47.6 डिग्री तापमान से तपता रहा बांदा, पूरे देश में सबसे गर्म जिला बना

बांदा में भीषण गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 47.6 डिग्री तापमान के साथ बांदा देश का सबसे गर्म जिला बन गया। लू और डिहाइड्रेशन के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं, जबकि प्रशासन ने कक्षा 8 तक के स्कूल बंद करने का फैसला लिया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बुंदेलखंड का बांदा इस समय भीषण गर्मी की ऐसी मार झेल रहा है, जिसने आम जिंदगी को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। आसमान से बरसती आग और धरती से निकलती तपिश के बीच लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। सोमवार को बांदा का अधिकतम तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसके साथ यह पूरे देश का सबसे गर्म जिला बन गया। तेज धूप और लू के थपेड़ों ने हालात इतने गंभीर कर दिए कि प्रशासन को कक्षा 8 तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित करना पड़ा। मौसम की यह भयावह स्थिति अब लोगों की सेहत पर भी भारी पड़ रही है।

सुबह से ही आग उगल रहा सूरज

बांदा में सुबह होते ही गर्म हवाओं का असर शुरू हो जाता है। दोपहर तक सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है। 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही लू लोगों के लिए खतरा बन गई है। बाजारों में भीड़ गायब है और जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग चेहरे को कपड़े से ढंककर खुद को गर्मी से बचाने की कोशिश कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई वर्षों में उन्होंने इतनी खतरनाक गर्मी महसूस नहीं की। सड़कें दोपहर के समय लगभग खाली दिखाई दे रही हैं और शहर की रफ्तार धीमी पड़ गई है।

अस्पतालों में बढ़े मरीज, डिहाइड्रेशन और लू के केस बढ़े

भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर दिखाई दे रहा है। जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। सामान्य दिनों में जहां 20 से 25 मरीज भर्ती होते थे, वहीं अब हर दिन 40 से 45 मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। अस्पताल में लू लगने, डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त और तेज बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। तीमारदार सुरेश धुरिया ने बताया कि गर्मी की वजह से मरीजों की हालत तेजी से बिगड़ रही है और अस्पतालों में दबाव बढ़ता जा रहा है।

डॉक्टरों ने जारी की चेतावनी

जिला अस्पताल बांदा के ईएमओ डॉ. विनीत सचान ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह गर्मी बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। उन्होंने लोगों को दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक घरों के भीतर रहने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और सीधी धूप से बचने की अपील की है। डॉक्टरों का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर स्वास्थ्य समस्या पैदा कर सकती है।

अगले कुछ दिन और मुश्किल भरे

मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल राहत मिलने की संभावना कम नजर आ रही है। बुंदेलखंड क्षेत्र में अगले कुछ दिनों तक लू का प्रकोप जारी रह सकता है। ऐसे में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग दोनों अलर्ट मोड पर हैं। बांदा के लोगों के लिए इस समय सबसे बड़ी चुनौती खुद को इस भीषण गर्मी से सुरक्षित रखना है। हर किसी की नजर अब आसमान पर टिकी है, इस उम्मीद के साथ कि जल्द मौसम बदले और लोगों को इस तपिश से राहत मिले।

रिपोर्ट – इक़बाल खान

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