टाइगर श्रॉफ हमले की जांच में सीतापुर पहुंची दिल्ली पुलिस, राधा को लेकर खंगाले साक्ष्य

फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हमले की साजिश से जुड़े मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सीतापुर में जांच-पड़ताल की है।  

4पीएम न्यूज नेटवर्क: फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हमले की साजिश से जुड़े मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सीतापुर में जांच-पड़ताल की है।

इस मामले में शूटरों को हथियार पहुंचाने की आरोपी बताई जा रही राधा के गांव करमसेपुर पहुंचकर पुलिस ने उसके परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ की। पुलिस टीम ने गांव में लोगों से जानकारी जुटाई और मामले से जुड़े तथ्यों को समझने की कोशिश की। वहीं, राधा की मां ने अपनी बेटी को साजिश के तहत फंसाए जाने का दावा किया है।

मामले में राधा पर आरोप है कि उसने दिल्ली से मुंबई तक ट्रेन के जरिए पिस्तौल और कारतूस पहुंचाए थे। जांच एजेंसियों के मुताबिक, मुंबई के दादर में एक नाबालिग को हथियार सौंपे जाने की बात भी सामने आई है। इसी आरोप की जांच के तहत पुलिस राधा के गांव पहुंची और उसके परिवार से जुड़े लोगों से जानकारी जुटाई। हालांकि, राधा पर लगे आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।

करमसेपुर गांव पहुंची दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल

मिश्रिख कोतवाली क्षेत्र के करमसेपुर गांव की रहने वाली राधा का नाम अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हमले के मामले की जांच में सामने आया है। इस मामले में पुलिस को शक है कि राधा ने हमले की योजना से जुड़े लोगों तक हथियार पहुंचाने में भूमिका निभाई थी।

इसी कड़ी में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल गांव पहुंची। यहां पुलिसकर्मियों ने राधा के परिजनों और आसपास रहने वाले ग्रामीणों से पूछताछ की। पुलिस ने राधा के परिवार, उसके पुराने संबंधों और उससे जुड़ी अन्य जानकारियों के बारे में सवाल किए।

बताया जा रहा है कि पुलिस टीम सादे कपड़ों में गांव पहुंची थी। पूछताछ के दौरान मामले से जुड़ी जानकारियां जुटाई गईं। जांच एजेंसियां यह समझने का प्रयास कर रही हैं कि राधा की भूमिका क्या थी और उसका संपर्क किन लोगों से था।

ट्रेन से दिल्ली से मुंबई हथियार पहुंचाने का आरोप

जांच एजेंसियों के अनुसार, राधा पर दिल्ली से मुंबई ट्रेन के जरिए पिस्तौल और कारतूस पहुंचाने का आरोप है। आरोप है कि उसने ये हथियार मुंबई के दादर इलाके में एक नाबालिग को सौंपे थे। पुलिस इसी कथित हथियार सप्लाई की कड़ी की जांच कर रही है।

जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हथियार कहां से मिले, उन्हें किसके कहने पर ले जाया गया और मुंबई में उन्हें किसे सौंपा जाना था। इसके साथ ही पुलिस यह भी जानना चाहती है कि इस पूरे मामले में राधा की क्या भूमिका रही और क्या वह किसी गिरोह के संपर्क में थी।

राधा पर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के लिए कूरियर की तरह काम करने का आरोप भी बताया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और अदालत में तथ्यों के सामने आने के बाद ही निकाला जा सकेगा।

मामले में चार आरोपियों की गिरफ्तारी की बात

मिली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें सीतापुर की रहने वाली राधा का नाम भी शामिल बताया जा रहा है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित हमले की योजना किस तरह बनाई गई थी और इसमें शामिल लोगों के बीच किस प्रकार संपर्क था। हथियारों की व्यवस्था से लेकर उन्हें एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने तक की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

राधा के गांव में पूछताछ को भी इसी जांच का हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस उसके पारिवारिक और सामाजिक संपर्कों से जुड़ी जानकारी जुटाकर मामले में सामने आए आरोपों की पड़ताल कर रही है।

राधा की कॉल डिटेल की भी जांच

मामले की जांच के दौरान राधा की कॉल डिटेल खंगाले जाने की जानकारी भी सामने आई है। कॉल डिटेल के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा सकती है कि वह किन लोगों के संपर्क में थी और संबंधित समय पर उसकी बातचीत किन लोगों से हुई थी।

पुलिस के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि कथित हथियार सप्लाई से पहले और बाद में राधा का किन लोगों से संपर्क रहा। इसके अलावा, जांच एजेंसियां अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के साथ इन जानकारियों का मिलान कर सकती हैं।

हालांकि, कॉल डिटेल या किसी व्यक्ति से संपर्क में होने भर से किसी अपराध में शामिल होने की पुष्टि नहीं होती। मामले में राधा की वास्तविक भूमिका जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

वर्ष 2015 में हुई थी राधा की शादी

राधा के निजी जीवन से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है। उसके पति सुनील के मुताबिक, राधा की शादी वर्ष 2015 में हुई थी। दोनों के बीच वर्ष 2018 में रिश्ता टूट गया था। सुनील का कहना है कि इसके बाद राधा अपने एक साल के बेटे को लेकर चली गई थी।

बताया गया है कि राधा के साथ गए युवक का संबंध कानपुर के दादुरपुर इलाके से बताया जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में सामने आई जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि होना जरूरी है।

राधा के पारिवारिक जीवन से जुड़े इन तथ्यों को भी पुलिस की पूछताछ के दौरान जानकारी जुटाने के संदर्भ में देखा जा रहा है। फिलहाल, इन निजी घटनाओं और हथियार पहुंचाने के आरोपों के बीच क्या संबंध है, यह स्पष्ट नहीं है।

मां ने बेटी को साजिश के तहत फंसाने का दावा किया

इस पूरे मामले में राधा की मां ने अपनी बेटी को साजिश के तहत फंसाए जाने का दावा किया है। उनका कहना है कि उनकी बेटी को गलत तरीके से मामले में शामिल किया जा रहा है।

एक ओर पुलिस राधा पर लगे आरोपों की जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर उसके परिवार की तरफ से उसे फंसाए जाने की बात कही जा रही है। ऐसे में मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है।

पुलिस की जांच में सामने आने वाले साक्ष्य ही यह स्पष्ट कर सकेंगे कि राधा की भूमिका क्या थी और उस पर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल, परिवार की ओर से लगाए गए दावे और जांच एजेंसियों के आरोप, दोनों को जांच के आधार पर परखा जाना बाकी है।

पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

टाइगर श्रॉफ पर हमले के मामले में हथियारों की कथित सप्लाई को लेकर जांच एजेंसियां अलग-अलग कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। इसी क्रम में सीतापुर के करमसेपुर गांव में पूछताछ की गई। पुलिस राधा के परिजनों और ग्रामीणों से जानकारी जुटाकर उसके संपर्कों और कथित भूमिका की पड़ताल कर रही है।

इस मामले में आगे की जांच के दौरान हथियारों की व्यवस्था, उन्हें मुंबई तक पहुंचाने और कथित तौर पर दूसरे व्यक्ति को सौंपने से जुड़े तथ्यों पर ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, कॉल डिटेल और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच से भी मामले में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

फिलहाल, राधा पर हथियार पहुंचाने और गिरोह से जुड़े होने के आरोप हैं, जबकि उसकी मां ने उसे साजिश के तहत फंसाए जाने का दावा किया है। मामले में अंतिम सच्चाई जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।

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