गुजरात में AAP का बड़ा दांव, 5500+ उम्मीदवार मैदान में, क्या बदलेगी सियासत?

गुजरात में आम आदमी पार्टी ने स्थानीय स्वशासन चुनावों के लिए जोरदार तैयारी करते हुए 5500 से अधिक उम्मीदवारों को मैदान में उतार दिया है...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात में स्थानीय स्वशासन चुनावों का माहौल पूरी तरह से गर्म हो चुका है.. आम आदमी पार्टी ने इस चुनाव में खुद को पूरी तरह से झोंक दिया है.. अब तक पार्टी ने 5,500 से ज्यादा उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है.. और सभी कार्यकर्ता तथा उम्मीदवार सड़कों पर प्रचार में लगे हुए हैं.. दूसरी ओर, सत्ताधारी भाजपा और मुख्य विपक्षी कांग्रेस अभी भी उम्मीदवारों की घोषणा को लेकर अनिश्चितता की स्थिति में हैं.. नामांकन की अंतिम तारीख कल 11 अप्रैल 2026 है.. लेकिन दोनों पार्टियां अभी तक अपनी पूरी सूचियां जारी नहीं कर पाई हैं.. गुजरात के लोग अब बदलाव की बात कर रहे हैं.. और AAP को नया विकल्प मानते हुए दिख रहे हैं.. बता दें कि यह चुनाव 26 अप्रैल को होगा.. और नतीजे 28 अप्रैल को आएंगे..

गुजरात में 15 नगर निगम, 84 नगरपालिकाएं, 34 जिला पंचायतें.. और 260 तालुका पंचायतों के चुनाव हो रहे हैं.. कुल मिलाकर करीब 12,000 सीटों पर वोटिंग होगी.. इनमें 9,992 शहरी स्थानीय निकायों की सीटें शामिल हैं.. कुल 4.19 करोड़ मतदाता इन चुनावों में हिस्सा लेंगे.. जो पूरे गुजरात के 95 प्रतिशत से ज्यादा मतदाताओं को कवर करता है.. राज्य चुनाव आयोग ने 1 अप्रैल को पूरा शेड्यूल जारी किया था.. नामांकन 6 अप्रैल से शुरू हुए थे और कल 11 अप्रैल को आखिरी तारीख है.. नामांकन पत्रों की जांच 13 अप्रैल को होगी.. और नाम वापसी 15 अप्रैल तक हो सकेगी.. मतदान 26 अप्रैल को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा.. और अगर जरूरत पड़ी तो 27 अप्रैल को री-पोलिंग होगी.. नतीजे 28 अप्रैल को घोषित किए जाएंगे.. यह चुनाव ग्रासरूट स्तर पर विकास, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित होगा..

AAP ने इस चुनाव को बहुत गंभीरता से लिया है.. मार्च 2026 में ही पार्टी ने ऐलान किया था कि वह सभी 12,000 सीटों पर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी.. कोई गठबंधन नहीं, कोई समझौता नहीं.. प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने कहा था कि यह आम आदमी की राजनीति का सुनहरा मौका है.. 24 मार्च को पार्टी ने पहली सूची जारी की.. जिसमें 460 से ज्यादा उम्मीदवारों के नाम थे.. इनमें तालुका पंचायत, जिला पंचायत, नगरपालिका.. और नगर निगम के उम्मीदवार शामिल थे.. गढ़वी ने कहा कि ये सभी सामान्य परिवार से आने वाले सामाजिक कार्यकर्ता हैं.. कोई राजनीतिक परिवार से नहीं हैं.. पार्टी का फोकस ‘पिता-पुत्र की राजनीति खत्म, आम आदमी की राजनीति शुरू’ पर है..

इसके बाद AAP ने एक के बाद एक सूचियां जारी की.. दूसरी सूची में 2,500 से ज्यादा उम्मीदवारों की घोषणा हुई.. इसमें युवाओं और आम कार्यकर्ताओं को तरजीह दी गई.. सूरत नगर निगम के लिए अलग से फोकस किया गया.. जहां मनोज सोरठिया को प्रमुख चेहरा बनाया गया.. तीसरी, चौथी और पांचवीं सूची में भी कई नाम आए.. पांचवीं सूची में 26 उम्मीदवार नगर निगमों के लिए घोषित किए गए.. अब तक कुल 5,500 से ज्यादा उम्मीदवारों की घोषणा हो चुकी है.. पार्टी के कार्यकर्ता पूरे गुजरात में घर-घर जाकर प्रचार कर रहे हैं.. मोहल्ला क्लिनिक, अच्छी शिक्षा, सस्ती बिजली और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन जैसे मुद्दे लेकर लोग AAP की ओर आकर्षित हो रहे हैं.. इसुदान गढ़वी लगातार वीडियो संदेश और रैलियों के जरिए कार्यकर्ताओं को प्रेरित कर रहे हैं.. उन्होंने कहा कि BJP 30 साल से सत्ता में है, लेकिन लोगों को अब बदलाव चाहिए..

