केजरीवाल को क्लीन चिट मिलते ही AAP आक्रामक | गोपाल इटालिया ने मोर्चा खोला
कथित शराब नीति मामले में केजरीवाल को क्लीन चिट मिलने के बाद आम आदमी पार्टी का रुख और आक्रामक हो गया है..

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है.. आम आदमी पार्टी के विसावदर विधायक गोपाल इटालिया ने सदन में किसानों की समस्याओं को जोरदार तरीके से उठाया.. और उन्होंने ऊर्जा मंत्री से सवाल पूछा कि.. कई साल पहले सरकार ने सब्सिडी वाले ऑफ-ग्रिड सोलर पंप किसानों को दिए थे.. उस समय सरकार ने बड़ी-बड़ी घोषणाएं की थी.. कि अब किसानों को पुराना बिजली कनेक्शन लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी.. सोलर पंप से ही सिंचाई हो जाएगी.. लेकिन पांच साल बाद पुराना बिजली कनेक्शन देने का नियम था.. आज जूनागढ़, अमरेली समेत पूरे गुजरात में सैकड़ों किसानों को 8, 10 या 12 साल बीत जाने के बाद भी बिजली कनेक्शन नहीं मिल रहा है..
गोपाल इटालिया ने कहा कि किसान सिर्फ अपने खेत में सबमर्सिबल मोटर चलाने के लिए एक मीटर.. और लाइट का कनेक्शन मांग रहे हैं.. वे हेलीकॉप्टर, चार्टर प्लेन या राज्यसभा की टिकट नहीं मांग रहे.. वे सिर्फ खेती करने के लिए बिजली चाहते हैं.. लेकिन सरकार कागज पर कागज, धक्के पर धक्के.. और नोटिस पर नोटिस देकर कनेक्शन नहीं दे रही है.. अमरेली जिले की स्थिति और भी गंभीर है.. इटालिया ने सदन में कहा कि किसान हताश हो रहे हैं.. खेती की सर्विस लेना चाहते हैं.. लेकिन सरकार नहीं दे रही है..
आपको बता दें कि यह मुद्दा सिर्फ दो-चार किसानों का नहीं है.. बल्कि पूरे गुजरात में हजारों किसान प्रभावित हैं.. कई वर्ष पहले जब सोलर पंप योजना शुरू हुई थी.. तब सरकार ने कहा था कि यह योजना किसानों की मुश्किलें खत्म कर देगी.. बिजली बिल से मुक्ति मिलेगी.. सिंचाई आसान हो जाएगी.. जिसके बाद सब्सिडी दी गई.. पंप लगाए गए.. लेकिन अब जब पांच साल पूरे हो चुके हैं.. तो पुराना कनेक्शन देने में सरकार टालमटोल कर रही है.. किसान कह रहे हैं कि सोलर पंप सिर्फ दिन में चलता है.. रात में या बादल वाले दिन काम नहीं करता.. सबमर्सिबल मोटर और घर की लाइट के लिए अलग बिजली चाहिए.. बिना कनेक्शन के खेती अधर में लटकी हुई है..
गोपाल इटालिया ने विस्तार से बताया कि जूनागढ़.. और अमरेली जैसे सौराष्ट्र के जिलों में स्थिति सबसे खराब है.. यहां के किसान मुख्य रूप से मूंगफली, कपास, जीरा.. और अन्य फसलों पर निर्भर हैं.. सिंचाई के बिना फसल सूख जाती है.. कई किसान बैंक से लोन लेकर पंप लगवाए थे.. अब लोन की किस्तें भर रहे हैं.. लेकिन बिजली नहीं मिल रही है.. उन्होंने ऊर्जा मंत्री से पूछा कि सरकार इस समस्या का समाधान कब करेगी.. कितने किसानों को अभी तक कनेक्शन नहीं मिला.. क्या कोई समयसीमा तय की जाएगी..
इसके अलावा इटालिया ने पिछले साल के बजट में स्वीकृत राशि से ज्यादा खर्च होने पर अतिरिक्त राशि मंजूर करने का मुद्दा भी उठाया.. लेकिन सबसे बड़ा सवाल ब्याज रिबेट का था.. उन्होंने बताया कि किसानों को समय पर ब्याज रिबेट नहीं मिलता.. बैंक समय पर प्रस्ताव नहीं भेजते.. रिबेट में देरी हो जाती है.. नतीजा यह कि किसान साहूकारों से ऊंचे ब्याज पर कर्ज लेने को मजबूर हो जाते हैं..
