AAP का BJP पर सियासी वार, चैतर वसावा की हुंकार, ‘जनता के हक की लड़ाई जारी’
आम आदमी पार्टी के विधायक चैतर वसावा ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि जनता के हक की लड़ाई में AAP का हर नेता...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात की राजनीति में आम आदमी पार्टी के विधायक चैतर वसावा ने भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ जोरदार हमला बोला है.. उन्होंने कहा कि जब भी जनता के हक और अधिकारों की लड़ाई होगी.. AAP का हर नेता और कार्यकर्ता BJP के खिलाफ मजबूती से खड़ा होगा.. यह बयान चैतर वसावा ने हाल ही में एक जनसभा में दिया.. जहां उन्होंने आदिवासी समुदाय के मुद्दों पर जोर दिया.. वहीं उनका यह ऐलान गुजरात में AAP की बढ़ती सक्रियता को दिखाता है.. जहां पार्टी आदिवासी बहुल इलाकों में अपनी जड़ें मजबूत कर रही है.. चैतर वसावा गुजरात विधानसभा के सबसे युवा सदस्यों में से एक हैं.. और डेडियापाड़ा विधानसभा सीट से AAP के विधायक हैं.. उनका बयान BJP को सीधी चुनौती माना जा रहा है.. जो गुजरात में लंबे समय से सत्ता में है..
आपको बता दें कि हाल ही में चैतर वसावा ने एक जनसभा में यह हुंकार भरी.. और उन्होंने कहा कि जब भी जनता के अधिकारों के लिए लड़ने की जरूरत होगी.. तब आम आदमी पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता भाजपा के खिलाफ मजबूती से लड़ेंगे.. यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.. जहां AAP कार्यकर्ताओं ने इसे खूब शेयर किया.. जानकारी के मुताबिक जनसभा गुजरात के आदिवासी इलाके में हुई थी.. जहां चैतर वसावा आदिवासी समुदाय के लोगों से मिल रहे थे.. उनका फोकस था कि BJP आदिवासियों के हक छीन रही है.. जिसमें जंगल अधिकार, जमीन और विकास के मुद्दे शामिल थे.. वहीं यह बयान AAP की ‘गुजरात जोड़ो यात्रा’ का हिस्सा भी माना जा रहा है.. जहां पार्टी गांव-गांव में सभाएं कर रही है..
चैतर वसावा गुजरात के एक युवा और प्रभावशाली नेता हैं.. वे AAP के विधायक हैं और डेडियापाड़ा विधानसभा सीट से 2022 में चुने गए थे.. उनकी उम्र करीब 30 साल है.. जिससे वे गुजरात विधानसभा के सबसे युवा सदस्यों में गिने जाते हैं.. चैतर आदिवासी समुदाय से आते हैं.. और शुरू से ही सामाजिक कार्यकर्ता रहे हैं.. और उन्होंने आदिवासी अधिकारों के लिए कई आंदोलन किए.. जिसमें जंगल अधिकार कानून (FRA) के तहत जमीन के हक की लड़ाई शामिल है.. AAP में शामिल होने से पहले वे स्वतंत्र रूप से सामाजिक काम करते थे.. 2022 चुनाव में उन्होंने BJP के उम्मीदवार को हराकर जीत हासिल की.. जो आदिवासी इलाकों में AAP की बड़ी सफलता मानी गई.. चैतर को कई लोग आदिवासी योद्धा भी कहते हैं.. क्योंकि वे BJP की नीतियों के खिलाफ खुलकर बोलते हैं..
चैतर वसावा का कहना है कि BJP आदिवासियों के खिलाफ काम कर रही है.. और उन्होंने यूनिफॉर्म सिविल कोड पर भी कहा कि इससे आदिवासियों की राजनीतिक प्रतिनिधित्व व्यवस्था ग्राम पंचायत से लेकर संसद तक प्रभावित हो सकती है.. जिसको लेकर वे कहते हैं कि UCC अल्पसंख्यकों को टारगेट करने का तरीका है.. इसके अलावा, वे BJP पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाते हैं.. उदाहरण के तौर पर उन्होंने कहा कि BJP आदिवासियों को दाल-भात.. और शाक-पुरी देकर वोट लेती है.. लेकिन उनके असली हक नहीं देती.. चैतर ने आदिवासी समाज की गरिमा और अधिकारों के लिए लगातार लड़ने की बात कही है..
चैतर वसावा को कई बार कानूनी मामलों का सामना करना पड़ा है.. नवंबर 2023 में उनकी पत्नी की गिरफ्तारी हुई.. और उन पर सरकारी अधिकारी पर हमला करने का केस लगा.. AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने इसे फर्जी केस बताया.. और BJP पर आरोप लगाया कि आदिवासियों को दबाया जा रहा है.. जनवरी 2024 में चैतर को जेल भेजा गया..लेकिन AAP ने उन्हें लोकसभा चुनाव के लिए भरूच सीट से उम्मीदवार घोषित किया.. जुलाई 2025 में नर्मदा कोर्ट ने उनकी जमानत खारिज की.. जहां उन पर हत्या की कोशिश का आरोप था.. चैतर का दावा है कि यह राजनीतिक साजिश है.. जबकि BJP ने इन आरोपों को खारिज किया है..
आपको बता दें कि अरविंद केजरीवाल ने चैतर वसावा को आदिवासी प्रतिरोध का प्रतीक बताया है.. जानकारी के अनुसार गुजरात की एक रैली में उन्होंने कहा कि BJP आदिवासियों को दबा रही है.. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी चैतर के समर्थन में रैली में पहुंचे थे.. AAP का कहना है कि चैतर निर्दोष हैं.. और BJP डर के कारण उन्हें निशाना बना रही है.. AAP गुजरात में तेजी से सक्रिय हो रही है.. दाहोद, भरूच, झगड़िया जैसे इलाकों में परिवर्तन सभाएं हुईं.. जहां BJP और कांग्रेस के कई नेता AAP में शामिल हुए.. झगड़िया के बलेश्वर गांव में करीब 2500 कार्यकर्ता शामिल हुए.. जबकि दाहोद के गरबाड़ा में भी सैकड़ों लोग पहुंचे..
वहीं AAP का गुजरात जोड़ो अभियान जारी है.. जहां पार्टी गांव-गांव जाकर लोगों से जुड़ रही है.. 2022 विधानसभा चुनाव में AAP ने 5 सीटें जीती थीं.. जिनमें कई आदिवासी क्षेत्र शामिल थे.. वहीं अब पार्टी 2027 चुनाव की तैयारी में जुटी है.. दिसंबर 2025 में BJP सांसद मंसुख वसावा ने चैतर पर 75 लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया था.. जिसे चैतर वसावा ने झूठा बताया.. अक्टूबर 2025 में BJP विधायक दर्शनाबेन देशमुख को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी हुई.. नवंबर 2025 में बनासकांठा में जंगल मंत्री के बयान पर आदिवासी नाराज हुए.. जहां चैतर वसावा ने उनका समर्थन किया..



