अरब पार्टियों पर वोट चोरी का आरोप, इजरायल पुलिस बोली-कोई सबूत नहीं

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की पार्टी लिकुड ने आरोप लगाया है कि अरब राजनीतिक पार्टियों ने चुनाव के दौरान गलत तरीकों का इस्तेमाल करके वोट हासिल किए।

4पीएम न्यूज नेटवर्क:  इजरायल में चुनाव के बाद वोटों की गिनती और सरकार बनाने को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी बीच प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की पार्टी लिकुड ने अरब राजनीतिक पार्टियों पर चुनाव में धांधली करने और वोट चोरी करने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इजरायल पुलिस ने इन आरोपों पर कहा है कि फिलहाल इनके समर्थन में कोई ठोस जांच या खुफिया सबूत नहीं मिला है। चुनाव अधिकारियों की ओर से भी चुनाव में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की पुष्टि नहीं की गई है।

अरब पार्टियों पर क्या आरोप लगाए गए?

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की पार्टी लिकुड ने आरोप लगाया है कि अरब राजनीतिक पार्टियों ने चुनाव के दौरान गलत तरीकों का इस्तेमाल करके वोट हासिल किए। पार्टी ने रिश्वत देने, मतदाताओं को धमकाने, हिंसा, फर्जीवाड़े और वोटरों को मतदान केंद्र तक लाने के लिए प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल जैसे आरोप लगाए हैं।

लिकुड का कहना है कि उसने इन कथित गड़बड़ियों से जुड़े सैकड़ों बयान और अन्य सामग्री इजरायल पुलिस, घरेलू खुफिया एजेंसी शिन बेट और केंद्रीय चुनाव समिति को सौंपने की बात कही है। पार्टी ने मामले की जांच कराने की मांग भी की है। हालांकि, ये आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि उसे इन दावों की पुष्टि करने वाले जांच संबंधी या खुफिया सबूत नहीं मिले हैं। इसलिए आरोपों को फिलहाल आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

इजरायल पुलिस ने क्या कहा?

अरब पार्टियों पर वोट चोरी के आरोप लगने के बाद इजरायल पुलिस ने इन दावों पर प्रतिक्रिया दी। पुलिस के अनुसार, मतदान के दिन चुनाव की निष्पक्षता को प्रभावित करने वाली असामान्य घटनाएं बहुत कम सामने आईं। पुलिस ने यह भी कहा कि पिछले चुनावों की तुलना में भी ऐसी घटनाओं की संख्या कम थी।

पुलिस के मुताबिक, आरोपों की पुष्टि करने के लिए उसके पास फिलहाल कोई जांच संबंधी या खुफिया आधार नहीं है। इसका मतलब है कि लिकुड की ओर से लगाए गए बड़े स्तर पर चुनावी धांधली के आरोपों को पुलिस ने उपलब्ध जानकारी के आधार पर सही नहीं माना है। हालांकि, इसका यह अर्थ नहीं है कि किसी भी मतदान केंद्र पर किसी तरह की छोटी-मोटी गड़बड़ी की शिकायत हो ही नहीं सकती। किसी खास शिकायत की जांच और पूरे चुनाव में बड़े स्तर पर धांधली होने का दावा दो अलग-अलग बातें हैं।

इजरायल में चुनाव के बाद सरकार बनाने को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बातचीत और जोड़-तोड़ की संभावना बनी हुई है। अरब पार्टियों के बेहतर प्रदर्शन से उन्हें संसद में पहले के मुकाबले अधिक राजनीतिक महत्व मिल सकता है। दूसरी ओर, चुनाव में धांधली के आरोपों ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। यदि जांच के दौरान किसी विशेष शिकायत में गड़बड़ी के सबूत मिलते हैं, तो संबंधित अधिकारियों को उस पर कार्रवाई करनी होगी। लेकिन जब तक आरोपों की पुष्टि नहीं होती, तब तक किसी पार्टी को दोषी ठहराना उचित नहीं है।

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