रांका, दास और शिंदे पहुंचे दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच, सौरभ बोले- अपना पक्ष रखेंगे
सौरभ दास ने कहा ‘हम लोग अपना पक्ष रखेंगे.. बाकी देखते हैं जो होता है।’

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख नेता सौरभ दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे शुक्रवार को दिल्ली के मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे और यहां SEM कोर्ट के सामने पेश हुए। इस दौरान अंदर जाते समय मीडिया से बात करते हुए पार्टी के सह संयोजक सौरभ दास ने कहा ‘हम लोग अपना पक्ष रखेंगे.. बाकी देखते हैं जो होता है।’
SEM कोर्ट में हुई पेशी के बाद सौरभ दास ने अंदर हुई कार्यवाही के बारे में किसी भी तरह की जानकारी देने से इनकार कर दिया। इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए दास ने कहा, ‘मैं सभी से अनुरोध करूंगा कि एग्जीक्यूटिव कोर्ट में चल रही कार्यवाही का सम्मान करें, हम इस कार्यवाही के बारे में मीडिया के साथ कोई जानकारी साझा नहीं कर रहे हैं।
जो लोग जानकारी लीक कर रहे हैं, उन्हें भी न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए। उन्हें इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि जरूरत पड़ने पर हम भी कार्रवाई कर सकते हैं। सभी को जिम्मेदारी से काम लेना चाहिए।’
आगे उन्होंने कहा, ‘जहां तक हमारी भविष्य की योजनाओं की बात है, तो इस पर सभी लोग मिलकर फैसला लेंगे। यह कोई ऐसा फैसला नहीं है, जिसे सिर्फ CJP अकेले ले।
इस आंदोलन से कई लोग जुड़े हुए हैं, और सभी लोग चर्चा करके तय करेंगे कि आगे क्या कदम उठाना है। ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा तय है।’ कॉकरोच पार्टी के ये नेता SEM कोर्ट के दो दिन पहले दिए आदेश के आधार पर पेशी के लिए पहुंचे थे।
SEM कोर्ट में हुई पेशी के बाद जब आशुतोष रांका से यह पूछा गया कि अगर नेताओं को हिरासत में ले लिया जाएगा तो यह आंदोलन कैसे आगे बढ़ेगा, तो CJP के सह संयोजक ने कहा, ‘आंदोलन जारी रहेगा।
हम नेता नहीं हैं, हम उस मंच के संरक्षक हैं जो हमें इस देश के लोगों ने दिया है, और हम बस अपना सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश कर रहे हैं। हम जेल में रहें या बाहर, आंदोलन चलता रहेगा। हमने अपने बारे में और इस व्यवस्था के काम करने के तरीके के बारे में बहुत कुछ सीखा है। जाहिर है, हम जरूरत के हिसाब से खुद में बदलाव लाएंगे और आगे बढ़ेंगे।’
इससे पहले बुधवार को दिल्ली के एक विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) ने सौरव दास और आशुतोष रांका को उस हलफनामे के आधार पर दोनों को रिहा करने का आदेश दिया था,
जिसमें उन्होंने कहा था कि वे शांति भंग नहीं करेंगे और जब तक जंतर-मंतर अधिसूचित धरना स्थल नहीं है, तब तक वहां विरोध-प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे। जिसके बाद कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 23 अक्टूबर को दोपहर तीन बजे निर्धारित की थी।
शुक्रवार को फिर कोर्ट के सामने पेश हुए दोनों
बुधवार को रिहा करते हुए कोर्ट ने दोनों को जांच पूरी होने तक 50 हजार रुपए का निजी बॉन्ड और जमानती बॉन्ड (surety bonds) जमा करने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही SEM कोर्ट ने दोनों को शुक्रवार को दोपहर 3 बजे अपनी जमानत (श्योरिटी) के साथ फिर से SEM कोर्ट में पेश होने के लिए कहा था।
साथ ही, पुलिस को भी एक वेरिफिकेशन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। जिसके बाद ये नेता मंदिर मार्ग स्थित SEM कोर्ट पहुंचे।
इससे पहले दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में दास और रांका को गुरुवार को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन उन्होंने पेश होने के लिए और समय मांगा था।
इन नेताओं के खिलाफ 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर जाने के लिए एक निजी संपत्ति में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने और लोक सेवकों के काम में बाधा डालने के आरोप में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि शांति भंग न करने का हलफनामा देने के बाद उन्हें बुधवार को रिहा कर दिया गया था।
पिछली सुनवाई के दौरान सुनवाई के दौरान पुलिस ने CJP के एक अन्य सदस्य के उस बयान का भी हवाला दिया, जो पिछली सुनवाई के बाद नेताओं को तिहाड़ जेल ले जाते समय मीडिया में दिया गया था। पुलिस ने दलील दी कि इस बयान से विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत की अवमानना हुई। जिसके बाद दास और रांका के वकील ने बिना शर्त माफी मांगी और अदालत को आश्वासन दिया कि इस तरह का आचरण दोहराया नहीं जाएगा।
हालांकि, मजिस्ट्रेट ने कहा कि शांति और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्काल निवारक उपायों की जरूरत दोनों नेताओं से मुचलके भरवाकर और उनके लिखित हलफनामे लेकर पर्याप्त रूप से पूरी की जा सकती है।
जंतर-मंतर के गैर-अधिसूचित विरोध स्थल में कथित तौर पर प्रवेश और शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉण्ड का उल्लंघन करने के आरोप में हिरासत में लिए जाने के बाद दास और रांका को 14 अक्टूबर को शुरुआत में पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। इसके बाद अदालत ने 19 अक्टूबर को उनकी हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी थी, जो बुधवार को समाप्त हो गई थी।



