AAP ने GMC कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग
गांधीनगर में इमारत गिरने की घटना को लेकर AAP ने मोर्चा खोल दिया है... नेताओं ने GMC कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर मामले...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गांधीनगर में इमारत गिरने की घटना के बाद अब इस मामले की निष्पक्ष और उचित जांच की मांग तेज हो गई है.. आम आदमी पार्टी यानी AAP के नेताओं ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है.. इसी मांग को लेकर AAP नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज GMC कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा.. प्रतिनिधिमंडल में गुजरात राज्य के उपाध्यक्ष डॉ. ज्वेल वासरा, कैलाशदान गढ़वी.. और गांधीनगर शहर अध्यक्ष लालभाई वंजारा सहित पार्टी के अन्य नेता शामिल रहे.. नेताओं ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को केवल एक हादसा मानकर छोड़ देना उचित नहीं है.. वहीं पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.. और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है.. तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए..
AAP नेताओं ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि गांधीनगर में हुई इमारत गिरने की घटना की उचित.. और निष्पक्ष जांच कराई जाए.. आप नेताओं का कहना है कि ऐसी घटनाओं में सबसे पहले यह पता लगाना जरूरी है कि आखिर हादसा किन परिस्थितियों में हुआ.. क्या निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई थी.. क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था.. और क्या संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों या लोगों की ओर से किसी स्तर पर अनदेखी हुई थी.. इन सभी सवालों के जवाब जांच के जरिए सामने आने चाहिए.. AAP नेताओं ने जोर देकर कहा कि जांच किसी दबाव या पक्षपात के बिना होनी चाहिए.. ताकि वास्तविक जिम्मेदारी तय की जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके..
ज्ञापन सौंपने पहुंचे AAP नेताओं में गुजरात राज्य के उपाध्यक्ष डॉ. ज्वेल वासरा.. और कैलाशदान गढ़वी के साथ गांधीनगर शहर अध्यक्ष लालभाई वंजारा भी शामिल थे.. नेताओं ने GMC कमिश्नर के सामने अपनी मांगें रखते हुए कहा कि इमारत गिरने जैसी घटना केवल एक परिवार या कुछ लोगों को प्रभावित नहीं करती.. बल्कि इससे पूरे शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं.. ऐसे मामलों में प्रशासन की जिम्मेदारी और जवाबदेही बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है.. AAP नेताओं ने मांग की कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाए.. और अगर किसी व्यक्ति, संस्था या जिम्मेदार अधिकारी की लापरवाही सामने आती है.. तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए.. पार्टी नेताओं ने कहा कि कार्रवाई ऐसी होनी चाहिए.. जिससे भविष्य में लापरवाही करने वालों के बीच स्पष्ट संदेश जाए..
AAP नेताओं ने इस दौरान जवाबदेही तय करने पर भी विशेष जोर दिया.. उनका कहना है कि किसी भी दुर्घटना के बाद केवल जांच की घोषणा कर देना पर्याप्त नहीं है.. बल्कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए.. अगर किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है.. या सुरक्षा संबंधी सावधानियों की अनदेखी की गई है.. तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.. नेताओं ने कहा कि लोगों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.. गांधीनगर जैसे शहर में निर्माण और सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है.. इसलिए AAP ने GMC प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए पारदर्शी तरीके से जांच आगे बढ़ाने की मांग की है..
AAP नेताओं का कहना है कि इस घटना के पीछे वास्तविक कारणों का सामने आना बेहद जरूरी है.. किसी भी इमारत के गिरने की घटना के बाद कई तरह के सवाल उठते हैं.. लेकिन उन सवालों का जवाब केवल आधिकारिक और निष्पक्ष जांच के जरिए ही मिल सकता है.. इसी वजह से पार्टी ने GMC कमिश्नर को ज्ञापन देकर पूरे मामले की जांच की मांग की है.. नेताओं ने कहा कि जांच के दौरान घटना से जुड़े सभी रिकॉर्ड, निर्माण से संबंधित पहलू.. और सुरक्षा मानकों की स्थिति को ध्यान में रखा जाना चाहिए.. इसके साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि घटना से पहले संबंधित स्तर पर कोई शिकायत या चेतावनी सामने आई थी या नहीं.. AAP नेताओं के मुताबिक, इन सभी पहलुओं की जांच से ही मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकती है..
वहीं इस पूरे मामले में AAP ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी रखा जाए.. पार्टी नेताओं ने कहा कि किसी भी हादसे के बाद लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि.. इसके लिए जिम्मेदार कौन है और भविष्य में ऐसी घटना को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे.. इसलिए सिर्फ जिम्मेदारी तय करना ही नहीं.. बल्कि भविष्य के लिए ठोस व्यवस्था तैयार करना भी जरूरी है.. AAP नेताओं ने कहा कि अगर किसी प्रकार की कमी या लापरवाही सामने आती है.. तो उसे दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए.. उनका कहना है कि प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि.. शहर में निर्माण और सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन प्रभावी तरीके से हो.. और लोगों की जान-माल की सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो..



