मां का कटा हाथ लेकर कमिश्नरेट पहुंचा ITBP जवान, कानपुर में मचा हड़कंप
कानपुर में ITBP जवान विकास सिंह अपनी मां का कटा हाथ लेकर पुलिस कमिश्नरेट पहुंच गया। जवान ने कृष्णा हॉस्पिटल के डॉक्टरों पर बिना सहमति हाथ काटने और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कानपुर पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय में मंगलवार को उस समय हर कोई सन्न रह गया, जब Indo-Tibetan Border Police यानी ITBP में तैनात एक जवान अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर न्याय की गुहार लगाने पहुंच गया। यह मामला सामने आते ही पुलिस महकमे से लेकर स्वास्थ्य विभाग तक हलचल तेज हो गई। जवान ने टाटमिल स्थित कृष्णा हॉस्पिटल के डॉक्टरों पर इलाज में गंभीर लापरवाही और बिना अनुमति हाथ काटने का आरोप लगाया है।
सांस लेने में दिक्कत के बाद अस्पताल में कराया था भर्ती
महाराजपुर थाना क्षेत्र निवासी विकास सिंह वर्तमान में ITBP की 32वीं बटालियन में सिपाही के पद पर तैनात हैं। विकास सिंह के अनुसार उनकी मां निर्मला देवी को सांस लेने में तकलीफ होने के बाद टाटमिल स्थित कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।
परिवार का आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टरों ने अचानक निर्मला देवी का हाथ काट दिया। सबसे गंभीर बात यह बताई जा रही है कि परिवार की सहमति लिए बिना यह फैसला लिया गया। पीड़ित बेटे का कहना है कि अस्पताल प्रशासन ने उन्हें पूरी जानकारी नहीं दी और जबरन हाथ काटने की कार्रवाई कर दी गई।
मां का कटा हाथ लेकर पहुंचा पुलिस कमिश्नर कार्यालय
घटना के बाद भावुक और नाराज विकास सिंह अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर सीधे कानपुर पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय पहुंच गए। वहां उन्होंने अस्पताल प्रशासन और संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की। कमिश्नरेट परिसर में यह दृश्य देखकर मौजूद पुलिसकर्मी और अन्य लोग भी स्तब्ध रह गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने तुरंत शिकायत को संज्ञान में लिया।
ITBP बटालियन में भी मचा हड़कंप
इस घटना के बाद ITBP की बटालियन में भी हलचल मच गई है। बटालियन के लाइजनिंग ऑफिसर अर्पित सिंह ने बताया कि इससे पहले भी कृष्णा हॉस्पिटल को लेकर शिकायतें सामने आ चुकी हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले भी दो जवानों के साथ अस्पताल में गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं। इस बयान के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली और इलाज के तरीके पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने जांच के आदेश दे दिए हैं। पुलिस अब अस्पताल प्रशासन, डॉक्टरों और इलाज से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। यदि जांच में लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे बड़े सवाल
यह मामला केवल एक परिवार की पीड़ा तक सीमित नहीं है, बल्कि निजी अस्पतालों में इलाज की पारदर्शिता और मरीजों की सहमति जैसे गंभीर मुद्दों को भी सामने लाता है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी अंग को काटने जैसे बड़े निर्णय में परिवार की स्पष्ट सहमति और मेडिकल प्रक्रिया का पालन बेहद जरूरी होता है। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि डॉक्टरों का फैसला मेडिकल जरूरत था या फिर इलाज में लापरवाही का मामला।
रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा
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