आपको बता दें कि AAP के प्रचार अभियान की खास बात यह है कि पार्टी ने किसी भी राजनीतिक परिवार को टिकट नहीं दिया.. सभी उम्मीदवार ऐसे लोग हैं जो पहले से समाज सेवा में लगे हुए हैं.. गुजरात AAP यूनिट के संगठन महासचिव मनोज सोरठिया ने कहा कि पार्टी की दूसरी सूची जारी करते हुए युवा और आम लोगों को राजनीति में मौका देने का यह सुनहरा अवसर है.. सूरत में AAP ने 120 सीटों में से 75 उम्मीदवारों के नाम पहले ही घोषित कर दिए हैं.. पार्टी का दावा है कि लोग BJP की पुरानी राजनीति से थक चुके हैं.. और AAP को नया विकल्प मान रहे हैं.. अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी गुजरात आए थे.. और उन्होंने AAP उम्मीदवारों का समर्थन किया.. केजरीवाल ने कहा कि गुजरात में AAP दिल्ली और पंजाब मॉडल लाएगी..

दूसरी ओर भाजपा अभी भी उम्मीदवारों की सूची को लेकर सोच-विचार में है.. हाल ही में भाजपा की संसदीय बोर्ड की बैठक मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के आवास पर हुई.. वहां उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा हुई.. लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं हुई है.. कुछ जगहों पर भाजपा ने छोटी-छोटी सूचियां जारी की हैं.. जैसे विरमगाम और धोलेका नगरपालिका के लिए 72 उम्मीदवारों की दूसरी सूची.. लेकिन बड़े पैमाने पर घोषणा अभी बाकी है.. भाजपा गुजरात में 30 साल से सत्ता में है.. छह मौजूदा नगर निगमों में उसकी सरकार है.. नौ नए नगर निगम भी बने हैं.. पार्टी का फोकस सत्ता बचाने पर है.. लेकिन AAP के तेज प्रचार ने उसे थोड़ा पीछे धकेल दिया लगता है.. भाजपा नेता कह रहे हैं कि वे जल्द ही पूरी सूची जारी करेंगे.. लेकिन नामांकन की आखिरी तारीख होने के बावजूद अभी अनिश्चितता बनी हुई है..

कांग्रेस पार्टी ने भी पहली सूची जारी की है.. 5 अप्रैल को गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 243 उम्मीदवारों की सूची जारी की.. यह सूची सात प्रमुख नगर निगमों.. अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट, भावनगर, जामनगर और मोरबी के लिए थी.. कांग्रेस ने कहा कि और सूचियां जल्द आएंगी.. लेकिन कुल मिलाकर कांग्रेस अभी भी पिछड़ती दिख रही है.. AAP के तेजी से उम्मीदवार घोषित करने.. और प्रचार करने ने कांग्रेस को भी परेशानी में डाल दिया है.. कुछ नेता AAP से कांग्रेस में आए हैं.. जैसे ओमप्रकाश तिवारी, लेकिन कुल प्रभाव AAP के बढ़ते कदम का है.. कांग्रेस का कहना है कि वह मजबूती से लड़ रही है.. लेकिन वास्तव में पार्टी अभी भी उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया में व्यस्त है..

वहीं यह चुनाव गुजरात की राजनीति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.. 2022 के विधानसभा चुनाव में AAP ने 5-6 प्रतिशत वोट हासिल किए थे.. और कुछ सीटें भी जीती थी.. अब स्थानीय चुनावों में पार्टी पहली बार पूरे राज्य में स्वतंत्र रूप से लड़ रही है.. इसुदान गढ़वी ने कहा कि AAP का लक्ष्य 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी भी है.. अगर स्थानीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन हुआ तो BJP के लिए चुनौती बढ़ जाएगी.. गुजरात में BJP की 30 साल पुरानी सरकार है.. लेकिन महंगाई, बेरोजगारी और स्थानीय मुद्दों पर लोग नाराज दिख रहे हैं.. AAP इन मुद्दों को उठाकर लोगों के बीच जा रही है..

 

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