लखीमपुर खीरी में शुरू हुई हाईटेक कान की सर्जरी, अब बड़े शहरों पर नहीं रहेगी मरीजों की निर्भरता
लखीमपुर खीरी के जिला चिकित्सालय में ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप और माइक्रोड्रिल आधारित उन्नत कान सर्जरी की शुरुआत हुई है। अब मरीजों को टिम्पैनोप्लास्टी और मास्टॉइडेक्टॉमी जैसी जटिल सर्जरी के लिए बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

4पीएम न्यूज नेटवर्कः स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में लखीमपुर खीरी को एक बड़ी सौगात मिली है। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध जिला चिकित्सालय में अब ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप और माइक्रोड्रिल आधारित उन्नत कान की सर्जरी की सुविधा शुरू कर दी गई है। इस नई तकनीक के शुरू होने से जिले के मरीजों को कान की जटिल बीमारियों के उपचार के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
ईएनटी (नाक, कान और गला) विभाग में अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से पहली बार टिम्पैनोप्लास्टी और मास्टॉइडेक्टॉमी जैसी जटिल शल्य प्रक्रियाओं का सफल संचालन किया गया। इसे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
सफलतापूर्वक हुई पहली माइक्रोस्कोपिक कान सर्जरी
10 जून 2026 को ईएनटी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. मनोज शर्मा ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर. के. कोली की उपस्थिति में टिम्पैनोप्लास्टी और मास्टॉइडेक्टॉमी की सफल सर्जरी की। टिम्पैनोप्लास्टी में कान के क्षतिग्रस्त पर्दे का पुनर्निर्माण किया जाता है, जबकि मास्टॉइडेक्टॉमी के माध्यम से कान के पीछे की हड्डी में फैले संक्रमण और क्षतिग्रस्त ऊतकों को हटाया जाता है। दोनों प्रक्रियाएं अत्यंत विशेषज्ञता और आधुनिक उपकरणों की मांग करती हैं।
माइक्रोड्रिल तकनीक से बढ़ेगी सर्जरी की सफलता
चिकित्सकों के अनुसार, लंबे समय से कान बहने, सुनने की क्षमता कम होने और कान की पुरानी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए यह तकनीक बेहद लाभकारी साबित होगी। मास्टॉइडेक्टॉमी के दौरान माइक्रोड्रिल की सहायता से संक्रमित और गल चुकी हड्डी को अत्यंत सावधानी और सटीकता के साथ हटाया जाता है। इससे सर्जरी अधिक सुरक्षित, प्रभावी और सफल बनती है। आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से मरीजों के बेहतर परिणाम मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है।
स्थानीय स्तर पर मिलेगा विशेषज्ञ उपचार
महाविद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. वाणी गुप्ता ने इस उपलब्धि पर ईएनटी विभाग की टीम को बधाई देते हुए कहा कि चिकित्सा महाविद्यालय लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थान का लक्ष्य है कि जिले के लोगों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उनके अपने जनपद में ही उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में और भी उन्नत चिकित्सा सुविधाएं शुरू की जाएंगी, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज का लाभ मिलेगा।
अब बड़े शहरों की दौड़ नहीं
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर. के. कोली ने कहा कि इस सुविधा के शुरू होने के बाद कान की जटिल सर्जरी के लिए मरीजों को लखनऊ, कानपुर या अन्य बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सकों और आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता से मरीजों का समय और आर्थिक खर्च दोनों कम होंगे। साथ ही उन्हें बेहतर और समय पर उपचार मिल सकेगा।
जिले के स्वास्थ्य ढांचे को मिली नई मजबूती
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप और माइक्रोड्रिल आधारित ईएनटी सर्जरी की शुरुआत लखीमपुर खीरी के स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत करेगी। यह सुविधा न केवल जिले बल्कि आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के लिए भी राहत लेकर आई है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हुई यह उन्नत चिकित्सा सेवा जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
रिपोर्ट – प्रभाकर श्रीवास्तव
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