पंजाब की राजनीति में AAP का जलवा, आंकड़ों ने बदल दी तस्वीर
पंजाब में स्थानीय निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी को बड़ी जीत मिली है. इन निकाय चुनावों में कई दिलचस्प आंकड़े निकलकर सामने आए हैं जिसका सीधा कनेक्शन कांग्रेस है. आइए इस रिपोर्ट में आपको इस कनेक्शन से रूबरू कराते हैं.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: पंजाब में स्थानीय निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी को बड़ी जीत मिली है. इन निकाय चुनावों में कई दिलचस्प आंकड़े निकलकर सामने आए हैं जिसका सीधा कनेक्शन कांग्रेस है. आइए इस रिपोर्ट में आपको इस कनेक्शन से रूबरू कराते हैं.
पंजाब में बीते दिन आए स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी को बड़ी जीत मिली है. इन निकाय चुनावों में कई दिलचस्प आंकड़े और तथ्य भी निकल कर सामने आए हैं. आमतौर पर पंजाब में वही पार्टी स्थानीय निकाय चुनाव जीत जाती है जो कि सत्ता में होती है और इस बार भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला है. 2021 में सत्ता में बैठी कांग्रेस को इसी तरह से बड़ी सफलता मिली थी जैसा कि अब 2026 स्थानीय निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी को मिली है.
2021 के पंजाब स्थानीय निकाय चुनाव में तत्कालीन सत्तारूढ़ दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने एकतरफा और ऐतिहासिक जीत हासिल की थी. 14 फरवरी 2021 को कुल 117 शहरी स्थानीय निकायों (8 नगर निगमों और 109 नगर परिषदों/नगर पंचायतों) के लिए मतदान हुआ था और इसके नतीजे 17 फरवरी 2021 को घोषित किए गए थे. इस चुनाव में कुल 2,215 सीटों (वार्डों) में चुनाव हुआ था. कांग्रेस कुल 1,399 से अधिक वार्डों में जीत के साथ राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. गौरतलब है कि उस वक्त कांग्रेस सत्ता में भी थी.
शिरोमणि अकाली दल दूसरे नंबर पर
आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब निकाय चुनावों में पहली बार उतरी थी और मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में सफल रही. बीजेपी को कृषि कानूनों के विरोध और किसान आंदोलनों के दौरान हुए इस चुनाव में भारी नुकसान उठाना पड़ा और पार्टी बेहद कम सीटों पर सिमट गई.
2215 सीटों में से कांग्रेस 1432
शिरोमणि अकाली दल 284
आम आदमी पार्टी 69
BJP 49
निर्दलीय 364
अन्य 17
सत्तारूढ़ पार्टी को मिली बड़ी जीत
2021 में कांग्रेस सत्ता में थी और पूरे पंजाब में सबसे मजबूत पार्टी के तौर पर स्थानीय निकाय चुनाव में दिखाई दी. सभी 8 नगर निगमों और अधिकांश काउंसिल/पंचायतों में कांग्रेस को बड़ी जीत मिली थी. जबकि 2026 के पंजाब स्थानीय निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी (AAP) ने प्रचंड जीत हासिल की है. 2026 में राज्य में हुए कुल 1,977 वार्डों के चुनावों में से अकेले AAP ने 958 वार्ड जीते हैं, जबकि दूसरे नंबर पर रही कांग्रेस को 397 वार्डों में जीत मिली है.
निर्दलीय को 251 वार्ड
शिरोमणि अकाली दल को 192 वार्ड
भारतीय जनता पार्टी को 172 वार्ड
बहुजन समाज पार्टी को 07 वार्ड
पंजाब के आठ नगर निगमों पर हुए चुनावों में आम आदमी पार्टी को पांच पर, कांग्रेस को एक, बीजेपी को एक निगम पर जीत मिली है. जबकि एक निगम में किसी पार्टी को बहुमत नहीं है. पठानकोट नगर निगम में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर जीती है लेकिन उसे बहुमत नहीं मिल सका है.
