सोमनाथ मंदिर के पास नॉनवेज बैन पर बड़ा उलटफेर, पहले रोक हटी, 2 घंटे बाद डबल बेंच का स्टे
सोमनाथ मंदिर के आसपास नॉनवेज बेचने पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने शुक्रवार को सोमनाथ मंदिर के आसपास नॉन-वेज बेचने पर लगी रोक को हटा दिया था.. जस्टिस निशा एम. ठाकोर ने यह फैसला सुनाया.. और स्थानीय प्रशासन पर गलत शक्तियों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया.. लेकिन इस फैसले के करीब दो-ढाई घंटे बाद ही डबल बेंच ने उस पर स्टे लगा दिया.. चीफ जस्टिस मनश रंजन पाठक.. और जस्टिस निर्जर एस. देसाई की खंडपीठ ने राज्य सरकार की तत्काल अपील पर सुनवाई करते हुए सिंगल बेंच के आदेश को स्थगित कर दिया.. अब मंदिर के 500 मीटर दायरे.. और छह मुख्य तीर्थ मार्गों पर नॉन-वेज बनाना, रखना.. और बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.. अगली सुनवाई 26 दिसंबर को तय की गई है..
सोमनाथ मंदिर हिंदू धर्म के बारह ज्योतिर्लिंगों में पहला और सबसे पवित्र स्थान माना जाता है.. अरब सागर के किनारे स्थित यह मंदिर सदियों से श्रद्धालुओं का केंद्र रहा है.. हर साल करोड़ों भक्त यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं.. सरकारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी से सितंबर 2026 के बीच लगभग 1.16 करोड़ श्रद्धालुओं ने मंदिर का दौरा किया.. दीपावली और गुजराती नववर्ष जैसे त्योहारों के दौरान यह संख्या और भी बढ़ जाती है.. ऐसे में प्रशासन का तर्क है कि तीर्थ क्षेत्र की पवित्रता बनाए रखना जरूरी है.. ताकि भक्तों को किसी तरह की असुविधा न हो..
अगस्त 2026 में गिर सोमनाथ के जिला मजिस्ट्रेट ने गुजरात पुलिस अधिनियम की धारा 33(1)(डब्ल्यू) के तहत नोटिफिकेशन जारी किया.. इसमें मंदिर के 500 मीटर दायरे के साथ-साथ भालका मंदिर से भिड़िया सर्कल, शंख सर्कल, सफारी सर्कल, गीता मंदिर से हमीरजी सर्कल जैसे छह प्रमुख रास्तों पर नॉन-वेज भोजन तैयार करने, भंडारण करने.. और बेचने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया.. प्रशासन का कहना था कि अब सोमनाथ नया जिला बन चुका है.. और मंदिर कॉरिडोर का विस्तार हो रहा है.. इसलिए प्रतिबंध क्षेत्र बढ़ाना आवश्यक है..
वहीं इस नोटिफिकेशन के खिलाफ सोमनाथ के सात रेस्तरां मालिकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की.. इनमें ताज रेस्तरां, जेएम रेस्तरां, न्यू गुलाब, किस्मत रेस्तरां सहित अन्य शामिल थे.. उनका मुख्य तर्क था कि वे पिछले बीस-पच्चीस साल से वैध लाइसेंस लेकर व्यवसाय चला रहे हैं.. सरकार ने अचानक उनका धंधा बंद करवा दिया.. एक व्यापारी को पुलिस चौकी में बुलाकर लिखवाया गया कि वह भविष्य में नॉन-वेज नहीं बेचेगा.. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह संविधान के अनुच्छेद 19(1)(जी) के तहत व्यापार करने के मौलिक अधिकार का स्पष्ट उल्लंघन है..
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से वकील जी.एच. विर्क ने जोरदार दलील दी.. और उन्होंने कहा कि सोमनाथ सिर्फ कोई साधारण बाजार नहीं है.. यह करोड़ों श्रद्धालुओं का आध्यात्मिक केंद्र है.. हरिद्वार, ऋषिकेश, अमृतसर के स्वर्ण मंदिर, मथुरा-वृंदावन.. और अयोध्या में भी ऐसे ही प्रतिबंध लागू हैं.. और अदालतों ने उन्हें सही ठहराया है.. सरकार दुकानें बंद नहीं करवा रही.. बल्कि केवल नॉन-वेज की बिक्री पर रोक लगा रही है.. वे शाकाहारी भोजन बेच सकते हैं..
याचिकाकर्ताओं ने जवाब में कहा कि सरकार बार-बार पुराने आदेशों के ऊपर नया आदेश जारी करके धीरे-धीरे पूरे सोमनाथ शहर को शाकाहारी जोन बना रही है.. बिना कोई ठोस नया कारण बताए क्षेत्र बढ़ाया जा रहा है.. और उन्होंने तर्क दिया कि कई स्थानीय निवासी और पर्यटक नॉन-वेज खाते हैं.. पूर्ण प्रतिबंध उनके रोजी-रोटी पर सीधा हमला है.. सिंगल बेंच ने इन दलीलों को सही ठहराते हुए नोटिफिकेशन को रद्द कर दिया.. और कहा कि विनियमन का अधिकार पूर्ण प्रतिबंध का अधिकार नहीं देता..



