INDIA ब्लॉक ने बदली ‘पब्लिक इम्पीचमेंट’ की तारीख, कल खड़गे के आवास पर जुटेंगे नेता
देश की राजनीति में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच विवाद लगातार चर्चा में है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: देश की राजनीति में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच विवाद लगातार चर्चा में है। इसी बीच INDIA ब्लॉक ने अपने प्रस्तावित ‘पब्लिक इम्पीचमेंट’ कार्यक्रम की तारीख बदल दी है।
पहले यह कार्यक्रम 30 अक्टूबर को आयोजित होना था, लेकिन दिल्ली में बारिश के कारण इसे एक दिन के लिए टाल दिया गया है। अब यह कार्यक्रम 31 अक्टूबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दिल्ली स्थित आवास पर आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में INDIA ब्लॉक के कई विपक्षी दलों के नेता शामिल होंगे। इसका मकसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को जनता के सामने रखना है। विपक्ष इस कार्यक्रम को चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ अपने विरोध के रूप में देख रहा है।
बारिश के कारण बदली कार्यक्रम की तारीख
INDIA ब्लॉक ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘पब्लिक इम्पीचमेंट’ कार्यक्रम की तैयारी की थी। इसके लिए 30 अक्टूबर की तारीख तय की गई थी। कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के सरकारी आवास, 10 राजाजी मार्ग, नई दिल्ली में होना था।
हालांकि, शुक्रवार को बारिश के कारण विपक्षी गठबंधन ने कार्यक्रम को टालने का फैसला किया। अब यह कार्यक्रम शनिवार यानी 31 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम को लेकर विपक्षी दलों के बीच पहले ही बैठक हो चुकी है। नेताओं ने कार्यक्रम की रूपरेखा, बोलने वाले नेताओं और आगे की रणनीति पर चर्चा की थी।
खड़गे के आवास पर जुटेंगे INDIA ब्लॉक के नेता
इस कार्यक्रम में कांग्रेस समेत INDIA ब्लॉक में शामिल कई दलों के नेता हिस्सा लेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर होने वाले इस आयोजन में अलग-अलग दलों के प्रतिनिधि अपनी बात रखेंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार करेंगी। मल्लिकार्जुन खड़गे मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव पेश करेंगे, जबकि राहुल गांधी कार्यक्रम के आखिर में अपनी बात रखेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस आयोजन में अलग-अलग विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों को बोलने का मौका दिया जाएगा। इसके अलावा चुनावी प्रक्रिया से प्रभावित होने का दावा करने वाले कुछ लोगों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को भी अपनी बात रखने के लिए बुलाया जा सकता है।
क्या है ‘पब्लिक इम्पीचमेंट’ और क्यों कर रहा है विपक्ष?
दरअसल, ‘पब्लिक इम्पीचमेंट’ INDIA ब्लॉक की ओर से आयोजित किया जा रहा एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के आरोपों को सार्वजनिक रूप से उठाना है।
विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया को सही तरीके से नहीं संभाला है। विपक्षी दल खासतौर पर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि इस प्रक्रिया से कई मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं और चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। हालांकि, ये विपक्ष के आरोप हैं। इन आरोपों को लेकर चुनाव आयोग और संबंधित पक्षों का जवाब भी महत्वपूर्ण है।
SIR और वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्ष का विरोध
INDIA ब्लॉक पिछले कुछ समय से चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर विरोध कर रहा है। विपक्षी दल इसे ‘वोट चोरी’ का मुद्दा बता रहे हैं। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग को इन सवालों का जवाब देना चाहिए।
इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और उनके इस्तीफे की मांग भी उठाई है। दूसरी ओर, ‘पब्लिक इम्पीचमेंट’ नाम से होने वाला यह कार्यक्रम कोई आधिकारिक संवैधानिक महाभियोग प्रक्रिया नहीं है। यह विपक्ष की ओर से आयोजित एक राजनीतिक और प्रतीकात्मक विरोध कार्यक्रम है। इससे मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद से नहीं हटते।
1 नवंबर को रामलीला मैदान में होगी विपक्ष की रैली
INDIA ब्लॉक की रणनीति केवल इस कार्यक्रम तक सीमित नहीं है। विपक्ष ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली करने की भी योजना बनाई है। इस रैली के जरिए विपक्ष ‘वोट चोरी’ और SIR के मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाना चाहता है। कांग्रेस नेताओं ने देशभर के लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं से इसमें शामिल होने की अपील की है। कांग्रेस का लक्ष्य इस रैली में बड़ी संख्या में लोगों को जुटाने का है। पार्टी नेताओं के अनुसार, इसके जरिए चुनावी व्यवस्था और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर जनता के बीच चर्चा की जाएगी।
बारिश के कारण तारीख बदलने के बाद अब सभी की नजरें 31 अक्टूबर को होने वाले INDIA ब्लॉक के कार्यक्रम पर हैं। देखना होगा कि इस आयोजन में कौन-कौन से विपक्षी नेता शामिल होते हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर क्या बातें रखी जाती हैं। इसके साथ ही 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली रैली भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आने वाले दिनों में SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयोग को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है।



