सामूहिक विवाह समारोह में अरविंद केजरीवाल का बयान: दिखावा और कुरीतियां समाज के लिए बड़ी बाधा
गुजरात के भावनगर में एक ऐसे ही सामूहिक शादी समारोह में अरविंद केजरीवाल पहुंचे. इस दौरान उनके साथ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी थे.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: जब एक घर मे शादी होती है तो पूरे परिवार में उत्सव जैसा माहौल बन जाता है, यहां तो एक साथ 151 बेटियों की डोली उठ रही थी.
पूरा मैदान खुशियों से भरा हुआ था. गुजरात के भावनगर में एक ऐसे ही सामूहिक शादी समारोह में अरविंद केजरीवाल पहुंचे. इस दौरान उनके साथ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी थे.
गुजरात के भावनगर में एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने राजनीति से ऊपर उठकर समाज को जोड़ने का संदेश था. आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल 151 जोड़ों के सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए. चारों तरफ खुशी का माहौल था. उन्होंने नव वर वधुओं को आशीर्वाद दिया. इस दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी थे.
यह कार्यक्रम वीर मंधाता कोली समाज संगठन द्वारा किया गया, जो पिछले 12 सालों से जरूरतमंद और अनाथ बेटियों की शादी करवा रहा है. अब तक 2000 से ज्यादा बेटियों की शादी करवाई जा चुकी है. कुछ साल पहले 501 जोड़ों की शादी एक साथ करवाई गई थी.
दिखावे से बचाने का अभियान
यह सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को कर्ज और दिखावे से बचाने का अभियान है. गुजरात में कोली समाज की बड़ी संख्या है. खेती, मछली पालन और मेहनत-मजदूरी से जुड़ा यह समाज वर्षों से आर्थिक रूप से कमजोर रहा है.
शादी-ब्याह में ज्यादा खर्च की वजह से कई परिवार कर्ज में डूब जाते हैं. जमीन बेचनी पड़ती है, गहने गिरवी रखने पड़ते हैं. ऐसे में सामूहिक विवाह जैसे आयोजन गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत बनते हैं. यहां बिना फिजूल खर्च के, सम्मान के साथ बेटियों की शादी होती है.
कुरीतियों को खत्म करने का संदेश
अरविंद केजरीवाल ने मंच से किसी तरह की राजनीतिक बात नहीं की. उन्होंने सिर्फ बेटियों की खुशियों की बात की, परिवारों की जिम्मेदारियों की बात की और समाज से अपील की कि दिखावे और कुरीतियों को खत्म करें. उन्होंने कहा कि अगर समाज के बच्चों को अच्छी शिक्षा और सही अवसर मिले तो वे देश का नाम रोशन कर सकते हैं. मेहनती और प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए.
इस कार्यक्रम में हर जाति और हर धर्म की बेटियां शामिल थीं. यह सिर्फ एक समाज का नहीं, बल्कि पूरे समाज को जोड़ने का आयोजन था. आम आदमी पार्टी की यह मौजूदगी यह दिखाती है कि पार्टी सिर्फ चुनाव की राजनीति नहीं करती, बल्कि समाज के सुख-दुख में साथ खड़ी रहती है.
आयोजन में सामाजिक बदलाव का संकेत
गुजरात में आम आदमी पार्टी धीरे-धीरे अपनी जगह मजबूत कर रही है. जब नेता सामाजिक कार्यक्रमों में बिना राजनीति के शामिल होते हैं, तो लोगों के दिलों में भरोसा बनता है. यही भरोसा भविष्य की ताकत बनता है. यह आयोजन सामाजिक बदलाव का संदेश भी था और एक संवेदनशील नेतृत्व की झलक भी.