नगर काउंसिल – 75
आम आदमी पार्टी – 40
कांग्रेस – 18
शिरोमणि अकाली दल – 10
बीजेपी – 4
अन्य – 3
नगर पंचायत – 21 (एक पर कानूनी कारणों से चुनाव नहीं) – 20
आम आदमी पार्टी – 11
कांग्रेस – 5
शिरोमणि अकाली दल – 2
बीजेपी -1
अन्य -1
अगर देखें तो पंजाब के कुल निकाय 104 में से आप को 56, कांग्रेस 24, बीजेपी 6 और शिरोमणि अकाली दल 12 सीटें मिली हैं.
कुल वॉर्ड – 1977
आम आदमी पार्टी – 958
कांग्रेस – 397
बीजेपी – 172
अकाली दल – 192
निर्दलीय – 251
बीएसपी – 7
जिसके पास सत्ता, उसने दर्ज की बड़ी जीत
फरवरी 2021 में हुए पंजाब स्थानीय निकाय चुनावों में कुल 117 शहरी स्थानीय निकायों (8 नगर निगमों और 109 नगर परिषद/नगर पंचायतों) के चुनाव घोषित हुए थे, जिनमें से अधिकतर निकायों पर कांग्रेस ने एकतरफा बहुमत हासिल कर 98 से अधिक निकायों पर जीत दर्ज की थी. 2021 में सभी आठ नगर निगमों पर कांग्रेस ने क्लीन स्वीप किया था इसके साथ ही कुछ निकायों पर निर्दलीयों को अपने साथ जोड़कर कांग्रेस ने कुल 98 निकायों पर कब्जा कर लिया था.
2026 निकाय चुनावों में कुछ दिलचस्प बातें भी निकल कर सामने आई है. कई पार्टियों के बड़े चेहरे अपने ही गढ़ में अपनी पार्टी को जीत नहीं दिला सकें है. पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के पारंपरिक गढ़ गिद्दड़बाहा नगर परिषद में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. यहां आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 19 में से 17 वार्डों पर जीत दर्ज की है.
बड़े चेहरे नहीं बचा सके अपना गढ़
मोहाली नगर निगम के चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू को अपने ही घर में बड़ा पारिवारिक झटका लगा है. उनके बेटे कंवरबीर सिंह सिद्धू को वार्ड नंबर 10 से निर्दलीय उम्मीदवार परमजीत सिंह कालो ने 131 वोटों से हरा दिया. मोहाली नगर निगम में AAP 26 वार्डों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है.
बादल परिवार के प्रभाव वाले क्षेत्र बठिंडा नगर निगम में AAP ने 31 वार्डों के साथ स्पष्ट बहुमत हासिल कर शिरोमणि अकाली दल को करारी शिकस्त दी है. हालांकि, सुखबीर सिंह बादल के लिए थोड़ी राहत की खबर रामपुरा फूल नगर परिषद से आई, जहां अकाली दल ने 27 वार्ड जीतकर AAP (23 वार्ड) को पीछे छोड़ दिया.
अबोहर और पठानकोट में बीजेपी की जीत
अकाली दल नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया का गढ़ माने जाने वाले मजीठा नगर परिषद चुनाव में इस बार भारी हंगामा और कड़ी टक्कर देखने को मिली. अकाली दल ने यहां 6 वार्डों में जीत हासिल की, जबकि AAP ने 7 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा छू लिया (जिसमें 2 वार्ड आम आदमी पार्टी ने पहले ही निर्विरोध जीत चुकी थी). इसके अलावा करीब 1000 से अधिक वार्डो पर बीजेपी के उम्मीदवारों की जमानत भी जब्त हो गई.
हालांकि हाल ही में बदले गए पंजाब बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ के गढ़ अबोहर के नगर निगम पर बीजेपी ने कब्जा किया है जबकि बीजेपी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष और पुराने नेता अश्विनी शर्मा के गढ़ पठानकोट में बीजेपी नगर निगम में सबसे बड़ी पार्टी बनकर जरूर उभरी है लेकिन बहुमत से दूर है. पंजाब में ये ट्रेंड रहा है कि जो भी पार्टी सत्ता में होती है वो स्थानीय निकाय चुनाव को आसानी के साथ जीत जाती है.



