बजट के खिलाफ AAP का प्रदर्शन, ट्रैक्टर पर पहुंचे विधायक, गुजरात की राजनीति में भूचाल
आम आदमी पार्टी विधायक हेमंत खवा बजट के विरोध में ट्रैक्टर लेकर विधानसभा पहुंचे... गुजरात में किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात विधानसभा में बजट पेश होने के बाद विपक्ष ने सरकार पर जोरदार हमला बोला है.. आम आदमी पार्टी के विधायक हेमंत खावा ट्रैक्टर पर सवार होकर विधानसभा पहुंचे.. और सरकार के बजट पर सवाल उठाए. और उन्होंने कहा कि शहर के बजट और गांव के बजट में भारी अंतर है.. सरकार ने किसानों के लिए कोई प्रावधान नहीं किया.. विधानसभा गेट-1 पर पुलिस ने उन्हें ट्रैक्टर के साथ रोक लिया.. जिस पर हेमंत खावा ने कहा कि मैं किसान का बेटा हूं.. कोई आतंकवादी नहीं, और यह ट्रैक्टर है, कोई टैंक नहीं.. AAP प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी और संगठन महामंत्री मनोज सोरठिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बजट की कड़ी आलोचना की..
वहीं इसुदान गढ़वी ने कहा कि यह बजट किसानों, युवाओं, महिलाओं.. और गरीब वर्ग की वास्तविक जरूरतों को पूरा करने में विफल रहा है.. और उन्होंने बजट को कॉपी-पेस्ट बताया और कहा कि इसमें कोई नई दिशा या दृष्टि नहीं है.. AAP का कहना है कि बजट से जनता निराश है.. और आने वाले चुनाव में इसका जवाब मिलेगा.. बता दें कि यह प्रदर्शन और प्रेस कॉन्फ्रेंस 19 फरवरी 2026 को हुई.. जो गुजरात की राजनीति में नई हलचल मचा रही है..
आपको बता दें कि AAP विधायक हेमंत खावा ने बजट के विरोध में अनोखा प्रदर्शन किया.. वे अपने क्षेत्र से ट्रैक्टर पर सवार होकर गांधीनगर विधानसभा पहुंचे.. ट्रैक्टर पर किसानों के पोस्टर लगे थे.. जिनमें कर्ज माफी, मुफ्त बिजली और रोजगार की मांग लिखी थी.. हेमंत खावा ने कहा कि यह प्रदर्शन किसानों की आवाज है.. सरकार बजट में किसानों को भूल गई है.. जब वे विधानसभा गेट-1 पर पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया.. पुलिस ने कहा कि ट्रैक्टर अंदर नहीं जा सकता..
वहीं इस पर हेमंत खावा ने कहा कि मैं किसान का बेटा हूं, कोई आतंकवादी नहीं हूं.. यह ट्रैक्टर है, कोई टैंक नहीं है.. मुझे रोककर सरकार किसानों की आवाज दबाना चाहती है.. पुलिस ने उन्हें अंदर जाने दिया.. लेकिन ट्रैक्टर बाहर रखना पड़ा.. हेमंत खावा ने विधानसभा में सदन के भीतर भी बजट पर सवाल उठाए.. और उन्होंने कहा कि शहरों का बजट ज्यादा है, गांवों का कम है.. और किसानों के लिए कुछ नहीं है.. यह प्रदर्शन AAP की बड़ी रणनीति का हिस्सा लगता है..
जहां वे किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेर रहे हैं.. हेमंत खावा दादरा और नगर हवेली से विधायक हैं.. और किसान पृष्ठभूमि से हैं.. उनका ट्रैक्टर प्रदर्शन सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.. बता दें कि प्रदर्शन में AAP कार्यकर्ता भी शामिल हुए.. और उन्होंने कहा कि बजट किसानों के लिए शून्य है.. पुलिस ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण तरीके से संभाला.. लेकिन हेमंत खावा का बयान चर्चा का विषय बन गया.. बता दें कि यह घटना 19 फरवरी को हुई.. जब बजट पेश होने के बाद विपक्ष सक्रिय हुआ..
आपको बता दें कि बजट की कड़ी आलोचना करते हुए AAP प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी.. और संगठन महामंत्री मनोज सोरठिया ने गांधीनगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की.. इस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए गढ़वी ने कहा कि आज सरकार द्वारा प्रस्तुत किया गया बजट किसानों, युवाओं, महिलाओं.. और गरीब वर्ग की वास्तविक जरूरतों को पूरा करने में विफल रहा है.. और उन्होंने कहा कि किसानों को खेती खर्च, सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी, उचित.. और पर्याप्त MSP, दिन के समय मुफ्त या सस्ती बिजली.. और निजी बीज-खाद कंपनियों से राहत जैसी मूलभूत जरूरतें हैं..
लेकिन सरकार ने किसानों के लिए कोई स्पष्ट और प्रभावी प्रावधान नहीं किया है.. गढ़वी ने कहा कि सुजलाम सुफलाम योजना के तहत केवल 1,540 रूपये की राशि दी जाती है.. जो किसानों के लिए अपर्याप्त है.. कानून बनाए जाते हैं.. लेकिन किसानों को वास्तविक लाभ नहीं मिलता.. उन्होंने कहा कि एक लाख से अधिक नागरिक सरकारी राशन पर निर्भर हैं.. राशन व्यवस्था में भ्रष्टाचार रोकने के लिए कोई मजबूत कदम नहीं उठाए गए हैं.. पंजाब और दिल्ली में घर तक राशन की डिलीवरी की व्यवस्था है.. लेकिन गुजरात में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है..
