चुनाव से पहले अखिलेश यादव का बड़ा दांव, संविधान दिवस पर जनता को देंगे बड़ा संदेश
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। सभी राजनीतिक पार्टियां चुनाव की तैयारियों में जुटी हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। सभी राजनीतिक पार्टियां चुनाव की तैयारियों में जुटी हैं।
इस बीच समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी के चुनावी घोषणापत्र को लेकर बड़ा ऐलान किया है। जानकारी के अनुसार, समाजवादी पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र 26 नवंबर 2026 को संविधान दिवस के अवसर पर जारी करेगी।
कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने इसकी जानकारी अपने एक्स पोस्ट पर साझा की है. उन्होंने लिखा, ‘सत्ताइस का संकल्प: पीडीए का प्रणपत्र, ‘जन-मन का मैनीफेस्टो’ संविधान दिवस’ 26 नवंबर 2026 के लोकतांत्रिक पावन अवसर पर हम जारी करेंगे.’ समाजवादी पार्टी ने इस घोषणापत्र को ‘प्रण-पत्र’ नाम दिया है. सपा इस घोषणापत्र के माध्यम से जनता के मुद्दों को उठाएगी
सर्वे और जातीय समीकरणों के आधार पर होमवर्क
अखिलेश यादव, चुनाव को देखते हुए संगठन और पीडीए (पीछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समीकरण को मजबूत करने की दिशा में जुटे हुए हैं. सपा सभी 403 विधानसभा सीटों पर संगठन के फीडबैक, आंतरिक सर्वे और जातीय समीकरणों के आधार पर होमवर्क कर रही है. पार्टी के जिला अध्यक्षों को इसपर एक विस्तृत रिपोर्ट लखनऊ मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं.
इसके अलावा, अखिलेश यादव इस बार टिकट और गठबंधन में सीटों का बंटवारा पर भी सावधानी से रणनीति के तहत तैयार कर रहे हैं. सपा चुनाव में पूरी तरह ‘जिताऊ’ कैंडिडेट्स पर दांव खेलने के मूड में है. यही वजह है कि उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से 4-5 महीने पहले ही अखिलेश यादव ने सबसे पहले पार्टी का मैनीफेस्टो जारी करने का ऐलान कर दिया है.
बीजेपी-सपा के बीच बड़ा मुकाबला होने की उम्मीद
उत्तर प्रदेश में अगले साल फरवरी-मार्च में विधानसभा के चुनाव प्रस्तावित हैं. इसमें राज्य की दो सबसे बड़ी पार्टियों, बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच बड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है. वर्तमान में विधानसभा के कुल 403 सदस्यों में से 258 बीजेपी के, 107 समाजवादी पार्टी के और 13 अपना दल के हैं. इस चुनाव में भी कांग्रेस और सपा के बीच गठबंधन लगभग पक्का माना जा रहा है.
कांग्रेस भी सपा के साथ यूपी में वापसी करना चाहती है. 2024 लोकसभा चुनाव में सपा- कांग्रेस के गठबंधन होने से काफी फायदा हुआ था. हालाकि, 2022 के यूपी चुनावों में कांग्रेस को 399 सीटों में से केवल दो सीटों पर ही जीत हासिल हुई थी. जबकि समाजवादी पार्टी 2022 के चुनाव में 111 सीटें और 32.06 प्रतिशत वोट हासिल करके दूसरे नंबर पर रही थी.



