सिखों पर बयान को लेकर राहुल गांधी को राहत, हाई कोर्ट ने सुनाया अहम फैसला
सिखों पर कथित विवादित टिप्पणी के मामले में राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर दाखिल याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है।
सिखों पर कथित विवादित टिप्पणी के मामले में राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर दाखिल याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। अदालत के इस फैसले से राहुल गांधी को बड़ी राहत मिली है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, यह पूरा मामला कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से सिख समुदाय को लेकर की गई कथित विवादित टिप्पणी से जुड़ा हुआ है। इस टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई गई थी। इसी सिलसिले में अदालत में एक याचिका दाखिल की गई थी, जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश देने की मांग की गई थी।
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत से मांग की गई थी कि राहुल गांधी के कथित बयान को लेकर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाए और मामले में कानूनी कार्रवाई की जाए।
दरअसल, याचिकाकर्ताओं ने इस मामले में पहले वाराणसी की अदालत का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन वहां से अर्जी खारिज कर दी गई थी. इसके बाद याचिकाकर्ता नागेश्वर मिश्रा और अन्य ने वाराणसी कोर्ट के फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. मामले में 16 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.
BNSS की धारा 528 के तहत दायर थी याचिका
वहीं, आजहाई कोर्ट के जस्टिस विक्रम डी. चौहान की पीठ ने फैसला सुनाते हुए याचिका को खारिज कर दिया. याचिकाकर्ता नागेश्वर मिश्रा और अन्य की ओर से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 528 के तहत याचिका दाखिल की गई थी. वही, इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी को कानूनी तौर पर बड़ी राहत मिली है.
हाई कोर्ट में याचिकाकर्ता नागेश्वर मिश्रा और अन्य की ओरसे पेश अधिवक्ता सत्येंद्र कुमार त्रिपाठी ने अपना पक्ष रखा, जबकि राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने दलीलें पेश कीं.
सिखों पर विवादित टिप्पणी से जुड़ा है मामला
यह पूरा मामला राहुल गांधी के 10 सितंबर 2024 को अमेरिका दौरे के दौरान एक कार्यक्रम में की गई टिप्पणी से जुड़ा है. राहुल गांधी ने कहा था ‘लड़ाई इस बात को लेकर है कि क्या भारत में एक सिख को अपनी पगड़ी और ‘कड़ा’ पहनने की आजादी मिलेगी? क्या एक सिख को गुरुद्वारे में जाने की अनुमति मिलेगी? राहुल गांधी ने कहा कि यह चिंता सिख समुदाय में ही नहीं, सभी धर्मों में है.
इस बयान को लेकर बीजेपी ने उस समय राहुल गांधी की तीखी आलोचना की थी. बीजेपी ने आरोप लगाया था कि यह राहुल गांधी का एक ‘खतरनाक नैरेटिव’ है. भारत में सिखों को पूरी धार्मिक आजादी है. राहुल गांधी विदेशों में ऐसा बयान देकर भारत की छवि खराब कर रहे हैं. साथ ही बीजेपी ने कांग्रेस को साल 1984 के सिख दंगों को लेकर भी जमकर निशाना साधा था.



