पश्चिम बंगाल में ED की कार्रवाई पर अखिलेश यादव का हमला, बोले- BJP बंगाल में बुरी तरह हार रही है
पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय ने आई पीएएसी के दफ्तर पर छापा मारा. इसके बाद इस पर सियासत तेज हो गई है. सपा चीफ अखिलेश यादव ने इस पर प्रतिक्रिया दी है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय ने आई पीएएसी के दफ्तर पर छापा मारा. इसके बाद इस पर सियासत तेज हो गई है. सपा चीफ अखिलेश यादव ने इस पर प्रतिक्रिया दी है.
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. इतना ही नहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भारतीय जनता पार्टी के लिए भी भविष्यवाणी कर दी है. सोशल मीडिया साइट एक्स पर कन्नौज सांसद ने लिखा कि भाजपा बुरी तरह बंगाल हार रही है. पहला प्रमाण!
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बृहस्पतिवार को कोलकाता में राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पीएसी और इसके निदेशक प्रतीक जैन के परिसरों पर धनशोधन की जांच के तहत तलाश अभियान चलाया. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. सूत्रों ने बताया कि जैन ‘इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी’ (आई-पीएसी) के सह-संस्थापक हैं. वह पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस के आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख भी हैं.
एजेंसी द्वारा कुछ अन्य परिसरों की भी तलाशी ली जा रही है. इसी बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जैन के आवास पर पहुंचीं और ईडी की कार्रवाई की निंदा की. आई-पीएसी की स्थापना राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले की थी. इस फर्म ने 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस और पश्चिम बंगाल सरकार के साथ काम किया था.
ममता पहुंची जैन के घर
उधर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बृहस्पतिवार को आई-पीएसी प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर पहुंचीं, जहां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) तलाश अभियान चला रहा है. बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के आंतरिक दस्तावेजों, हार्ड डिस्क और संवेदनशील डिजिटल डाटा को जब्त करने का प्रयास कर रही थी. उन्होंने कहा कि ‘‘मेरे आईटी प्रकोष्ठ के प्रभारी’’ जैन के आवास पर छापेमारी राजनीतिक रूप से प्रेरित और असंवैधानिक है.
वहीं पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आईपीएसी प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर जाने को ‘असंवैधानिक’ और केंद्रीय एजेंसी की जांच में ‘सीधा हस्तक्षेप’ करार दिया.केंद्रीय एजेंसी की छापेमारी के दौरान बनर्जी द्वारा जैन के आवास पर जाने की निंदा करते हुए शुभेंदु ने कहा कि ईडी को इस संबंध में कानून के अनुसार मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए.