आपको बता दें कि इटालिया ने पूछा कि तलाटी-कम-मंत्रियों की गैरहाजिरी को लेकर सरकार को कितनी शिकायतें मिली हैं.. पंचायत मंत्री ने जवाब दिया कि एक भी शिकायत दर्ज नहीं हुई है.. गोपाल इटालिया ने इस जवाब को हकीकत से परे बताया.. उन्होंने कहा कि गांवों में लोग बार-बार शिकायत करते हैं.. लेकिन सरकार सुनने को तैयार नहीं.. तलाटी की गैरहाजिरी एक आम समस्या है.. ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी-छोटी जरूरतों के लिए लोग तहसील या जिला मुख्यालय तक जाते हैं.. समय और पैसे दोनों बर्बाद होते हैं.. इटालिया ने मांग की कि सरकार सख्ती करे.. तलाटी को गांव में रहने के लिए बाध्य किया जाए.. उनकी गैरहाजिरी पर कार्रवाई हो..
जिससे सदन का माहौल तनाव पूर्ण हो गया.. आप के नेता चैतरभाई वसावा ने एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन मतदाता सूची संशोधन को लेकर सवाल किया.. उन्होंने कहा कि मतदाता सूची सुधार कार्यक्रम के दौरान गुजरात के मूल निवासी.. यहां जन्मे नागरिकों के नाम जानबूझकर हटाए जा रहे हैं.. यह योजनाबद्ध साजिश लग रही है.. सरकार इस प्रक्रिया को रोकने में नाकाम रही है…
जब चैतरभाई ने यह मुद्दा उठाया तो सरकार की ओर से.. पॉइंट ऑफ ऑर्डर उठाया गया कि विधानसभा में एसआईआर पर चर्चा नहीं हो सकती… सदन में विभिन्न सदस्यों ने अपने विचार रखे.. गोपाल इटालिया ने भी चर्चा में भाग लिया.. उन्होंने तर्क दिया कि चैतरभाई को एसआईआर मुद्दे पर बोलने का पूरा अधिकार है.. उन्होंने कहा कि पिछले साल बजट पारित होने के समय चुनाव शाखा के लिए आवंटित राशि पर्याप्त नहीं थी.. इसलिए आज वित्त मंत्री ने पूरक विनियोग विधेयक के तहत अतिरिक्त 60 करोड़ रुपये की मांग रखी..
वित्त मंत्री ने खुद स्वीकार किया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान अतिरिक्त प्रशासनिक खर्च हुआ.. गोपाल इटालिया ने अध्यक्ष से कहा कि जब जनता के 60 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च हो रहे हैं.. और फिर भी प्रक्रिया में अनियमितताएं सामने आ रही हैं.. तो इस पर चर्चा करना हर सदस्य का अधिकार है.. नाम गलत तरीके से हटाए जाने, मैप न करने और अन्य अनियमितताओं के आरोप हैं.. इसलिए चर्चा जरूरी है..
वहीं यह फैसला आप के लिए बड़ी राहत था.. चैतरभाई ने सदन में कहा कि हजारों मूल गुजराती नागरिकों के नाम हटाए गए हैं.. यह लोकतंत्र के लिए खतरा है.. मतदाता सूची शुद्ध होनी चाहिए.. लेकिन निर्दोष लोगों के नाम नहीं हटने चाहिए.. इस पूरे घटनाक्रम के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात दौरे का जिक्र भी हुआ.. आप नेताओं ने भाजपा पर तीखे सवाल उठाए.. गोपाल इटालिया ने मोर्चा संभाला और केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधा.. चैतरभाई वसावा ने भी भाजपा पर जमकर हमला बोला.. आप का कहना है कि भाजपा सरकार किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है.. सोलर पंप जैसी अच्छी योजनाओं का लाभ नहीं पहुंचा रही.. बिजली कनेक्शन नहीं दे रही.. रिबेट में देरी कर रही.. तलाटी गांव छोड़ रहे हैं.. और एसआईआर में नाम हटा रही है..
गुजरात में आप की भूमिका विपक्ष की मजबूत आवाज के रूप में उभर रही है.. 2022 के विधानसभा चुनाव में आप ने कुछ सीटें जीती थी.. अब स्थानीय निकाय चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में पार्टी किसान, ग्रामीण.. और आम आदमी के मुद्दों को आगे बढ़ा रही है.. गोपाल इटालिया विसावदर से विधायक हैं और सौराष्ट्र क्षेत्र में सक्रिय हैं.. चैतरभाई वसावा आदिवासी क्षेत्र से आते हैं.. दोनों नेता लगातार सदन में जनसमस्याएं उठाते रहते हैं..



