विधानसभा के बाहर कांग्रेस का जोरदार हंगामा, ट्रेड डील पर सरकार घिरी
विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस ने ट्रेड डील को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला... विपक्ष ने आरोप लगाया कि इस समझौते...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस ने ट्रेड डील को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला… विपक्ष ने आरोप लगाया कि इस समझौते से प्रदेश के व्यापारियों.. और स्थानीय उद्योगों को नुकसान होगा.. बता दें कि 27 फरवरी को गुजरात की विधानसभा में बजट सत्र चल रहा था.. सदन के अंदर सामान्य बहस हो रही थी.. लेकिन अचानक कांग्रेस के सभी 12 विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया.. वे सीधे विधानसभा भवन के मुख्य गेट के बाहर पहुंच गए.. वहां उन्होंने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया.. बता दें कि इस विरोध का नेतृत्व कांग्रेस विधायक और पार्टी के राज्य कार्यकारी अध्यक्ष जिग्नेश मेवानी ने किया.. उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ हालिया ट्रेड डील से गुजरात के छोटे व्यापारियों, टेक्सटाइल उद्योगों, किसानों.. और स्थानीय कारोबारियों को भारी नुकसान होगा.. विपक्ष ने आरोप लगाया कि यह डील गुजरात लॉबी की साजिश है.. जो देश के हितों को ताक पर रखकर कुछ खास लोगों का फायदा कर रही है.. इस हंगामे से पूरे सियासी गलियारों में हलचल मच गई है..
आपको बता दें कि गुजरात विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू हुआ था.. 18 फरवरी को वित्त मंत्री कनु देसाई ने 4 लाख 8 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया.. बजट में विकास कार्यों पर जोर था.. लेकिन कांग्रेस ने इसे किसानों, युवाओं और छोटे उद्योगों के लिए खोखला बताया.. 27 फरवरी को सदन में सोशल जस्टिस विभाग के सवालों पर चर्चा हो रही थी.. कांग्रेस विधायक अमित चावड़ा और शैलेश परमार ने SC-ST-OBC कल्याण बोर्डों के फंड खर्च न होने पर सवाल उठाए.. जिग्नेश मेवानी ने भी SC-ST अत्याचार निवारण कानून की मॉनिटरिंग कमेटी की बैठकें न होने का मुद्दा उठाया..
मंत्री के जवाब से संतुष्ट न होने पर कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया.. बाहर निकलते ही जिग्नेश मेवानी ने मीडिया से बात की और सीधा हमला बोला.. और कहा कि आज हम सदन के बाहर इसलिए आए हैं.. क्योंकि अंदर सच्चाई नहीं बोली जा रही है.. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के साथ ट्रेड डील करके गुजरात के छोटे व्यापारियों.. और उद्योगों को बर्बाद कर रहे हैं.. राहुल गांधी ने ठीक कहा कि पीएम कॉम्प्रोमाइज्ड हैं.. और ट्रंप ने ब्लैकमेल करके डील कराई है.. गुजरात लॉबी इस डील के पीछे है.. अब जवाब देना पड़ेगा..
जानकारी के अनुसार विधायकों ने प्रदर्शन के दौरान चेन पहन ली.. ट्रेड डील से सूरत का टेक्सटाइल बर्बाद.. किसान मिटेंगे, गुजरात रोएगा के प्ले कार्ड दिखाए.. वहीं करीब 2 घंटे तक हंगामा चला.. पुलिस ने घेराबंदी की.. लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं हुई.. मीडिया की भारी भीड़ लगी.. यह तस्वीर पूरे देश में लाइव दिखाई गई.. गुजरात कांग्रेस प्रमुख अमित चावड़ा ने कहा कि यह डील गुजरात के 5 लाख छोटे व्यापारियों.. और 20 लाख टेक्सटाइल मजदूरों को नुकसान पहुंचाएगी..
