दल बदलने वाले नेताओं से चुनाव खर्च वसूली की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर इस मामले पर जवाब मांगा है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: देश की सर्वोच्च अदालत ने राजनीति में धड़ल्ले से होने वाले दलबदल और बार-बार होने वाले उपचुनावों को लेकर एक अहम कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर इस मामले पर जवाब मांगा है।
अदालत में दाखिल की गई एक याचिका में मांग की गई है कि जो विधायक या सांसद अपने पद से इस्तीफा देकर किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल होते हैं और दोबारा चुनाव लड़ते हैं, उन पर जनता के पैसे का बोझ न डाला जाए। ऐसे नेताओं से ही उपचुनाव का पूरा खर्च वसूला जाना चाहिए।
याचिकाकर्ता के. सुथन ने तमिलनाडु मदुरांतकम और धरापुरम निर्वाचन क्षेत्रों में हाल ही में हुए उपचुनावों में ECI और सरकार द्वारा किए गए खर्च का विवरण भी मांगा है. तमिलनाडु में एआईएडीएमके (AIADMK) के कुछ विधायकों द्वारा चुनाव जीतने के बाद इस्तीफा देकर दूसरी पार्टी (टीवीके) में शामिल होने और दोबारा चुनाव लड़ने के संदर्भ में यह याचिका दायर की गई है.
AIADMK छोड़ TVK में शामिल हुए थे विधायक
सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को स्वीकार करते हुए सी विजयभास्कर, एमआर विजय भास्कर, एसकी सुब्बैया और एस जयकुमार को नोटिस जारी किया है. इन लोगों ने AIADMK विधायक के पद से इस्तीफा दे दिया था और TVK में शामिल हो गए हैं. याचिका में मांग की गई है जो विधायक या सांसद स्वेच्छा से इस्तीफा देकर किसी अन्य राजनीतिक दल से दोबारा चुनाव लड़ते हैं, उन पर उपचुनाव का खर्च थोपा जाए यानी चुनाव का खर्चा उनसे वसूला जाए ताकि जनता के पैसों का दुरुपयोग न हो.
सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन की बेंच ने मंगलवार (27 अक्टूबर 2026) को इस मुद्दे पर दायर याचिका पर सुनवाई की और नोटिस जारी किया. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, भारत निर्वाचन आयोग (ECI), तमिलनाडु के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और संबंधित विधायकों सहित अन्य पक्षों से जवाब मांगा है.
अपनी सीटों से दिया था इस्तीफा
याचिकाकर्ता के. सुथन के मुताबिक तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के बाद AIADMK के छह निर्वाचित विधायकों ने अपनी सीटों से इस्तीफा दे दिया था. इनमें एस. जयकुमार, मरगाथम कुमारवेल, पी. सत्यबामा, डॉ. एसाक्की सुब्बैया, सी. विजयभास्कर और एम. आर. विजय भास्कर के नाम शामिल हैं.
इस्तीफे की वजह से उपचुनाव की जरूरत
याचिका में कहा गया कि विधायकों के इस्तीफे की वजह से संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव कराने की जरूरत पड़ी. याचिकाकर्ता का आरोप है कि विधायकों ने बिना किसी अनिवार्य परिस्थिति के राजनीतिक कारणों से इस्तीफा दिया. उनका तर्क है कि इससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ा.
‘खर्च करदाताओं को ही क्यों उठाना चाहिए’
याचिका में कहा गया है कि अगर किसी विधायक के स्वैच्छिक इस्तीफे से उसी सीट पर दोबारा चुनाव कराना पड़े, तो उसका खर्च करदाताओं को ही क्यों उठाना चाहिए. याचिकाकर्ता का कहना है कि मामला सिर्फ राजनीतिक दल बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि मतदाताओं के जनादेश और सार्वजनिक धन के इस्तेमाल से भी जुड़ा है.
इससे पहले याचिकाकर्ता के. सुथन की इस जनहित याचिका को मद्रास हाई कोर्ट ने 24 सितंबर 2026 को खारिज कर दिया था. मुख्य न्यायाधीश एस. ए. धर्माधिकारी और जस्टिस जी. अरुल मुरुगन की बेंच ने कहा था कि चुनाव खर्च की वसूली के लिए नई व्यवस्था बनाना और इस्तीफा देने वाले विधायकों पर नई अयोग्यता लागू करना विधायी नीति का विषय है.



