ईरान पर हमले को लेकर AIMPLB का बयान, संयुक्त राष्ट्र से शांति की पहल की मांग

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने ईरान पर अमेरिकी-इजराइल हमले की कड़ी निंदा करते हुए तत्काल युद्धविराम की अपील की है. बोर्ड ने कहा कि इन हमलों से वैश्विक युद्ध का खतरा बढ़ गया है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने ईरान पर अमेरिकी-इजराइल हमले की कड़ी निंदा करते हुए तत्काल युद्धविराम की अपील की है. बोर्ड ने कहा कि इन हमलों से वैश्विक युद्ध का खतरा बढ़ गया है.

अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों ने ईरान में तबाही मचा दी है. ईरान भी लगातार पलटवार कर मिसाइलें दाग रहा है, जिससे मिडिल ईस्ट में हालात बेहद खराब होते जा रहे हैं. भारत में तमाम मुस्लिम संगठनों ने अमेरिका और इजराइल के हमलों पर नाराजगी जाहिर की है. इस बीच ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) का बयान भी सामने आया है.

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमले की कड़ी निंदा की है. इसके साथ ही बोर्ड ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वो तुरंत प्रभावी और ठोस कदम उठाकर युद्धविराम सुनिश्चित करें, ताकि पूरा क्षेत्र भयानक युद्ध की आग में न झोंक दिया जाए.

बातचीत महज़ एक बहाना थी’

बोर्ड के प्रवक्ता डॉ. एस.क्यू.आर. इलियास ने अपने बयान में कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में अच्छी प्रगति हो रही थी. ओमान के विदेश मंत्री बदर अल-बुसैदी (Badr Al-Busaidi) जो इन वार्ताओं में मध्यस्थ थे उनके अनुसार ईरान अमेरिका की लगभग सभी शर्तों पर सहमत हो गया था. इसके बावजूद अमेरिका द्वारा अचानक बातचीत समाप्त करने की घोषणा करना और तुरंत इजराइल के साथ मिलकर हमला कर देना यह दिखाता है कि बातचीत महज़ एक बहाना थी न कि कोई गंभीर राजनयिक प्रयास.

आयतुल्लाह खामेनेई की शहादत पर दुख

डॉ. इलियास ने ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह खामेनेई की शहादत पर गहरा दुख और शोक व्यक्त किया. उन्होंने इसे पूरे मुस्लिम समुदाय के लिए बड़ी क्षति बताया. उन्होंने कहा कि किसी स्वतंत्र देश के शीर्ष नेतृत्व को युद्ध के दौरान निशाना बनाना और खुले तौर पर सत्ता परिवर्तन की बात करना अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन है।

‘यह संघर्ष बड़े वैश्विक युद्ध में तब्दील हो सकता है’

उन्होंने आगे कहा कि इस युद्ध से पूरा मध्य पूर्व अस्थिर हो गया है. जहां कई यूरोपीय देश अमेरिका के साथ खड़े हैं, जबकि रूस और चीन ईरान का समर्थन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर तुरंत और प्रभावी कूटनीतिक हस्तक्षेप नहीं हुआ, तो यह संघर्ष बड़े वैश्विक युद्ध में तब्दील हो सकता है. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक चलने वाला युद्ध न सिर्फ मानवीय संकट को बढ़ाएगा, बल्कि विश्व अर्थव्यवस्था को भी गहरा नुकसान पहुंचाएगा, जिसका सबसे ज्यादा असर विकासशील और कमजोर देशों पर पड़ेगा.

संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील

डॉ. इलियास ने अफसोस जताया कि इस नाजुक समय पर हमारा देश संतुलित और सम्मानजनक मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता था, लेकिन वर्तमान रवैये से विदेश नीति की साख प्रभावित हुई है. उन्होंने यह भी चिंता जताई कि आयतुल्लाह खामेनेई की शहादत पर कोई आधिकारिक शोक संदेश जारी नहीं किया गया.

जो हमारी नैतिक और कूटनीतिक परंपराओं के खिलाफ है. आखिर में बोर्ड ने एक बार फिर देश के नेतृत्व, संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वो तुरंत, गंभीर और व्यावहारिक कदम उठाएं और इस युद्ध को रोकें, वरना इसके दुष्परिणाम किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेंगे.

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