फरवरी 2026 की शुरुआत में भारत और अमेरिका के बीच इंटरिम ट्रेड डील हुई.. इसमें अमेरिकी कृषि उत्पादों (सोयाबीन ऑयल, सॉरघम, नट्स, फल, वाइन) को भारत में कम टैरिफ पर आने की अनुमति दी गई.. वहीं अमेरिका ने भारतीय टेक्सटाइल, लेदर, ज्वेलरी, फार्मा.. और इंजीनियरिंग गुड्स पर टैरिफ 25-50% से घटाकर 18% कर दिया.. सरकार ने इसे जीत बताया.. और कहा कि निर्यात बढ़ेगा, MSME को फायदा होगा..
लेकिन कांग्रेस और विपक्ष का आरोप है कि यह समर्पण है.. राहुल गांधी ने कहा कि ट्रंप ने मोदी जी को धमकाया.. 35 लाख फाइल्स अभी सीक्रेट हैं.. उनमें पीएम का नाम है.. डील से किसान बर्बाद होंगे, टेक्सटाइल उद्योग को नुकसान होगा.. जिग्नेश मेवानी ने गुजरात संदर्भ में कहा कि सूरत का डायमंड और टेक्सटाइल उद्योग प्रभावित होगा.. छोटे व्यापारी अमेरिकी बड़े कारोबारियों से टक्कर नहीं ले पाएंगे.. गुजरात लॉबी ने अपनी कंपनियों का फायदा देखा.. लेकिन स्थानीय उद्योग बर्बाद हो जाएंगे..
आपको बता दें कि गुजरात भारत का टेक्सटाइल हब है.. सूरत में 5 लाख से ज्यादा टेक्सटाइल यूनिट्स हैं.. जहां 20 लाख लोग काम करते हैं.. यहां सूती और सिंथेटिक कपड़े बनते हैं.. डील में अमेरिका ने भारतीय टेक्सटाइल पर 18% टैरिफ रखा.. जबकि बांग्लादेश को 0% मिलता है.. अगर वे अमेरिकी कॉटन आयात करें.. जिसको लेकर राहुल गांधी ने कहा कि या तो भारतीय किसानों का कॉटन बर्बाद होगा या टेक्सटाइल उद्योग.. गुजरात के किसान कॉटन उगाते हैं.. अगर सस्ता अमेरिकी कॉटन आएगा तो स्थानीय कीमत गिरेगी.. जिससे किसान नुकसान में होंगे..
वहीं डायमंड इंडस्ट्री भी गुजरात की जान है.. सूरत में 80% विश्व डायमंड पॉलिशिंग होती है.. डील में जेम्स एंड ज्वेलरी पर टैरिफ घटने का दावा है.. लेकिन विपक्ष कहता है कि बड़े कारोबारी फायदे में होंगे.. छोटे कारीगर बेरोजगार हो जाएंगे.. केमिकल और फार्मा उद्योग भी प्रभावित होंगे.. छोटे व्यापारी कह रहे हैं.. अमेरिकी बड़ी कंपनियां आएंगी, हमारा बाजार छीन लेंगी.. गुजरात में 10 लाख से ज्यादा MSME हैं.. जिसको लेकर विपक्ष का दावा है कि डील बिना गुजरात विधानसभा में चर्चा के पास हुई.. जिग्नेश मेवानी ने कहा कि यह डील गुजरात लॉबी की है.. मोदी-शाह गुजरात से हैं.. लेकिन राज्य के छोटे उद्योगों को नहीं बचा रहे.. सूरत, अहमदाबाद, राजकोट के व्यापारी सड़कों पर उतरेंगे..
जिग्नेश मेवानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मैं गुजरात का बेटा हूं.. यहां की मिट्टी, यहां के किसान और व्यापारी मेरे लिए मायने रखते हैं.. लेकिन गुजरात लॉबी देश बेच रही है.. ट्रेड डील से सूरत का टेक्सटाइल बर्बाद होगा, किसान आत्महत्या करेंगे.. वहीं अब सदन में चर्चा हो, डील रद्द हो.. उन्होंने चेन दिखाते हुए कहा कि हम चेन तोड़ देंगे, लेकिन सत्य की लड़ाई नहीं छोड़ेंगे.. सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं..



