरह से खत्म कर दिया है..

 

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