आसमान के जांबाज अभिनंदन की नई पारी, एयरफोर्स छोड़ प्राइवेट एयरलाइंस का थामा हाथ

भारतीय वायुसेना के पूर्व ग्रुप कैप्टन और वीर चक्र विजेता अभिनंदन वर्धमान अब गोवा की क्षेत्रीय एयरलाइन फ्लाई91 में पायलट के तौर पर काम करेंगे. सूत्रों के अनुसार, वो अगस्त में एयरलाइन से जुड़े.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भारतीय वायुसेना के पूर्व ग्रुप कैप्टन और वीर चक्र विजेता अभिनंदन वर्धमान अब गोवा की क्षेत्रीय एयरलाइन फ्लाई91 में पायलट के तौर पर काम करेंगे. सूत्रों के अनुसार, वो अगस्त में एयरलाइन से जुड़े.

पाकिस्तान का फाइटर जेट साल 2019 में मार गिराने वाले भारतीय वायुसेना के पूर्व ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान अब गोवा की क्षेत्रीय एयरलाइन फ्लाई91 से पायलट के रूप में जुड़ गए हैं. सूत्रों की तरफ से ये जानकारी दी गई है.

वीर चक्र से सम्मानित अभिनंदन अगस्त महीने में इस एयरलाइन में शामिल हुए. वो एयर फोर्स छोड़कर प्राइवेट एयरलाइंस से जुड़े हैं. 2019 में पाकिस्तान के साथ हुई हवाई लड़ाई के बाद वे चर्चा में आए थे.

उस लड़ाई में उन्होंने एक पाकिस्तानी विमान को मार गिराया था. इसके बाद वे तीन दिन तक पाकिस्तान की हिरासत में भी रहे थे. साल 2021 में उन्हें वीर चक्र दिया गया था. ये युद्ध के समय दिया जाने वाला भारत का तीसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार है.

फ्लाई91 के प्रवक्ता ने इस बारे में फिलहाल, कोई ऑफिशियल नहीं की. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की प्राइवेट जानकारी व्यक्तिगत मामला है. एयरलाइन में उनकी भूमिका के बारे में और ज्यादा जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है. फ्लाई91 ने मार्च 2024 में उड़ानें शुरू की थीं. फिलहाल, उसके पास 6 एटीआर 72-600 विमान हैं. इसके मुख्य केंद्र गोवा और हैदराबाद में हैं.

उन्हें 27 फरवरी, 2019 को लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के ऊपर हुई डॉगफाइट (हवाई लड़ाई) में पाकिस्तानी F-16 को मार गिराने के लिए वीर चक्र से सम्मानित किया गया था. सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने 31 मार्च को IAF छोड़ दिया और बाद में एक रीजनल एयरलाइन ‘Fly91’ जॉइन कर ली.

IAF से प्राइवेट एयरलाइन तक

अभिनंदन जिस डॉगफ़ाइट में शामिल थे, वो घटना IAF के मिराज-2000 विमानों द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में ठिकानों पर हमले के एक दिन बाद हुई थी. ये हमला कश्मीर में 14 फरवरी, 2019 को हुए पुलवामा सुसाइड अटैक के जवाब में किया गया था. इसमें सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के 40 जवान शहीद हो गए थे. उस समय वे विंग कमांडर थे.

पाकिस्तान में कब तक रहे?

उस समय 35 साल के अभिनंदन ने मिलिट्री एविएशन के इतिहास में एक मिसाल कायम की. उन्होंने एक F-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया और इसके कुछ ही सेकंड बाद उनके अपने MiG-21 बाइसन विमान पर मिसाइल से हमला हुआ, जिसके कारण उन्हें विमान से बाहर निकलना (इजेक्ट करना) पड़ा. जानकारों ने इसे MiG-21 बाइसन द्वारा F-16 को मार गिराने की पहली घटना बताया.

ये दोनों अलग-अलग जेनरेशन के लड़ाकू विमान हैं. विमान से बाहर निकलने के बाद उन्हें पकड़ लिया गया था, लेकिन पाकिस्तान ने लगभग 60 घंटे तक हिरासत में रखने के बाद 1 मार्च, 2019 को उन्हें भारत वापस भेज दिया.

Related Articles

Back to top button