चंदा चोरी पर गुस्से में मंत्री! कीर्तिवर्धन सिंह बोले- ‘घृणित काम करने वाले डकैत’

राम मंदिर चंदा चोरी मामले में अब विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह का बयान आया है. उन्होंने चंदा चोरी करने वालों को चोर और डकैत कहा है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: राम मंदिर चंदा चोरी मामले में अब विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह का बयान आया है. उन्होंने चंदा चोरी करने वालों को चोर और डकैत कहा है. उन्होंने कहा कि इससे बड़ा और कोई पाप का काम नहीं हो सकता है. करोड़ों लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है.

राम मंदिर चंदा चोरी का मामला इस समय पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है. इस मुद्दे पर नेताओं के बयान लगातार आ रहे हैं. इसी कड़ी में विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने भी चंदा चोरी को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने चंदा चोरी करने वालों को चोर और डकैत बताया है.

उन्होंने कहा कि ‘जहां इनका मौका मिले, अपना काम कर लेते हैं, बहुत ही घृणित काम किया है. इससे बड़ा और कोई पाप का काम नहीं हो सकता है. करोड़ों लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है. चाहे कोई छोटी मछली हो, चाहे कोई बड़ी मछली हो, कोई भी इस मामले में बचेंगे नहीं. निष्पक्ष जांच हो रही है’.

कीर्तिवर्धन सिंह ने इस मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय को लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि चंपत राय एक ऊंचे पद पर थे, जरूरी नहीं कि उनको सब जानकारी हो, वह लोगों के विश्वास में आ गए. अब ऐसी व्यवस्था बना रही है, जो कभी इस तरीके से बात वहां पर नहीं पैदा होगी.

कभी केमिस्ट्री के लेक्चरर थे चंपत राय
चंपत राय को साल 2020 में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव के रूप में नियुक्त किया गया था. बिजनौर में जन्मे 79 वर्षीय चंपत राय की गिनती अयोध्या के सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में होती थी. वह पहले बिजनौर स्थित आरएसएम डिग्री कॉलेज में केमिस्ट्री के लेक्चरर थे.

फिर 1977 में जब आपातकाल लागू था, तब उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था. वह करीब 18 महीने जेल में रहे और फिर रिहा होने के बाद उन्होंने पढ़ाना छोड़ दिया और 1980 में विश्व हिंदू परिषद (VHP) में शामिल हो गए. उसके बाद 1980 के दशक में वो राम मंदिर आंदोलन के दूसरे दर्जे के नेता बन गए थे और धीरे-धीरे उनकी पकड़ इतनी मजबूत हो गई कि वह ट्रस्ट के महासचिव बन गए.

प्रियंका गांधी ने क्या कहा?
कांग्रेस महासचिव और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार को अयोध्या राम मंदिर के लिए आवंटित धनराशि के कथित गबन से संबंधित सुरक्षा खामियों पर कड़ी निंदा की. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये चंदा केवल वित्तीय लेनदेन नहीं था, बल्कि देशभर के लाखों नागरिकों की सामूहिक आस्था और भक्ति का प्रतीक था.

पत्रकारों से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि आम नागरिकों से इकट्ठा किए गए धन का दुरुपयोग एक अभियान का हिस्सा था और यह मंदिर प्रशासन पर रखे गए भरोसे का उल्लंघन है. उन्होंने कहा कि देशभर से आस्थावान लोगों से, विश्वसियों से और आस्था रखने वालों से दान मिला था और अब वह दान चोरी हो गया है। यह दुखद है, शर्मनाक है.

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