शक्ति सिंह गोहिल का BJP पर हमला, 1 नवंबर को रामलीला मैदान में जुटेगा विपक्ष

कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव को लोकतंत्र का मूल आधार बताते हुए चुनावी प्रक्रिया में कथित साजिश...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः वोट चोरी को लेकर इंडिया गठबंधन एक जुट हो गया है.. और राहुल गांधी के आवाह्न पर 1 नवंबर को रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की बड़ी रैली होने जा रही है.. आपको बता दें कि विपक्ष लगातार चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाता रहा है.. और ज्ञानेश कुमार को मोदी-शाह के लिए काम करने का आरोप लगाता रहा है.. और चुनाव आयुक्त का इस्तीफा मांग रहा है.. एसआईआर को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.. वावजूद इसके ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त की कुर्सी पर विराजमान है.. जिसको लेकर लोग सड़कों पर उतर आए हैं और ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे हैं.. इसी कड़ी में इंडिया गठबंधन 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान एक ऐतिहासिक रैली करने जा रहा है..

जिसको लेकर गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष शक्ति सिंह गोहिल ने एक महत्वपूर्ण और गंभीर बयान देते हुए स्पष्ट रूप से कहा है कि.. स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव किसी भी लोकतंत्र की नींव होते हैं.. यही आधार हमारे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाता है.. और नागरिकों को सच्ची शक्ति प्रदान करता है.. जब चुनाव प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी होती है.. तो पूरा लोकतंत्र कमजोर पड़ जाता है.. गोहिल ने इस बात पर जोर दिया कि आज यही आधार नष्ट करने की एक सुनियोजित साजिश रची जा रही है.. इसके ठोस सबूत अब सामने आ चुके हैं.. ऐसे में हर सच्चे देशभक्त का फर्ज है कि वह आगे आए.. और अपने लोकतंत्र की रक्षा करे.. एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में एकजुट होकर हम इस साजिश के खिलाफ आवाज उठा सकते हैं..

हमारे लोकतंत्र पर लगातार हमला हो रहा है.. मतदाता सूची से लगभग तेरह करोड़ नाम हटा दिए गए हैं.. यह कोई छोटी बात नहीं है.. इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम गायब होना लोकतंत्र की जड़ों को हिला देने वाला है.. एक के बाद एक कई राज्यों में मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लग रहे हैं.. नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता की भारी कमी दिख रही है.. जब आम नागरिक अपने वोट के अधिकार की रक्षा की बात करते हैं.. तो उन्हें लाठीचार्ज और गिरफ्तारियों का सामना करना पड़ता है.. लेकिन देश के जागरूक नागरिक चुप नहीं बैठेंगे.. वे डरेंगे नहीं और अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे..

विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस महत्वपूर्ण लड़ाई का नेतृत्व कर रहे हैं.. वे निडर होकर सवाल उठा रहे हैं.. और सत्ता में बैठे लोगों को जवाबदेह ठहरा रहे हैं.. उनके साहस ने पूरे देश में जागरूकता पैदा की है.. वहीं अब समय आ गया है कि हम सब उनके साथ खड़े हों और इस लड़ाई में सक्रिय रूप से शामिल हों.. लोकतंत्र की रक्षा कोई एक व्यक्ति या दल का काम नहीं है.. यह हर भारतीय का साझा कर्तव्य है.. जब नेता सवाल उठाते हैं तो जनता का समर्थन उन्हें और मजबूत बनाता है.. इसलिए हर नागरिक को इस आंदोलन का हिस्सा बनना चाहिए..

आपको बता दें कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन एक विशाल रैली और मार्च का आयोजन कर रहा है.. इस कार्यक्रम में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जाएगी.. साथ ही मोदी सरकार से पूरी जवाबदेही मांगी जाएगी.. रामलीला मैदान ऐतिहासिक रूप से लोकतांत्रिक आवाजों का केंद्र रहा है.. यहां एकत्र होकर देशभर के नागरिक एक स्वर में बोलेंगे.. यह रैली सिर्फ विरोध प्रदर्शन नहीं बल्कि लोकतंत्र बचाने का संकल्प है.. इसमें शामिल होकर हर व्यक्ति अपने वोट के अधिकार की रक्षा कर सकता है..

शक्ति सिंह गोहिल ने स्पष्ट किया कि वे खुद रामलीला मैदान में मौजूद रहेंगे.. उनकी हर भारतीय से अपील है कि वे इस महत्वपूर्ण अवसर पर साथ जुड़ें.. यह उठ खड़े होने का समय है.. अपनी आवाज उठाने का समय है.. हमारे लोकतंत्र का भविष्य दांव पर है.. और हम चुप नहीं रह सकते.. जब मतदाता सूची में इतने बड़े पैमाने पर नाम गायब होते हैं.. तो सवाल उठना स्वाभाविक है.. इन सवालों का जवाब पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच से ही मिल सकता है..

 

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