घुसपैठियों के मुद्दे पर गरमाई सियासत, SIR को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा
कांग्रेस का कहना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस साजिश को अंजाम दिया, जिसका मकसद भारतीयों के एक बड़े हिस्से को उनके संवैधानिक मताधिकार से वंचित करना है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कांग्रेस ने गुरुवार को आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों का ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की ओर से रची गई एक साजिश है.
कांग्रेस का कहना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस साजिश को अंजाम दिया, जिसका मकसद भारतीयों के एक बड़े हिस्से को उनके संवैधानिक मताधिकार से वंचित करना है. कांग्रेस ने अपनी मांग को दोहराते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार को हटाया जाए, SIR को निलंबित किया जाए और ECINET पोर्टल को नए सिरे से तैयार किया जाए.
कांग्रेस के कम्युनिकेशन इंचार्ज महासचिव जयराम रमेश ने एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर करते हुए दावा किया कि छह राज्यों में कम से कम 1600 संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान की गई है, जहां SIR का काम या तो पूरा हो चुका है या चल रहा है. वोटर्स की कुल संख्या के मुकाबले यह आंकड़ा बहुत ही मामूली है.
गृह मंत्री झूठ बोल रहे थे- जयराम रमेश
जयराम रमेश ने कहा, ‘गृह मंत्री ने कहा था कि SIR का 3D उद्देश्य है, जिसमें घुसपैठियों की पहचान करना, उन्हें हटाना और वापस उनके देश भेजनाय…ताकि वोटर लिस्ट को साफ किया जा सके. SIR ने असल में क्या हासिल किया है? कर्नाटक, झारखंड, मेघालय, केरल, गोवा और मिजोरम में अलग-अलग देशों के केवल 1600 विदेशियों की पहचान की गई और उन्हें हटाया गया. इन राज्यों में लगभग 10 करोड़ लोगों को SIR प्रक्रिया से गुजरना पड़ा ताकि 1600 विदेशियों को खोजा जा सके, बाकी 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने कोई डेटा नहीं दिया क्योंकि चुनाव आयोग ने ऐसा कोई डेटा इकट्ठा करने के लिए कहा ही नहीं था. साफ है कि गृह मंत्री झूठ बोल रहे थे.’
कर्नाटक में सिर्फ 716 विदेशी नागरिक मिले
उन्होंने कहा, ‘कर्नाटक में जहां 99.7 लाख नाम हटाए गए हैं, वहां 716 विदेशी नागरिकों की पहचान हुई, जिनमें से 545 नेपाल से हैं. इससे बस वही साबित होता है जो शुरू से ही साफ था कि SIR का असली मकसद यह सुनिश्चित करना था कि भारतीयों के एक बहुत बड़े हिस्से से उनका वोट देने का संवैधानिक अधिकार छीन लिया जाए. SIR एक साजिश थी, जिसे प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की जोड़ी ने रचा था और जिसे मुख्य चुनाव आयुक्त ने ECINET सहित कई तरीकों का इस्तेमाल करके लागू किया.’ जयराम रमेश ने कहा कि सीईसी ज्ञानेश कुमार को जाना होगा और SIR को निलंबित (सस्पेंड) करना होगा. साथ ही साथ ECINET में आमूल-चूल बदलाव करना होगा.



