मणिपुर में हिंसा से फिर बिगड़े हालात, 36 घंटे में 28 घर जलाए गए
मणिपुर के कामजोंग जिले में हिंसा की ताजा घटना से लोगों में डर का माहौल है। बीते 36 घंटों के दौरान 28 घरों में आग लगाए जाने की खबर सामने आई है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मणिपुर के कामजोंग जिले में हिंसा की ताजा घटना से लोगों में डर का माहौल है। बीते 36 घंटों के दौरान 28 घरों में आग लगाए जाने की खबर सामने आई है।
प्रभावित घरों में नगा और कुकी समुदायों की बस्तियां शामिल हैं। हमलों के डर से कई लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं। कुछ लोग जंगलों में छिपकर रह रहे हैं, जबकि कुछ ने सैन्य शिविरों में शरण ली है। घटना के बाद राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। मणिपुर के उपमुख्यमंत्री ने घटना की निंदा की है और इलाके में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
कामजोंग में आगजनी से लोगों के सामने बढ़ा संकट
बताया जा रहा है कि आगजनी की घटनाओं से नगा और कुकी समुदायों की बस्तियां प्रभावित हुई हैं। घरों में आग लगाए जाने के बाद लोगों के बीच डर और अनिश्चितता का माहौल बन गया है। जिन लोगों के घर इस घटना में प्रभावित हुए हैं, उनके सामने अब रहने और सुरक्षित जगह तलाशने की चुनौती खड़ी हो गई है।
घटना ने एक बार फिर मणिपुर में शांति और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता अपनी और अपने परिवार की जान बचाना है।
नगा समुदाय के 13 खाली घरों में लगा दी आग
पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध उग्रवादियों ने नगा और कुकी दोनों समुदायों की बस्तियों को निशाना बनाया.म्यांमा के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास पिलोंग और स्किप गांवों में रविवार को अज्ञात उपद्रवियों ने नगा समुदाय के लोगों के कम से कम 13 खाली घरों में आग लगा दी. म्यांमा के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास पिलोंग सहित नगा गांवों पर हुए पिछले हमलों के बाद, इन घरों को खाली कर दिया गया था.
फरवरी से जातीय झड़पों में 50 से अधिक मौतें
वहीं, रविवार सुबह एक अलग घटना में, उखरुल जिले के लिटन थाना क्षेत्र में NH-202 पर ग्वालताबी और महादेवा के बीच जा रही एक कार पर अज्ञात हथियारबंद बदमाशों ने गोलीबारी कर दी, जिसमें दो लोग घायल हो गए. फरवरी से तामेंगलोंग, कामजोंग, उखरुल, कांगपोकपी और नोनी जिलों में हुई जातीय झड़पों में 50 से अधिक लोग मारे गए हैं और दर्जनों घर जला दिए गए हैं.
उपमुख्यमंत्री ने दिए कार्रवाई के निर्देश
उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने चासाद में हुई हिंसा की निंदा की. उन्होंने कुकी समुदाय के लोगों की मौत पर दुख जताया और घायल ग्रामीण नेताओं एवं विस्थापित परिवारों को लेकर चिंता व्यक्त की. उन्होंने मकानों में आग लगाए जाने को ऐसा अपराध बताया, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.
किपगेन ने कहा कि उन्होंने जिला प्रशासन, राज्य पुलिस और सुरक्षा बलों को 24 घंटे सतर्क रहने, आम नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा करने और इस घटना के जिम्मेदार लोगों को न्याय के कठघरे में लाने का निर्देश दिया है.
पुलिस ने एक बयान में कहा कि घटना को लेकर सुरक्षा के उपाय किए गए हैं. स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए प्रभावित इलाके में असम राइफल्स, सीमा सुरक्षा बल (BSF) और कामजोंग पुलिस की संयुक्त टुकड़ी तैनात की गई है.



