एक बार फिर झुके अमित शाह, एक और इस्तीफा तय
छात्र आंदोलन में छात्रों के साथ हुई बर्बरता और लाठीचार्ज को लेकर उठ रहे सवालों के भाजपाइयों के पास कोई जवाब नहीं है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भाजपा राज में लगातार बढ़ती मनमानी को लेकर जनता से लेकर विपक्ष तक आगबबूला नजर आ रहा है।
छात्र आंदोलन में छात्रों के साथ हुई बर्बरता और लाठीचार्ज को लेकर उठ रहे सवालों के भाजपाइयों के पास कोई जवाब नहीं है। सड़क से लेकर संसद तक सवालों की झड़ी लगी हुई है लेकिन मजाल है कि भाजपाइयों के कानों में जूं तक रेंग जाए।
खैर बीते कई रोज से सड़क में सवाल किये जा रहे कि आखिर किसने कहने पर छात्रों पर लाठीचार्ज हुई लेकिन आलम ये रहा है कि इससे अनजाने बने अमित शाह खुद सदन से ही गायब रहे। विपक्ष लगातार आरोप के बाद आरोप लगाता रहा। लेकिन अब आखिरी दिन अचानक शाह साहब को याद आया कि संसद की तरफ चलना चाहिए। और वो सदन पहुंचे।
जहाँ खबरों में आया कि शाह ने आज लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को लेटर लिखा। उन्होंने नीट पेपर लीक पर छात्रों के प्रदर्शन के मुद्दे पर चर्चा के लिए समय तय करने की मांग की। शाह ने लेटर में लिखा, ‘मेरा अनुरोध है कि स्पीकर विपक्ष से चर्चा करें और आपसी सहमति के आधार पर आज से इस मुद्दे पर चर्चा के लिए जितना समय, दिन या घंटे उचित समझें, निर्धारित करें।
वहीं संसद परिसर में गृह मंत्री ने कहा, “मैं विपक्ष से कहना चाहता हूं, स्पीकर को एक पत्र सौंपें, हम दोपहर चर्चा शुरू करेंगे, और मैं कल दोपहर 3:00 बजे तक सभी सवालों के जवाब दूंगा. संसदीय चर्चा के लिए तय नियम और प्रक्रियाएं होती हैं. फिर भी, कुछ लोग मुझसे सिर्फ एक बयान देने के लिए कहते हैं. इतने गंभीर मुद्दे पर इस तरह से चर्चा नहीं हो सकती. यह आपका तरीका हो सकता है, लेकिन यह संसदीय तरीका नहीं है. संसद में चर्चा विस्तार से होती है.
वहीँ शाह के इस बयान के सामने आने के बाद सियासी गलियारों में भूंचाल सा आ गया सड़क से लेकर संसद तक बवाल मच गया। अमित शाह के इस स्टैंड की आलोचना होने लगी। इसी बीच संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अमित शाह का भाषण नहीं बल्कि छात्रों पर हुई कार्रवाई का जवाब चाहता है।
राहुल गांधी ने कहा, ”विपक्ष ने साफ कहा है कि हमें अमित शाह का लेक्चर नहीं सुनना। जब मैं ‘हम’ कहता हूं तो मेरा मतलब देश की युवा पीढ़ी से है। छात्रों पर गोली किसने चलवाई? कीलों वाली लाठियों से छात्रों को पीटने का आदेश किसने दिया? क्या यह आदेश अमित शाह ने दिया था? अगर दिया है तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।” उन्होंने कहा कि खड़गे जी और मैंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और पूरे विपक्ष ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि हम जवाब चाहते हैं।इसके साथ ही राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस और आरएसी दोनों गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं।
वहीं गृह मंत्री के इस बयान पर संजय सिंह ने जोरदार हमला बोलते हुए कहा, “स्टेटमेंट छोड़िए, उनको भी इस्तीफा देना पड़ेगा. भविष्य में यह नौबत आने वाली है कि उनको इस्तीफा देना पड़ेगा. आप देखिए क्या होता है, इतना आसान नहीं है.” संजय सिंह ने तंज कसते हुए आगे कहा कि गृह मंत्री खुद को लौह पुरुष कहते हैं. लौह पुरुष को ऐसे डरना नहीं चाहिए. जनता के मन में पैलेट गन और राम मंदिर चोरी पर भी कई सवाल हैं, उनपर चर्चा होनी चाहिए. संजय सिंह ने आगे कहा, “हम डरते हैं क्या? इतनी कार्रवाई हुई फिर भी, हम नहीं डरते. अब डरने की बारी आपकी है.”
वहीं इससे पहले शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि अमित शाह संसद में आने वाले हैं, ये केवल अफवाह है और अगर वो आ भी रहे हैं तो कोई एहसान नहीं कर रहे. संजय राउत ने कहा, “अमित शाह आने वाले हैं, ये अफवाह है, लोग अफवाह फैला रहे हैं और अगर शाह ने आने का मन बनाया है तो कोई मेहरबानी कर रहे हैं क्या, देश पर, लोकतंत्र पर, संसद पर? आपको आना ही पड़ेगा.”
उन्होंने आगे कहा, “आपको सदन में आना ही पड़ेगा ये जनता की ताकत है… तो आपको जवाब देना पड़ेगा. आपको तो इस्तीफा देना चाहिए अगर कोई दूसरा मंत्री होता कांग्रेस का तो अब तक आप इस्तीफा ले लेते. आपने बच्चों पर इतना अत्याचार किया है, मारा है बच्चों को तो आप क्यों बैठे हो?”