गढ़वी ने कहा कि गुजरात में कई किसानों ने आत्महत्या की है.. MSP पर पूर्ण खरीद के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है.. पंजाब में किसानों की पूरी फसल MSP पर खरीदी जाती है.. और MSP से कम कीमत पर निजी खरीदार भी फसल नहीं खरीद सकते.. और उन्होंने बजट को कॉपी-पेस्ट बताया.. और कहा कि इसमें कुछ आंकड़ों के बदलाव के अलावा कोई नई दिशा या दृष्टि दिखाई नहीं देती.. इस बजट से किसानों, युवाओं, महिलाओं, मजदूरों.. और गरीब वर्ग में कोई नई उम्मीद पैदा नहीं हुई है.. मनोज सोरठिया ने भी बजट की आलोचना की.. और कहा कि सरकार जनता की समस्याओं से आंखें मूंद रही है.. प्रेस कॉन्फ्रेंस में AAP ने बजट की कॉपी जलाकर विरोध जताया..
आपको बता दें कि इसुदान गढ़वी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसानों की समस्याओं पर विस्तार से बात की.. उन्होंने कहा कि किसानों को खेती खर्च, सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी, उचित.. और पर्याप्त MSP, दिन के समय मुफ्त या सस्ती बिजली.. और निजी बीज-खाद कंपनियों से राहत जैसी मूलभूत जरूरतें हैं.. लेकिन सरकार ने किसानों के लिए कोई स्पष्ट.. और प्रभावी प्रावधान नहीं किया है.. गढ़वी ने कहा कि कानून बनाए जाते हैं.. लेकिन किसानों को वास्तविक लाभ नहीं मिलता.. गढ़वी ने कहा कि गुजरात में कई किसानों ने आत्महत्या की है.. MSP पर पूर्ण खरीद के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है.. उन्होंने पंजाब का उदाहरण दिया कि वहां किसानों की पूरी फसल MSP पर खरीदी जाती है.. और MSP से कम कीमत पर निजी खरीदार भी फसल नहीं खरीद सकते..
AAP ने कहा कि बजट में किसानों के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं है.. जो उनकी समस्याओं को हल करे.. गुजरात में किसान सूखा, पानी की कमी और कम भाव से परेशान हैं.. AAP ने कहा कि सरकार किसानों को नजरअंदाज कर रही है.. और बजट में मुफ्त बिजली या MSP का कोई प्रावधान नहीं है.. गढ़वी ने कहा कि खेती खर्च, MSP और मुफ्त बिजली के मुद्दे पर सरकार ने कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया है.. AAP ने कहा कि गुजरात में किसान संगठन भी बजट से निराश हैं..
गढ़वी ने कहा कि राज्य में लगभग 50 लाख बेरोजगार युवा हैं.. सरकारी भर्ती के लिए पारदर्शी कैलेंडर जारी नहीं किया जाता.. और कई भर्तियां आउटसोर्सिंग के माध्यम से की जाती हैं.. परीक्षाएं सीमित पदों के लिए ली जाती हैं.. जिससे युवाओं में निराशा फैलती है.. रोजगार के अभाव में युवा गलत दिशा में जा रहे हैं.. उन्होंने कहा कि बजट में युवाओं के लिए कोई ठोस योजना नहीं है.. AAP ने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट और फिक्स-पे प्रथा खत्म होनी चाहिए.. लेकिन बजट में इसका जिक्र नहीं है..
गुजरात में युवा बेरोजगारी से परेशान हैं.. और AAP इसे मुद्दा बना रही है.. गढ़वी ने कहा कि भाजपा के वादों के बावजूद युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है.. AAP ने कहा कि राज्य में लाखों बेरोजगार युवाओं के बावजूद पारदर्शी भर्ती कैलेंडर जारी नहीं किया गया है.. AAP ने कहा कि बजट में युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट का प्रावधान है.. लेकिन पर्याप्त नहीं है..
गढ़वी ने कहा कि भाजपा बिहार, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में महिलाओं के खातों में सीधी आर्थिक सहायता देती है.. लेकिन गुजरात की बहन-बेटियां वर्षों से भाजपा को वोट देती आ रही है.. फिर भी भाजपा ने उन्हें एक पैसा भी देने की कोई योजना घोषित नहीं की.. राजस्थान में 450 में गैस सिलेंडर दिए जाने का भी उन्होंने जिक्र किया.. और कहा कि गुजरात में ऐसी कोई योजना नहीं है.. और उन्होंने कहा कि आशा वर्कर और आंगनवाड़ी बहनों को उचित वेतन और सुविधाएं नहीं मिलती.. महिलाओं के लिए मुफ्त स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा.. और अन्य कल्याणकारी सुविधाओं को लेकर कोई नई घोषणा नहीं की गई है.. अच्छी स्कूलें, अच्छे अस्पताल और मुफ्त बिजली जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने में सरकार विफल रही है..
AAP ने कहा कि गरीब वर्ग के लिए राशन व्यवस्था में भ्रष्टाचार है.. लेकिन बजट में इसे रोकने का कोई कदम नहीं है.. गढ़वी ने कहा कि एक लाख से अधिक नागरिक सरकारी राशन पर निर्भर हैं.. पंजाब और दिल्ली में घर तक राशन की डिलीवरी की व्यवस्था है.. लेकिन गुजरात में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है.. AAP ने कहा कि गुजरात की महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता की कोई योजना घोषित नहीं की गई है.. AAP ने कहा कि बजट महिलाओं और गरीब वर्ग के लिए पर्याप्त नहीं है..



